सीवान के नगर थाना क्षेत्र के बैलहटा पोखरा के समीप दिनदहाड़े पुलिसकर्मी बनकर आए उचक्कों ने जांच का झांसा देकर एक व्यक्ति के झोले से करीब एक लाख रुपये उड़ा लिए। पीड़ित असांव थाना क्षेत्र के पतार गांव निवासी शंभू वर्णवाल हैं। वह अपने बेटे सोनू कुमार वर्णवाल के साथ सीवान शहर में झाड़ू खरीदने आए थे। घटना की सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान में जुट गई। पीड़ित शंभू वर्णवाल ने पुलिस को बताया कि वह अपने बेटे के साथ बैलहटा बाजार में झाड़ू खरीदने पहुंचे थे। इसी दौरान एक बाइक पर सवार होकर दो युवक वहां पहुंचे। खरीदारी के करीब एक लाख रुपये निकाले उनमें से एक युवक बाइक से उतरकर उनके पास आया और खुद को सादे कपड़ों में तैनात पुलिसकर्मी बताते हुए कहा कि मेले के दौरान जांच की ड्यूटी लगी है। उसने पास में अधिकारी के खड़े होने की बात कहकर दोनों को अपने पास बुलाया। इसके बाद आरोपी ने शंभू वर्णवाल और उनके बेटे की तलाशी लेने के बहाने उनके पॉकेट, झोले और अन्य सामान की जांच शुरू कर दी। इस दौरान उसने किसी से कुछ नहीं बताने की हिदायत भी दी। पीड़ित के अनुसार,आरोपियों ने उनके बेटे की जेब से निकाले गए रुपये वापस कर दिए, लेकिन उनके पॉकेट में रखे पैसे और झोले में मौजूद खरीदारी के करीब एक लाख रुपये निकाल लिए। गश्ती पदाधिकारी को मौके पर भेजकर छानबीन कराई हालांकि उस समय उन्हें इसकी जानकारी नहीं हुई। तलाशी का नाटक करने के बाद आरोपियों ने दोनों को वहां से जल्दी चले जाने को कहा। इसके बाद शंभू वर्णवाल और उनका बेटा दोबारा दुकान पर पहुंचे और झाड़ू खरीदने के बाद भुगतान के लिए झोला देखा,तो उसमें रखे रुपये गायब मिले। इसके बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने तत्काल पुलिस को घटना की सूचना दी। पीड़ित के आवेदन के आधार पर मामला दर्ज नगर थाना प्रभारी अविनाश कुमार ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही गश्ती पदाधिकारी को मौके पर भेजकर छानबीन कराई गई। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच में बाइक सवार दो युवक दिखाई दिए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि युवकों ने जांच के नाम पर पीड़ित को गुमराह कर रुपये निकाल लिए पीड़ित के आवेदन के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से संदिग्ध युवकों की पहचान करने और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है। सीवान के नगर थाना क्षेत्र के बैलहटा पोखरा के समीप दिनदहाड़े पुलिसकर्मी बनकर आए उचक्कों ने जांच का झांसा देकर एक व्यक्ति के झोले से करीब एक लाख रुपये उड़ा लिए। पीड़ित असांव थाना क्षेत्र के पतार गांव निवासी शंभू वर्णवाल हैं। वह अपने बेटे सोनू कुमार वर्णवाल के साथ सीवान शहर में झाड़ू खरीदने आए थे। घटना की सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान में जुट गई। पीड़ित शंभू वर्णवाल ने पुलिस को बताया कि वह अपने बेटे के साथ बैलहटा बाजार में झाड़ू खरीदने पहुंचे थे। इसी दौरान एक बाइक पर सवार होकर दो युवक वहां पहुंचे। खरीदारी के करीब एक लाख रुपये निकाले उनमें से एक युवक बाइक से उतरकर उनके पास आया और खुद को सादे कपड़ों में तैनात पुलिसकर्मी बताते हुए कहा कि मेले के दौरान जांच की ड्यूटी लगी है। उसने पास में अधिकारी के खड़े होने की बात कहकर दोनों को अपने पास बुलाया। इसके बाद आरोपी ने शंभू वर्णवाल और उनके बेटे की तलाशी लेने के बहाने उनके पॉकेट, झोले और अन्य सामान की जांच शुरू कर दी। इस दौरान उसने किसी से कुछ नहीं बताने की हिदायत भी दी। पीड़ित के अनुसार,आरोपियों ने उनके बेटे की जेब से निकाले गए रुपये वापस कर दिए, लेकिन उनके पॉकेट में रखे पैसे और झोले में मौजूद खरीदारी के करीब एक लाख रुपये निकाल लिए। गश्ती पदाधिकारी को मौके पर भेजकर छानबीन कराई हालांकि उस समय उन्हें इसकी जानकारी नहीं हुई। तलाशी का नाटक करने के बाद आरोपियों ने दोनों को वहां से जल्दी चले जाने को कहा। इसके बाद शंभू वर्णवाल और उनका बेटा दोबारा दुकान पर पहुंचे और झाड़ू खरीदने के बाद भुगतान के लिए झोला देखा,तो उसमें रखे रुपये गायब मिले। इसके बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने तत्काल पुलिस को घटना की सूचना दी। पीड़ित के आवेदन के आधार पर मामला दर्ज नगर थाना प्रभारी अविनाश कुमार ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही गश्ती पदाधिकारी को मौके पर भेजकर छानबीन कराई गई। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच में बाइक सवार दो युवक दिखाई दिए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि युवकों ने जांच के नाम पर पीड़ित को गुमराह कर रुपये निकाल लिए पीड़ित के आवेदन के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से संदिग्ध युवकों की पहचान करने और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है।

