SSY Calculator: बच्चों की हायर एजुकेशन और शादी में होने वाले खर्चे बढ़ते जा रहे हैं। निम्न और मिडिल क्लास फैमिली के लिए इन खर्चों के लिए रकम जुटाना एक बड़ी चुनौती रहती है। अगर आप बच्चों के जन्म से या उनके बचपन से ही इन खर्चों के लिए निवेश करें, तो एक अच्छा-खासा फंड तैयार हो सकता है। बेटियों के मामले में सुकन्या समृद्धि योजना काफी लोकप्रिय है। इसमें निवश करके पेरेंट्स अपनी बेटी की हायर एजुकेशन और शादी के लिए अच्छा-खासा फंड जमा कर सकते हैं। यह एक सरकार समर्थित स्कीम है, इसलिए इसमें रिटर्न भी अच्छा मिलता है और आपका पैसा भी सुरक्षित रहता है।
सुकन्या समृद्धि योजना में मिल रहा 8.2% ब्याज
सुकन्या समृद्धि योजना में इस समय 8.2 फीसदी सालाना का अच्छा-खासा रिटर्न मिल रहा है। इस योजना में एक वित्त वर्ष में न्यूनतम 250 रुपये और अधिकतम 1,50,000 रुपये इन्वेस्ट कर सकते हैं। इस योजना में आप चाहें तो साल में एक बार एकमुश्त निवेश भी कर सकते हैं या हर महीने भी पैसा जमा कर सकते हैं। आप कितनी भी बार अकाउंट में पैसा जमा करा सकते हैं।
10 साल से कम उम्र की बेटी का खुलता है खाता
सुकन्या समृद्धि योजना में 10 साल से कम उम्र की लड़की का अकाउंट खोला जा सकता है। पेरेंट्स अपनी बेटी के नाम पर यह खाता खुला सकते हैं। एक परिवार में से अधिकतम दो बेटियों के लिए यह अकाउंट खोला जा सकता है। हालांकि, जुड़वां या तीन बेटियों के एक साथ जन्म लेने जैसी विशेष परिस्थितियों में दो से अधिक खाते खोलने की अनुमति मिल सकती है।
एजुकेशन के लिए निकाल सकते हैं 50% रकम
इस खाते में 15 साल तक पैसा जमा करना होता है। अगर किसी वित्त वर्ष में न्यूनतम 250 रुपये इस खाते में नहीं डाले गए, तो अकाउंट को डिफॉल्ट अकाउंट की तरह ट्रीट किया जाता है। इस योजना में किया गया निवेश सेक्शन 80सी के तहत टैक्स छूट के योग्य होता है। खाताधारक जब 18 साल की हो जाती है या 10वीं कक्षा पास कर लेती है, तो उस स्तिथि में उपलब्ध बैलेंस के 50 फीसदी तक की रकम हायर एजुकेशन के लिए निकाल सकती है।
कब मैच्योर होता है खाता?
खाता ओपन होने के 21 साल बाद मैच्योर होता है। अगर इस अवधि से पहले बेटी की शादी होनी हो, तो उस स्थिति में भी खाते से पूरी रकम निकाली जा सकती है। अगर आप बेटी के जन्म के समय ही इस योजना में अकाउंट खुला दें, तो उसके 21 साल के होने पर अकाउंट मैच्योर हो जाएगा। इस योजना में निवेश पर मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम भी टैक्स फ्री होती है।
6000 रुपये महीने निवेश पर कितना मिलेगा रिटर्न
मान लीजिए आपकी बेटी का आप साल 2026 में सुकन्या समृद्धि योजना में खाता खुलवाते हैं और 6000 रुपये महीने यानी 72,000 रुपये सालाना इस स्कीम में इन्वेस्ट करते हैं। इस स्कीम में 15 साल तक इन्वेस्ट करना होता है, ऐसे में आप 15 साल में कुल 10,80,000 रुपये इन्वेस्ट कर चुके होंगे। यह खाता 21 साल में मैच्योर होता है। यानी 6 साल तक आपको बिना इन्वेस्ट किये ब्याज मिलता रहेगा। इस तरह 21 साल बाद साल 2047 में आपके पास 33,25,237 रुपये का फंड जमा हो जाएगा। इसमें 22,45,237 रुपये ब्याज आय शामिल होगी।
| विवरण | ₹6,000 मासिक निवेश | ₹12,000 मासिक निवेश |
|---|---|---|
| हर महीने निवेश | ₹6,000 | ₹12,000 |
| सालाना निवेश | ₹72,000 | ₹1,44,000 |
| निवेश की अवधि | 15 साल | 15 साल |
| कुल जमा राशि | ₹10,80,000 | ₹21,60,000 |
| मैच्योरिटी अवधि | 21 साल | 21 साल |
| खाता खुलने का साल | 2026 | 2026 |
| मैच्योरिटी का साल | 2047 | 2047 |
| मैच्योरिटी पर कुल फंड | ₹33,25,237 | ₹66,50,475 |
| कुल ब्याज से कमाई | ₹22,45,237 | ₹44,90,475 |
12,000 रुपये महीने निवेश पर कितना बनेगा फंड
अगर आप इस स्कीम में 12,000 रुपये महीने यानी 1,44,000 रुपये सालाना इन्वेस्ट करें, तो 15 साल में कुल 21,60,000 रुपये इन्वेस्ट हो जाएंगे। वहीं साल 2047 में अकाउंट मैच्योर होने पर आपकी बेटी को 66,50,475 रुपये मिलेंगे। इसमें 44,90,475 रुपये ब्याज आय होगी।
(यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। निवेश की सलाह नहीं है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)


