दतिया जिले में फसल कटाई के बाद खेतों में नरवाई (पराली) जलाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट स्वप्निल वानखेड़े ने 15 अक्टूबर को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी किया है। इसके तहत कोई भी किसान, भूमि स्वामी या अन्य व्यक्ति खेतों में फसल अवशेष नहीं जला सकेगा। वहीं, फसल कटाई के लिए इस्तेमाल होने वाले कंबाइन हार्वेस्टर में सुपर स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम (सुपर SMS) या स्ट्रॉ रीपर होना अनिवार्य किया गया है। बिना SMS के कटाई पर रोक आदेश के मुताबिक, जिले में बिना सुपर SMS या स्ट्रॉ रीपर वाले कंबाइन हार्वेस्टर से फसल कटाई नहीं की जा सकेगी। मशीन में SMS लगा होने के साथ उसका चालू हालत में होना भी जरूरी है। निरीक्षण के दौरान मशीन में सिस्टम नहीं मिलने या उसके काम नहीं करने पर संबंधित अधिकारियों द्वारा वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। खेतों में निगरानी करेंगे अधिकारी नरवाई जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और पटवारियों को अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। उल्लंघन की जानकारी तत्काल संबंधित एसडीएम, कृषि विभाग और जिला प्रशासन को देनी होगी। एसडीएम अपने-अपने क्षेत्रों में राजस्व, कृषि और पुलिस विभाग के अधिकारियों के माध्यम से आदेश का पालन सुनिश्चित कराएंगे। किसानों को बताएंगे फसल अवशेष प्रबंधन के तरीके कृषि विभाग किसानों और हार्वेस्टर संचालकों को आदेश की जानकारी देने के साथ फसल अवशेषों के वैज्ञानिक एवं पर्यावरण अनुकूल प्रबंधन के विकल्प भी बताएगा। प्रशासन के मुताबिक, नरवाई जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है, जमीन की उर्वरा शक्ति प्रभावित होती है और आगजनी का खतरा रहता है। उल्लंघन पर होगी कार्रवाई कलेक्टर के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।

