ग्वालियर नगर निगम परिषद के जल विहार परिसर में बने जलकुंड में बड़ी संख्या में मछलियों की मौत का मामला सामने आया है। आरोप है कि दो दिन पहले यहां फिल्म की शूटिंग के लिए अनुमति दी गई थी। शूटिंग के दौरान तालाब का पानी खाली कर मछलियों को बाहर निकालने की बात सामने आई है। पानी की कमी के कारण मछलियों की मौत होने की आशंका है, हालांकि वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी। अपर आयुक्त मुनीश सिकरवार ने शनिवार को जांच के निर्देश दिए। कर्मचारियों ने बताया- परमिशन होने की बात कही थी जल विहार में काम करने वाले कर्मचारियों के मुताबिक, कुछ लोग फिल्म की शूटिंग के लिए पहुंचे थे। अनुमति के बारे में पूछने पर उन्होंने महापौर कार्यालय और नगर निगम से परमिशन मिलने की बात कही थी। कर्मचारियों को पार्क प्रभारी बंसल का नाम भी बताया गया था। हालांकि, शूटिंग की अनुमति किसने और किन शर्तों पर दी थी, यह अभी स्पष्ट नहीं है। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें शूटिंग के दौरान की गई गतिविधियों की पूरी जानकारी नहीं थी। अब जलकुंड में बड़ी संख्या में मछलियां मृत अवस्था में मिली हैं। अपर्णा पाटिल बोलीं- दोषियों पर हो कार्रवाई भाजपा पार्षद अपर्णा पाटिल ने कहा कि जल विहार में पहले मछलियां तैरती दिखाई देती थीं और उन्हें देखने लोग आते थे। अब यहां बड़ी संख्या में मछलियां मृत पड़ी हैं, जो बेहद दुखद है। उन्होंने कहा कि शूटिंग के दौरान क्या गतिविधियां हुईं और मछलियों की मौत किस वजह से हुई, इसकी जांच जरूरी है। पाटिल ने बताया कि वह इस मामले में महापौर, सभापति और निगम आयुक्त से चर्चा करेंगी। लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की मांग भी करेंगी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब जल विहार परिसर में ही महापौर और सभापति के कार्यालय हैं और परिषद की बैठक भी चल रही थी, तो इस गंभीर मामले पर पहले ध्यान क्यों नहीं दिया गया। अपर आयुक्त ने दिए जांच के निर्देश अपर आयुक्त मुनीश सिकरवार ने बताया कि परिषद की बैठक के दौरान जल विहार के जलकुंड में मछलियां मृत मिलने की जानकारी सामने आई थी। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में मछलियों की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए जांच के निर्देश दे दिए गए हैं। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि मछलियों की मौत कैसे हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।

