पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी प्रखंड में जंगली हाथियों का झुंड लगातार दिख रहा है। शुक्रवार सुबह बालाजी सुखचैन मोटर के पास 17 से 18 हाथियों का एक झुंड फिर देखा गया, जिसमें छोटे बच्चे भी शामिल थे। हाथियों के बार-बार आने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह झुंड कुछ समय से नोवामुंडी प्रखंड के इसी इलाके में आ रहा है। छोटे बच्चे होने के कारण लोगों को ज्यादा सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। आबादी वाले इलाकों में हाथियों के दिखने पर सतर्क रहना जरूरी है। खासकर जब झुंड में बच्चे हों, तो उनके करीब जाना खतरनाक हो सकता है। लोगों को हाथियों से दूर रहने और उनके रास्ते में रुकावट न डालने को कहा गया है। हाथियों को देखने के लिए उनके पास जाना, उन्हें घेरना, शोर मचाना या फोटो-वीडियो बनाना जोखिम भरा है। लोगों को हाथियों की जानकारी वन विभाग को देनी चाहिए, ताकि जरूरी कदम उठाए जा सकें। पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी प्रखंड में जंगली हाथियों का झुंड लगातार दिख रहा है। शुक्रवार सुबह बालाजी सुखचैन मोटर के पास 17 से 18 हाथियों का एक झुंड फिर देखा गया, जिसमें छोटे बच्चे भी शामिल थे। हाथियों के बार-बार आने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह झुंड कुछ समय से नोवामुंडी प्रखंड के इसी इलाके में आ रहा है। छोटे बच्चे होने के कारण लोगों को ज्यादा सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। आबादी वाले इलाकों में हाथियों के दिखने पर सतर्क रहना जरूरी है। खासकर जब झुंड में बच्चे हों, तो उनके करीब जाना खतरनाक हो सकता है। लोगों को हाथियों से दूर रहने और उनके रास्ते में रुकावट न डालने को कहा गया है। हाथियों को देखने के लिए उनके पास जाना, उन्हें घेरना, शोर मचाना या फोटो-वीडियो बनाना जोखिम भरा है। लोगों को हाथियों की जानकारी वन विभाग को देनी चाहिए, ताकि जरूरी कदम उठाए जा सकें।

