नवरात्र के अवसर पर बांका जिले के पुनसिया स्थित दुर्गा-काली मंदिर परिसर में गुरुवार की रात डांडिया और गरबा नाइट का भव्य आयोजन किया गया। इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में महिलाओं और युवतियों ने पारंपरिक गरबा नृत्य और डांडिया की मनमोहक प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। पारंपरिक संगीत और भक्ति गीतों की धुन पर थिरकती महिलाओं और युवतियों के उत्साह से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल में सराबोर हो गया। कार्यक्रम की शुरुआत महिलाओं और युवतियों ने मां दुर्गा की आराधना कर की। इसके बाद पारंपरिक भजनों और गरबा गीतों पर नृत्य की प्रस्तुतियां शुरू हुईं। रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं और युवतियों ने डांडिया की ताल पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुत कर कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। एक से बढ़कर एक प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों को देर रात तक बांधे रखा। मंदिर परिसर में देर रात तक चहल-पहल नवरात्र के दौरान आयोजित इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में धार्मिक आस्था के साथ भारतीय परंपरा और लोक संस्कृति की भी झलक देखने को मिली। मां दुर्गा के प्रति श्रद्धा और उत्साह से लबरेज प्रतिभागियों ने अपने नृत्य के माध्यम से उत्सव की खुशियां साझा कीं। कार्यक्रम को देखने के लिए पुनसिया सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। मंदिर परिसर में देर रात तक चहल-पहल बनी रही और श्रद्धालु गरबा तथा डांडिया की प्रस्तुतियों का आनंद लेते रहे। आयोजन को सफल बनाने में दुर्गा-काली मंदिर पूजा समिति के सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष श्याम प्रसाद यादव, उपाध्यक्ष बब्लेश केसरी, सचिव अनिल शर्मा, महासचिव सच्चिदानंद केसरी, कोषाध्यक्ष अमरनाथ केसरी, अनिल रजक सहित अन्य सदस्य मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान नवरात्र का उल्लास और मां दुर्गा के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था देखते ही बनी। नवरात्र के अवसर पर बांका जिले के पुनसिया स्थित दुर्गा-काली मंदिर परिसर में गुरुवार की रात डांडिया और गरबा नाइट का भव्य आयोजन किया गया। इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में महिलाओं और युवतियों ने पारंपरिक गरबा नृत्य और डांडिया की मनमोहक प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। पारंपरिक संगीत और भक्ति गीतों की धुन पर थिरकती महिलाओं और युवतियों के उत्साह से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल में सराबोर हो गया। कार्यक्रम की शुरुआत महिलाओं और युवतियों ने मां दुर्गा की आराधना कर की। इसके बाद पारंपरिक भजनों और गरबा गीतों पर नृत्य की प्रस्तुतियां शुरू हुईं। रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं और युवतियों ने डांडिया की ताल पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुत कर कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। एक से बढ़कर एक प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों को देर रात तक बांधे रखा। मंदिर परिसर में देर रात तक चहल-पहल नवरात्र के दौरान आयोजित इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में धार्मिक आस्था के साथ भारतीय परंपरा और लोक संस्कृति की भी झलक देखने को मिली। मां दुर्गा के प्रति श्रद्धा और उत्साह से लबरेज प्रतिभागियों ने अपने नृत्य के माध्यम से उत्सव की खुशियां साझा कीं। कार्यक्रम को देखने के लिए पुनसिया सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। मंदिर परिसर में देर रात तक चहल-पहल बनी रही और श्रद्धालु गरबा तथा डांडिया की प्रस्तुतियों का आनंद लेते रहे। आयोजन को सफल बनाने में दुर्गा-काली मंदिर पूजा समिति के सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष श्याम प्रसाद यादव, उपाध्यक्ष बब्लेश केसरी, सचिव अनिल शर्मा, महासचिव सच्चिदानंद केसरी, कोषाध्यक्ष अमरनाथ केसरी, अनिल रजक सहित अन्य सदस्य मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान नवरात्र का उल्लास और मां दुर्गा के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था देखते ही बनी।

