7.15Cr के जमीन विवाद में रिटायर्ड असिस्टेंट कमिश्नर की हत्या:मॉर्निंग वॉक पर बेटे के सामने मारी 8 गोलियां, पत्नी बोली- तीनों आरोपियों का एनकाउंटर हो

7.15Cr के जमीन विवाद में रिटायर्ड असिस्टेंट कमिश्नर की हत्या:मॉर्निंग वॉक पर बेटे के सामने मारी 8 गोलियां, पत्नी बोली- तीनों आरोपियों का एनकाउंटर हो

‘डैड को मेरे सामने गोलियों से छलनी कर दिया गया। मैं देखता रह गया। डैड मुझे बहुत मानते थे। मुझे अकेला नहीं छोड़ते थे। हर दिन सुबह घुमाने ले जाते थे। छोटी-छोटी बातों का ख्याल और मेरी जिम्मेदारी अपने कंधों पर लेकर चलते थे, मुझे कोई परेशानी न हो।’ भोजपुर के बिहिया थाना क्षेत्र के लहंग डुमरिया गांव के रहने वाले 45 साल के दिव्यांग राजेश कुमार उर्फ पप्पू ने दैनिक भास्कर से ये बातें कही। दरअसल, राजेश के पिता राम कुमार सिंह (75) की गुरुवार सुबह मॉर्निंग वॉक के दौरान 8 गोली मारकर हत्या कर दी गई। राम कुमार सिंह रिटायर्ड असिस्टेंट कमिश्नर और बिहार क्षत्रिय कल्याण संगठन के अध्यक्ष भी थे। घटना नवादा थाना क्षेत्र के जैन कॉलेज के पास कनकपुरी मोहल्ले की है। वारदात के दौरान राजेश अपने पिता राम कुमार सिंह के साथ ही थे। बताया जा रहा है कि 7.15 करोड़ रुपए की जमीन विवाद में वारदात को अंजाम दिया गया है। वारदात के बाद परिजन और पड़ोसियों ने राम कुमार सिंह की लाश को सपना सिनेमा मोड़ के पास सड़क पर रखकर आरा-पटना मेन रोड को 5 घंटे तक जाम रखा। आक्रोशितों ने मुख्यमंत्री और कमिश्नर को घटनास्थल पर बुलाने की मांग की। वहीं, मृतक की पत्नी की ओर से लगाए गए आरोपों के बाद मुफस्सिल थानाध्यक्ष राम कल्याण यादव को सस्पेंड कर दिया गया है। घटना से जुड़ी दो तस्वीरें देखिए अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा घटनाक्रम घटना उस वक्त हुई, जब राम कुमार सिंह मॉर्निंग वॉक पर जाने के लिए घर से निकल रहे थे। वे गैराज से कार निकालकर शटर बंद करने के बाद गाड़ी में बैठने जा रहे थे। इसी दौरान पहले से घात लगाए अपाचे बाइक सवार तीन अपराधियों ने उन पर हमला बोल दिया। दो शूटरों ने अंधाधुंध फायरिंग करते हुए उनके शरीर में 8 गोलियां दाग दीं। छह गोलियां पेट और सीने में, एक दाहिने हाथ के नीचे और एक बाईं ओर गर्दन में लगी। गोलियां लगते ही राम कुमार सिंह ने मौके पर दम तोड़ दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी सुबह के सन्नाटे का फायदा उठाकर फरार हो गए। राम कुमार सिंह मूल रूप से भोजपुर जिले के बिहिया थाना क्षेत्र के लहंग डुमरिया गांव निवासी हरिवंश सिंह के बेटे थे। वे वर्तमान में कनकपुरी मोहल्ले में परिवार के साथ रहते थे। साल 1973 में उनकी शादी उदवंतनगर प्रखंड के भेलाई गांव निवासी सुशीला देवी से हुई थी। शादी के एक साल बाद बिहार पुलिस में दरोगा के पद पर उनका चयन हुआ, लेकिन उन्होंने ये नौकरी छोड़ दी। साल 1975 में कस्टम विभाग में इंस्पेक्टर के रूप में बहाल हुए। अपनी ईमानदार छवि और सेवाकाल के दौरान पदोन्नति पाते हुए वह सुप्रिटेंडेंट बने और बाद में असिस्टेंट कमिश्नर के पद तक पहुंचे। 