शराब तस्कर नहीं,होमगार्ड की गोली से गई सिपाही की जान:नालंदा में शराब लदी वैन का पीछा करने के दौरान की फायरिंग; हिरासत में महिला SI

शराब तस्कर नहीं,होमगार्ड की गोली से गई सिपाही की जान:नालंदा में शराब लदी वैन का पीछा करने के दौरान की फायरिंग; हिरासत में महिला SI

नालंदा में उत्पाद विभाग के सिपाही की मौत मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में ये साफ हो गया है कि सिपाही को शराब तस्करों ने नहीं मारा है। बल्कि पीछा करने के दौरान साथी होमगार्ड जवान की ओर से राइफल से चलाई गई गोली लगने से उनकी जान गई। घटना के बाद टीम की ओर से शराब तस्करों की गोलीबारी की झूठी कहानी बनाई गई। मामले में उत्पाद अधीक्षक संजय कुमार चौधरी ने बताया कि जिले के वरीय अधिकारियों या स्थानीय थाने को इस रेड की कोई सूचना नहीं दी गई थी। टीम को लीड कर रही महिला दरोगा हिरासत में पटना मुख्यालय से आई ईआईबी टीम में बिना किसी सक्षम पदाधिकारी के महज दो सिपाही शामिल थे। वहीं, नालंदा में तैनात एक महिला दरोगा पुष्पा कुमारी, तीन स्थानीय होमगार्ड जवान और दो बाहरी जवानों को लेकर कुल दो गाड़ियों से शराब तस्करों का पीछा किया जा रहा था। गाड़ी रोकने के लिए चलाई गोली, साथी की गाड़ी पर लगी शुरुआती जांच के अनुसार, तेज रफ्तार से भाग रही शराब तस्करों की गाड़ी को रोकने के लिए होमगार्ड जवान ने अपनी पारंपरिक लकड़ी वाली राइफल (मस्कट/.303) से फायरिंग की। गोली तस्करों की गाड़ी में नहीं लगी और आगे चल रही उत्पाद विभाग की ही दूसरी गाड़ी में जा लगी, जिससे जवान अजीत की मौके पर मौत हो गई। नियमों को ताक पर रखकर भीड़भाड़ या भागती गाड़ी पर गोली चलाने और वरीय अधिकारियों को अंधेरे में रखने को लेकर विभाग सख्त रुख अपना रहा है। बिना सूचना के छापेमारी, घटना के बाद गढ़ी झूठी कहानी जांच में सामने आया कि छापेमारी करने निकली टीम ने नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए न तो स्थानीय थाने को कोई सूचना दी थी और न ही अपने वरीय पदाधिकारियों (उत्पाद अधीक्षक) को इस ऑपरेशन की जानकारी दी थी। घटना गुरुवार रात करीब 10 बजे घटी, लेकिन सुबह तक अधिकारियों और मीडिया को गलत जानकारी देकर गुमराह किया गया कि शराब माफियाओं ने टीम पर हमला कर दिया है। प्राथमिक पूछताछ और एसपी के नेतृत्व में वैज्ञानिक अनुसंधान आगे बढ़ा, तो दूध का दूध और पानी का पानी हो गया। मामले में संलिप्त महिला दरोगा को हिरासत में ले लिया गया है और गोली चलाने वाले होमगार्ड सहित अन्य लापरवाह कर्मियों पर प्राथमिकी दर्ज कर जेल भेजने की प्रक्रिया चल रही है। घर में मचा कोहराम, 3 तस्वीरें देखिए… गोली लगने के बाद भी सच छिपाया ​रात करीब 10 बजे जब होमगार्ड की गोली से पटना ईआईबी (EIB) के सिपाही अजीत जख्मी हुए, तब भी टीम ने सच छिपाया। आनन-फानन में अजीत को पहले विम्स पावापुरी में भर्ती कराया गया, जहां से गंभीर हालत में उन्हें पीएमसीएच रेफर कर दिया गया। जब टीम घायल सिपाही को लेकर नालंदा जिले की सीमा से बाहर निकल गई, तब जाकर उन्होंने स्थानीय थाने को फोन पर मनगढ़ंत सूचना दी कि शराब माफियाओं ने गोलीबारी कर सिपाही अजीत को घायल कर दिया जांच टीम पहुंची झारखंड शराब की खेप और उसके नेटवर्क को खंगालने के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस टीम उस गाड़ी और लाइनर की स्कॉर्पियो की पहचान-धरपकड़ के लिए झारखंड रवाना हो चुकी है, जिसके जरिए शराब की खेप बिहार लाई जा रही थी। वरीय अधिकारियों का कहना