केंद्रीय खेल मंत्रालय ने 2030 में अहमदाबाद में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन के लिए गुजरात सरकार को 2000 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता देने की प्रतिबद्धता जताई है। इस राशि का प्रावधान राष्ट्रीय खेल महासंघों को सहायता देने की संशोधित योजना के तहत किया गया है। अहमदाबाद को पिछले साल राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी मिली थी।उसने इस आयोजन के लिए नाइजीरिया की चुनौती को पीछे छोड़ते हुए शताब्दी संस्करण की मेजबानी हासिल की। मंत्रालय ने कहा कि यह राशि 2025 की दरों पर आधारित है और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के अनुसार इसमें बदलाव के बाद वर्ष 2030 तक इसके करीब 2500 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि गुजरात सरकार की ओर से जरूरत के अनुसार सहायता राशि जारी करने का अनुरोध मिलने पर धन उपलब्ध कराया जाएगा।मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि गुजरात सरकार को दी जाने वाली यह सहायता राष्ट्रीय खेल महासंघ सहायता योजना (एएनएसएफ) के तहत उपलब्ध कराए जाने वाले बजट से पूरी की जाएगी। इस योजना को 16वें वित्त आयोग के कार्यकाल के तहत 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी गई है। इसके लिए कुल 7,386.74 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।मंत्रालय के अनुसार ‘‘राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन के लिए गुजरात सरकार को 2025 की कीमतों के आधार पर अधिकतम 2000 करोड़ रुपये की सहायता दी जाएगी। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर समायोजन के बाद 2030 में यह राशि लगभग 2500 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। जरूरत के मुताबिक, गुजरात सरकार के अनुरोध पर राशि जारी की जाएगी।’’
इस साल ग्लासगो में आयोजित होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों का कार्यक्रम बजट की कमी के कारण काफी सीमित कर दिया गया था।वहां केवल 10 खेलों को शामिल किया गया है और हॉकी, कुश्ती तथा क्रिकेट जैसे लोकप्रिय खेलों को कार्यक्रम से बाहर रखा गया है। इसके मुकाबले अहमदाबाद में 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों को बड़े स्तर पर आयोजित करने की तैयारी है। भारत की योजना प्रतियोगिता में 15 से 17 खेलों को शामिल करने की है।इससे खिलाड़ियों और खेल प्रशंसकों को अधिक स्पर्धाओं का अवसर मिलने की उम्मीद है।
केंद्रीय खेल मंत्रालय ने 2030 में अहमदाबाद में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन के लिए गुजरात सरकार को 2000 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता देने की प्रतिबद्धता जताई है। इस राशि का प्रावधान राष्ट्रीय खेल महासंघों को सहायता देने की संशोधित योजना के तहत किया गया है। अहमदाबाद को पिछले साल राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी मिली थी।
उसने इस आयोजन के लिए नाइजीरिया की चुनौती को पीछे छोड़ते हुए शताब्दी संस्करण की मेजबानी हासिल की। मंत्रालय ने कहा कि यह राशि 2025 की दरों पर आधारित है और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के अनुसार इसमें बदलाव के बाद वर्ष 2030 तक इसके करीब 2500 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि गुजरात सरकार की ओर से जरूरत के अनुसार सहायता राशि जारी करने का अनुरोध मिलने पर धन उपलब्ध कराया जाएगा।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि गुजरात सरकार को दी जाने वाली यह सहायता राष्ट्रीय खेल महासंघ सहायता योजना (एएनएसएफ) के तहत उपलब्ध कराए जाने वाले बजट से पूरी की जाएगी। इस योजना को 16वें वित्त आयोग के कार्यकाल के तहत 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी गई है। इसके लिए कुल 7,386.74 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।
मंत्रालय के अनुसार ‘‘राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन के लिए गुजरात सरकार को 2025 की कीमतों के आधार पर अधिकतम 2000 करोड़ रुपये की सहायता दी जाएगी। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर समायोजन के बाद 2030 में यह राशि लगभग 2500 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। जरूरत के मुताबिक, गुजरात सरकार के अनुरोध पर राशि जारी की जाएगी।’’
इस साल ग्लासगो में आयोजित होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों का कार्यक्रम बजट की कमी के कारण काफी सीमित कर दिया गया था।
वहां केवल 10 खेलों को शामिल किया गया है और हॉकी, कुश्ती तथा क्रिकेट जैसे लोकप्रिय खेलों को कार्यक्रम से बाहर रखा गया है। इसके मुकाबले अहमदाबाद में 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों को बड़े स्तर पर आयोजित करने की तैयारी है। भारत की योजना प्रतियोगिता में 15 से 17 खेलों को शामिल करने की है।
इससे खिलाड़ियों और खेल प्रशंसकों को अधिक स्पर्धाओं का अवसर मिलने की उम्मीद है।
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