Morne Morkel on Team India: भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पांचवें और अंतिम टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला 17 अक्टूबर को भारतीय समयानुसार शाम 7 बजे से बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाएगा। भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप के चोटिल होने के बाद अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार को टीम में शामिल किया है। ऐसे में भारत के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने भुवनेश्वर कुमार की वापसी का स्वागत किया।
भुवनेश्वर कुमार को लेकर मोर्न मोर्कल ने कहा, ‘मैं उन्हें टीम में वापस पाकर बेहद उत्साहित हूं। उन्होंने RCB के लिए शानदार प्रदर्शन किया है। मुझे लगता है कि उनका अनुभव हमारे युवा गेंदबाजी आक्रमण के लिए काफी उपयोगी साबित होगा। उन्हें वापस पाकर अच्छा लग रहा है। मैं इसके लिए काफी उत्साहित हूं।’
हम जानते हैं यह बड़े स्कोर वाला मैदान’
मोर्ने मोर्कल ने कहा, ‘हमने कुछ गेंदबाजों के साथ चर्चा की, ताकि उन क्षेत्रों की पहचान की जा सके जिन पर काम करने की जरूरत है और यह समझा जा सके कि बेंगलुरु में हमें किन परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। हम जानते हैं कि यह बड़े स्कोर वाला मैदान है, जहां हमारी क्षमताओं की परीक्षा होगी।
हम काफी योजना बना सकते हैं और इस बारे में बहुत सारी बातचीत कर सकते हैं, लेकिन मेरे लिए सबसे अहम बात युवा गेंदबाजी आक्रमण को दबाव में बेहतर फैसले लेने में मदद करना है। अंत में आपको अपनी योजनाओं को मैदान पर लागू करना ही होता है। आप लेग साइड पर यॉर्कर या वाइड यॉर्कर डालने की बात कर सकते हैं, लेकिन आपको लगातार सही जगह पर गेंद डालनी आनी चाहिए। यह अनुभव और मैच खेलने से ही आता है।
भारतीय गेंदबाजों पर जताया भरोसा
भारतीय गेंदबाजी कोच मोर्कल ने अपने गेंदबाजों पर भरोसा जताया और सीरीज में भारतीय गेंदबाजी इकाई के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि दोनों छोर से लगातार दबाव बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने प्रिंस यादव की भी तारीफ की और कहा कि उन्होंने बुनियादी बातों पर ध्यान देते हुए अपनी ताकत को समझा है तथा अपनी क्षमताओं का प्रभावी ढंग से इस्तेमाल किया है।
मोर्कल ने अंत में कहा, ‘मुझे लगता है कि इस सीरीज में हमने इस मामले में अब तक अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन आप यह बर्दाश्त नहीं कर सकते कि दोनों छोर से गेंदबाज अपनी योजनाओं को लागू करने में नाकाम रहें। इससे बल्लेबाजी करने वाली टीम को लय मिल जाती है और एक बार लय हासिल होने के बाद उसे वापस छीनना बेहद मुश्किल हो जाता है।’