है कि यह जांच का विषय है कि बिना अनुमति और वरीय अधिकारियों को सूचित किए यह टीम किसके आदेश पर निकली थी। नालंदा में उत्पाद विभाग के सिपाही की मौत मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में ये साफ हो गया है कि सिपाही को शराब तस्करों ने नहीं मारा है। बल्कि पीछा करने के दौरान साथी होमगार्ड जवान की ओर से राइफल से चलाई गई गोली लगने से उनकी जान गई। घटना के बाद टीम की ओर से शराब तस्करों की गोलीबारी की झूठी कहानी बनाई गई। मामले में उत्पाद अधीक्षक संजय कुमार चौधरी ने बताया कि जिले के वरीय अधिकारियों या स्थानीय थाने को इस रेड की कोई सूचना नहीं दी गई थी। टीम को लीड कर रही महिला दरोगा हिरासत में पटना मुख्यालय से आई ईआईबी टीम में बिना किसी सक्षम पदाधिकारी के महज दो सिपाही शामिल थे। वहीं, नालंदा में तैनात एक महिला दरोगा पुष्पा कुमारी, तीन स्थानीय होमगार्ड जवान और दो बाहरी जवानों को लेकर कुल दो गाड़ियों से शराब तस्करों का पीछा किया जा रहा था। गाड़ी रोकने के लिए चलाई गोली, साथी की गाड़ी पर लगी शुरुआती जांच के अनुसार, तेज रफ्तार से भाग रही शराब तस्करों की गाड़ी को रोकने के लिए होमगार्ड जवान ने अपनी पारंपरिक लकड़ी वाली राइफल (मस्कट/.303) से फायरिंग की। गोली तस्करों की गाड़ी में नहीं लगी और आगे चल रही उत्पाद विभाग की ही दूसरी गाड़ी में जा लगी, जिससे जवान अजीत की मौके पर मौत हो गई। नियमों को ताक पर रखकर भीड़भाड़ या भागती गाड़ी पर गोली चलाने और वरीय अधिकारियों को अंधेरे में रखने को लेकर विभाग सख्त रुख अपना रहा है। बिना सूचना के छापेमारी, घटना के बाद गढ़ी झूठी कहानी जांच में सामने आया कि छापेमारी करने निकली टीम ने नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए न तो स्थानीय थाने को कोई सूचना दी थी और न ही अपने वरीय पदाधिकारियों (उत्पाद अधीक्षक) को इस ऑपरेशन की जानकारी दी थी। घटना गुरुवार रात करीब 10 बजे घटी, लेकिन सुबह तक अधिकारियों और मीडिया को गलत जानकारी देकर गुमराह किया गया कि शराब माफियाओं ने टीम पर हमला कर दिया है। प्राथमिक पूछताछ और एसपी के नेतृत्व में वैज्ञानिक अनुसंधान आगे बढ़ा, तो दूध का दूध और पानी का पानी हो गया। मामले में संलिप्त महिला दरोगा को हिरासत में ले लिया गया है और गोली चलाने वाले होमगार्ड सहित अन्य लापरवाह कर्मियों पर प्राथमिकी दर्ज कर जेल भेजने की प्रक्रिया चल रही है। घर में मचा कोहराम, 3 तस्वीरें देखिए… गोली लगने के बाद भी सच छिपाया ​रात करीब 10 बजे जब होमगार्ड की गोली से पटना ईआईबी (EIB) के सिपाही अजीत जख्मी हुए, तब भी टीम ने सच छिपाया। आनन-फानन में अजीत को पहले विम्स पावापुरी में भर्ती कराया गया, जहां से गंभीर हालत में उन्हें पीएमसीएच रेफर कर दिया गया। जब टीम घायल सिपाही को लेकर नालंदा जिले की सीमा से बाहर निकल गई, तब जाकर उन्होंने स्थानीय थाने को फोन पर मनगढ़ंत सूचना दी कि शराब माफियाओं ने गोलीबारी कर सिपाही अजीत को घायल कर दिया जांच टीम पहुंची झारखंड शराब की खेप और उसके नेटवर्क को खंगालने के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस टीम उस गाड़ी और लाइनर की स्कॉर्पियो की पहचान-धरपकड़ के लिए झारखंड रवाना हो चुकी है, जिसके जरिए शराब की खेप बिहार लाई जा रही थी। वरीय अधिकारियों का कहना है कि यह जांच का विषय है कि बिना अनुमति और वरीय अधिकारियों को सूचित किए यह टीम किसके आदेश पर निकली थी।  

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