कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेता अभिजीत दीपके और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की अध्यक्ष नेहा बोरा को दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को लहरा दो तिरंगा प्रदर्शन में भाग लेने जाते समय एहतियातन हिरासत में ले लिया। दीपके को झंडेवालान स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया गया, वहीं बोरा को मंडी हाउस से हिरासत में लिया गया। इन हिरासतों के दौरान भीड़, कैमरा कर्मियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की के दृश्य देखने को मिले।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि हिरासत में लेने के बाद दीपके को जाफरपुर कलां थाने ले जाया गया। पुलिस ने कनॉट प्लेस पहुंचे प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेना भी शुरू कर दिया। एक पुलिस अधिकारी ने बताया, जो लोग कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें हिरासत में लिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अब तक लगभग 150 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। इससे पहले दिन में, दिल्ली पुलिस के 20 से अधिक पुलिसकर्मी झंडेवालान स्थित दीपके के आवास पर पहुंचे और उन्हें एक नोटिस थमाया, जिसमें उनसे ऐसा कोई भी कदम उठाने से बचने का निर्देश दिया गया जिससे नागरिकों, व्यापारियों, यात्रियों, मरीजों और अन्य लोगों के अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। हिरासत की कार्रवाई शुक्रवार शाम को प्रदर्शन से पहले राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच हुई हैं।
दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए संसद मार्ग थाने स्थित नयी दिल्ली जिले के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) कार्यालय का दौरा किया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, हमने दीपके और बोरा को हिरासत में ले लिया है। स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण है।
कुछ प्रदर्शनकारी कनॉट प्लेस पहुंच गए हैं और उन्हें जल्द ही हटा दिया जाएगा। हमारा मुख्य उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना और सुचारू यातायात आवाजाही सुनिश्चित करना है। सुरक्षाकर्मियों ने कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क की घेराबंदी कर दी और इसकी धातु की रेलिंग के साथ एक मानव श्रृंखला बना दी।
पार्क के बाहर आंसू गैस के गोले दागने वाले वाहन और एक वज्र वाहन तैनात किया गया था, जबकि भीतर रैपिड एक्शन फोर्स के जवानों को तैनात किया गया था। कनॉट प्लेस के इनर और आउटर सर्किल में यातायात को नियंत्रित करने के लिए कई यातायात पुलिस कर्मियों को भी तैनात किया गया था। पुलिस ने विभिन्न नारे लगा रहे अलग-अलग समूहों को मार्च की अनुमति दी।
कुछ प्रदर्शनकारी तिरंगा लहराते हुए पहुंचे। कॉजपा और छात्र संगठनों के सदस्यों सहित सैकड़ों प्रदर्शनकारी कनॉट प्लेस और मंडी हाउस में विरोध-प्रदर्शन के लिए एकत्र हुए और पुलिस की भारी तैनाती के बीच राष्ट्रीय ध्वज फहराया। हालांकि पुलिस की भारी तैनाती के बीच कनॉट प्लेस और मंडी हाउस में राष्ट्रीय ध्वज लिए कॉजपा के सैकड़ों समर्थकों और छात्र संगठनों के सदस्यों ने विरोध-प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने कनॉट प्लेस के इनर सर्किल में पैदल मार्च किया और अलग-अलग जगहों पर रुक-रुक कर जय हिंद के नारे लगाए। कुछ लोगों ने राष्ट्रगान भी गाया। वे इस दौरान तितर-बितर होने के साथ ही फिर से इकट्ठा होते रहे।
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के छात्रों और सदस्यों ने मंडी हाउस पर प्रदर्शन किया। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को वापस लेने और 2023 के निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति से संबंधी अधिनियम को वापस लेने की मांग की। जब पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने का प्रयास किया, तो प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच मामूली कहासुनी हो गई।
ये प्रदर्शन कॉजपा के लहरा दो तिरंगा मार्च के आह्वान पर हो रहा था। संगठन ने शाम पांच बजे कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में तिरंगा लहराने का ऐलान किया था। हालांकि, पुलिस ने कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा का हवाला देते हुए मार्च की अनुमति नहीं दी थी।
सेंट्रल पार्क को शुक्रवार और शनिवार को आम जनता के लिए बंद कर दिया गया है। पत्रकार और स्वतंत्र यूट्यूब रिपोर्टर इन प्रदर्शनों को कवर करते देखे गए। इस दौरान कुछ स्वतंत्र यूट्यूब पत्रकारों के साथ धक्का-मुक्की की गई।
कानून और व्यवस्था की किसी भी स्थिति से निपटने के लिए नयी दिल्ली इलाके में 6,000 से अधिक पुलिसकर्मियों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) की 220 कंपनियों को तैनात किया गया है।