4 बेटों के पिता थे राम कुमार सिंह, एक बेटा न्यूजीलैंड में करता है जॉब राम कुमार सिंह के चार बेटे राजेश कुमार उर्फ पप्पू, राकेश कुमार, अमित और आलोक हैं। राकेश कुमार सिंह नीदरलैंड की मशहूर बीयर और शराब निर्माता कंपनी ‘हेनेकेन’ में एक अधिकारी पोस्ट पर है। जबकि आलोक कुमार सिंह न्यूजीलैंड में बैंक में कार्यरत हैं। बेटे राजेश कुमार ने बताया कि सुबह डैड ने कहा कि मॉर्निंग वॉक के लिए चलते हैं। इसके बाद मैं, पापा और मम्मी अंदर के रास्ते गैराज में आ गए। डैड ने गाड़ी को बाहर निकाला और कहा कि तुम अंदर बैठ जाओ, मैं शटर बंदकर देता हूं। इसके बाद डैड ने गैरेज के शटर को बंद किया। इसी दौरान एक बाइक पर तीन की संख्या में अपराधी आए और ताबड़तोड़ फायरिंग करते हुए पापा को गोली मार दी। राजेश ने बताया कि डैड खून से लथपथ हालत में वहीं गिर गए। इसके बाद रास्ते से गुजर रहे लोगों ने तुरंत पुलिस को बुलाया और गाड़ी से उन्हें सदर अस्पताल लेकर चले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक की पत्नी ने बताई 7.15 करोड़ रुपए की जमीन की कहानी मृतक के पत्नी सुशीला देवी ने बताया कि मुफस्सिल थाना अंतर्गत सिंगही (बरहबतरा) गांव के पास 13 कट्ठा जमीन है। तीन कट्ठा जमीन फोर लेन में चला गया है। जमीन हमारे कब्जे में थी, इसलिए हम लोगों ने बाउंड्री कराया था। उन्होंने बताया कि चंदन नाम के एक आरोपी और एक पत्रकार समेत अन्य लोगों ने जमीन पर जबरन कब्जा करना चाहा था और 10 दिन पहले जेसीबी से जमीन की बाउंड्री को तोड़ दिया गया था। उन्होंने बताया कि मामले की जानकारी के बाद जब मेरे पति राम कुमार सिंह जमीन पर पहुंचे तो आरोपियों की ओर से उन्हें धमकी दी गई, हवाई फायरिंग की गई। उन्होंने बताया कि जब मेरे पति ने इस संबंध में मुफस्सिल थाना में एफआईआर दर्ज करने के लिए आवेदन दिया तो मुफस्सिल थाना के प्रभारी राम कल्याण यादव ने एफआईआर दर्ज न करते हुए आरोपी पक्ष को थाना बुला लिया। सुशीला ने बताया कि थाना प्रभारी के सामने मेरे पति को आरोपी पत्रकार ने गोली मारकर हत्या की धमकी दी थी। इसके बावजूद राम कल्याण यादव ने FIR दर्ज नहीं किया। उन्होंने कहा कि आरोपियों ने अंचलाधिकारी से भी साठगांठ कर जमीन को अपने नाम करा लिया था। मृतक की पत्नी ने चंदन, एक पत्रकार समेत अन्य लोगों पर जमीन के विवाद को लेकर पति की हत्या करने का आरोप लगाया है। तीन सदस्यी टीम ने किया पोस्टमॉर्टम, आज होगा अंतिम संस्कार सिविल सर्जन डॉ. शिवेंद्र कुमार सिंह के निर्देश पर तीन सदस्यीय डॉक्टर की टीम का गठन कर रिटायर्ड अस्सिटेंट कमिश्नर सह बिहार क्षत्रिय कल्याण संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रामकुमार सिंह की लाश का पोस्टमॉर्टम किया गया। पोस्टमॉर्टम के दौरान मृतक के बॉडी से तीन बुलेट (पिलेट) बरामद किया गया। तीन सदस्य डॉक्टर की टीम में ऑन ड्यूटी चिकित्सक डॉ. अशोक कुमार, डॉ. अमन सिंह एवं डॉ.