जींद के तलौडा में बेटे के हत्यारोपी पिता पूर्व सरपंच दो दिन का रिमांड खत्म होने पर आज कोर्ट में पेश होंगे। पुलिस ने दो दिन के रिमांड पर वारदात के बाद भागने के लिए प्रयोग वैगनार को चंडीगढ़ से बरामद कर ली। आरोपी ने भागते समय अपनी लाइसेंसी पिस्टैल गांव में स्कूल के पास तालाब में फेंक दी थी। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने तालाब की निशानदेही कर ली है। तालाब में गंदा पानी भरा हुआ है। सूत्रों का कहना है कि पुलिस गोताखोरों के साथ तालाब को खाली करने पर विचार कर रही है। जिससे तालाब में फेंकी गई आरोपी की पिस्तौल को बरामद किया जा सके। पुलिस मौके से गोलियों के 7 खोल पहले ही बरामद कर चुकी है। मामले में नामजद पांच आरोपियों की भी अभी तक गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। एसपी ने सदर पुलिस के साथ सीआईए जींद को भी जांच की जिम्मेदारी सौंपी थी। उधर आरोपी के सरेंडर के दौरान वकील और पुलिस के बीच हुए विवाद में एडहॉक कमेटी का प्रतिनिधिमंडल एसपी से मिला। वकीलों की बात सुनने के बाद एसपी ने एएसपी को मामले की जांच सौंप दी। उन्होंने जांच में दोषी पाए जाने पर पुलिस कर्मियों के खिलाफ उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। एसीजेएम को दी थी शिकायत अधिवक्ता वीरेंद्र जेपी सिंह ने वीरवार देर शाम एडिशन चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (ACJM) को अपनी शिकायत दी थी। जिसमें नायब कोर्ट सुरेंद्र व सुधीर तथा तीन चार अन्य पुलिस कर्मियों पर मिसहैंडलिंग व गाली-गलौच करने तथा जबरदस्ती आरोपी को कब्जे से ले जाने का प्रयास करने के आरोप लगाए थे। शिकायत में पुलिस कर्मियों पर मारपीट करने, अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने और झूठे केस में फंसाने की धमकी देने के आरोप लगाते हुए कार्रवाई की गुहार लगाई थी। बेटे के हत्यारोपी के कोर्ट में सरेंडर के दौरान यह विवाद हुआ था। एसपी से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में अधिवक्ता हरिमोहन शर्मा, एनके कंसल व शमशेर नेहरा शामिल थे। छह के खिलाफ केस दर्ज मृतक मुरारी की पत्नी शिवानी की शिकायत पर सदर पुलिस ने चंडीगढ़ पुलिस में एसआई रहे पूर्व सरपंच मदन लाल के अलावा उनकी पत्नी मंजीत, बेटी पूजा, साले की बेटी वंदना के अलावा ग्रामीण गुरबख्श और कमलु के खिलाफ केस दर्ज किया था। मुख्य आरोपी पूर्व सरपंच को पुलिस ने वीरवार को कोर्ट में सरेंडर करते समय गिरफ्तार कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया था। आरोपी चंडीगढ़ में कारोबारी पुलिस की नौकरी छोड़ने के बाद मदन लाल ने चंडीगढ़ में अपना होटल व दूसरा कारोबार शुरू किया था। मदन पत्नी के साथ चंडीगढ़ में ही रहते थे। बेटी पूजा विदेश में रहती हैं। गांव खेड़ा खेड़ी निवासी वंदना पिता की मौत के बाद अपनी बुआ-फुफा के पास आ गई थी। बताया जाता है कि वंदना फिलहाल मुंबई में रहती है तथा घटना के दिन बुआ- फुफा के साथ गांव आई हुई थी। जबकि बेटा मुरारी पत्नी, बहन आंचल और दो वर्षीय बेटे के साथ गांव में रहता था। जानिए क्या था मामला प्रॉपर्टी बेचने को लेकर मदन लाल का अपने बेटे मुरारी के साथ लंबे समय से विवाद चला आ रहा था। पिता प्रॉपर्टी बेचना चाहते थे, जबकि बेटा इसके खिलाफ था। वीरवार की रात गुगल के बेटे की घुड्चढ़ी के दौरान डीजे पर दोनों के बीच एक बार फिर विवाद हो गया। विवाद के बाद मुरारी को गुरबख्श के घर छोड़ दिया। मुरारी की कॉल पर डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस के आने पर मुरारी ने जैसे ही दरवाजा खोला, मदन लाल ने लाइसेंस पिस्तौल से फायरिंग शुरू कर दी। गोली लगने से मुरारी जमीन पर गिर पड़ा। बेटे के जमीन पर गिरने के बाद भी पिता फायरिंग करते रहे और मौके से फरार हो गए थे। मुरारी के सिर, गर्दन, पेट व छाती के नीचे चार गोलियां लगी थी। पुलिस को मौके से 7 खोल मिले थे। शिवानी ने अपनी शिकायत में डायल 112 की मौजूदगी में अपने पति की हत्या करने व गोली चलने पर डायल 112 की टीम के मौके से भागने के भी आरोप लगाए थे। तालाब से निकालेंगे पिस्तौल एसएचओ सदर मनीष कुमार ने बताया कि पुलिस ने आरोपी की शिनाख्त पर गाड़ी बरामद कर ली है। आरोपी ने पिस्तौल भागते समय रास्ते में फेंक दी दी। जिसे बरामद करना अभी बाकी है। आरोपी से पूछताछ जारी है और दो दिन का रिमांड खत्म होने पर उसे कल कोर्ट में पेश किया जाएगा।