शैलेंद्र कुमार शामिल हैं। घटना को लेकर जिलाधिकारी मनीष कुमार मीणा ने बताया कि ये दुखद घटना है। निष्पक्ष इन्वेस्टिगेशन और अभिलंब गिरफ्तारी समेत अन्य बिंदुओं पर संज्ञान लिया गया है। कुछ गिरफ्तारियां इस मामले में हुई भी हैं और आगे भी इस मामले में गिरफ्तारी को लेकर छापेमारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस कांड में अगर किसी सरकारी पदाधिकारी का भी संलिप्तता होगी, तो उनको भी नहीं छोड़ा जाएगा। DM ने बताया कि परिवार के सुरक्षा के भी मांग की गई है, उसे पर भी हमलोगों की ओर से संज्ञान लिया गया है। वहीं, भोजपुर एसपी अवधेश दीक्षित ने बताया कि मृतक के परिजन की ओर से आवेदन दिया गया है, उस पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि पीड़ित परिवार का आरोप है कि जमीन विवाद में पहले भी मुफस्सिल थाना में आवेदन दिया गया था। लेकिन थानाध्यक्ष की ओर से कार्रवाई नहीं की गई थी। मुफस्सिल थानाध्यक्ष राम कल्याण यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। परिवार की ओर से बताए गए आरोपियों में से एक को हिरासत में लिया गया है। ‘डैड को मेरे सामने गोलियों से छलनी कर दिया गया। मैं देखता रह गया। डैड मुझे बहुत मानते थे। मुझे अकेला नहीं छोड़ते थे। हर दिन सुबह घुमाने ले जाते थे। छोटी-छोटी बातों का ख्याल और मेरी जिम्मेदारी अपने कंधों पर लेकर चलते थे, मुझे कोई परेशानी न हो।’ भोजपुर के बिहिया थाना क्षेत्र के लहंग डुमरिया गांव के रहने वाले 45 साल के दिव्यांग राजेश कुमार उर्फ पप्पू ने दैनिक भास्कर से ये बातें कही। दरअसल, राजेश के पिता राम कुमार सिंह (75) की गुरुवार सुबह मॉर्निंग वॉक के दौरान 8 गोली मारकर हत्या कर दी गई। राम कुमार सिंह रिटायर्ड असिस्टेंट कमिश्नर और बिहार क्षत्रिय कल्याण संगठन के अध्यक्ष भी थे। घटना नवादा थाना क्षेत्र के जैन कॉलेज के पास कनकपुरी मोहल्ले की है। वारदात के दौरान राजेश अपने पिता राम कुमार सिंह के साथ ही थे। बताया जा रहा है कि 7.15 करोड़ रुपए की जमीन विवाद में वारदात को अंजाम दिया गया है। वारदात के बाद परिजन और पड़ोसियों ने राम कुमार सिंह की लाश को सपना सिनेमा मोड़ के पास सड़क पर रखकर आरा-पटना मेन रोड को 5 घंटे तक जाम रखा। आक्रोशितों ने मुख्यमंत्री और कमिश्नर को घटनास्थल पर बुलाने की मांग की। वहीं, मृतक की पत्नी की ओर से लगाए गए आरोपों के बाद मुफस्सिल थानाध्यक्ष राम कल्याण यादव को सस्पेंड कर दिया गया है। घटना से जुड़ी दो तस्वीरें देखिए अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा घटनाक्रम घटना उस वक्त हुई, जब राम कुमार सिंह मॉर्निंग वॉक पर जाने के लिए घर से निकल रहे थे। वे गैराज से कार निकालकर शटर बंद करने के बाद गाड़ी में बैठने जा रहे थे। इसी दौरान पहले से घात लगाए अपाचे बाइक सवार तीन अपराधियों ने उन पर हमला बोल दिया। दो शूटरों ने अंधाधुंध फायरिंग करते हुए उनके शरीर में 8 गोलियां दाग दीं। छह गोलियां पेट और सीने में, एक दाहिने हाथ के नीचे और एक बाईं ओर गर्दन में लगी। गोलियां लगते ही राम कुमार सिंह ने मौके पर दम तोड़ दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी सुबह के सन्नाटे का फायदा उठाकर फरार हो गए। राम कुमार सिंह मूल रूप से भोजपुर जिले के बिहिया थाना क्षेत्र के लहंग डुमरिया गांव निवासी हरिवंश सिंह के बेटे थे। वे वर्तमान में कनकपुरी मोहल्ले में परिवार के साथ रहते थे। साल 1973 में उनकी शादी उदवंतनगर प्रखंड के भेलाई गांव निवासी सुशीला देवी से हुई थी। शादी के एक साल बाद बिहार पुलिस में दरोगा के पद पर उनका चयन हुआ, लेकिन उन्होंने ये नौकरी छोड़ दी। साल 1975 में कस्टम विभाग में इंस्पेक्टर के रूप में बहाल हुए। अपनी ईमानदार छवि और सेवाकाल के दौरान पदोन्नति पाते हुए वह सुप्रिटेंडेंट बने और बाद में असिस्टेंट कमिश्नर के पद तक पहुंचे। 4 बेटों के पिता थे राम कुमार सिंह, एक बेटा न्यूजीलैंड में करता है जॉब राम कुमार सिंह के चार बेटे राजेश कुमार उर्फ पप्पू, राकेश कुमार, अमित और आलोक हैं। राकेश कुमार सिंह नीदरलैंड की मशहूर बीयर और शराब निर्माता कंपनी ‘हेनेकेन’ में एक अधिकारी पोस्ट पर है। जबकि आलोक कुमार सिंह न्यूजीलैंड में बैंक में कार्यरत हैं। बेटे राजेश कुमार ने बताया कि सुबह डैड ने कहा कि मॉर्निंग वॉक के लिए चलते हैं। इसके बाद मैं, पापा और मम्मी अंदर के रास्ते गैराज में आ गए। डैड ने गाड़ी को बाहर निकाला और कहा कि तुम अंदर बैठ जाओ, मैं शटर बंदकर देता हूं। इसके बाद डैड ने गैरेज के शटर को बंद किया। इसी दौरान एक बाइक पर तीन की संख्या में अपराधी आए और ताबड़तोड़ फायरिंग करते हुए पापा को गोली मार दी। राजेश ने बताया कि डैड खून से लथपथ हालत में वहीं गिर गए। इसके बाद रास्ते से गुजर रहे लोगों ने तुरंत पुलिस को बुलाया और गाड़ी से उन्हें सदर अस्पताल लेकर चले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक की पत्नी ने बताई 7.15 करोड़ रुपए की जमीन की कहानी मृतक के पत्नी सुशीला देवी ने बताया कि मुफस्सिल थाना अंतर्गत सिंगही (बरहबतरा) गांव के पास 13 कट्ठा जमीन है। तीन कट्ठा जमीन फोर लेन में चला गया है। जमीन हमारे कब्जे में थी, इसलिए हम लोगों ने बाउंड्री कराया था। उन्होंने बताया कि चंदन नाम के एक आरोपी और एक पत्रकार समेत अन्य लोगों ने जमीन पर जबरन कब्जा करना चाहा था और 10 दिन पहले जेसीबी से जमीन की बाउंड्री को तोड़ दिया गया था। उन्होंने बताया कि मामले की जानकारी के बाद जब मेरे पति राम कुमार सिंह जमीन पर पहुंचे तो आरोपियों की ओर से उन्हें धमकी दी गई, हवाई फायरिंग की गई। उन्होंने बताया कि जब मेरे पति ने इस संबंध में मुफस्सिल थाना में एफआईआर दर्ज करने के लिए आवेदन दिया तो मुफस्सिल थाना के प्रभारी राम कल्याण यादव ने एफआईआर दर्ज न करते हुए आरोपी पक्ष को थाना बुला लिया। सुशीला ने बताया कि थाना प्रभारी के सामने मेरे पति को आरोपी पत्रकार ने गोली मारकर हत्या की धमकी दी थी। इसके बावजूद राम कल्याण यादव ने FIR दर्ज नहीं किया। उन्होंने कहा कि आरोपियों ने अंचलाधिकारी से भी साठगांठ कर जमीन को अपने नाम करा लिया था। मृतक की पत्नी ने चंदन, एक पत्रकार समेत अन्य लोगों पर जमीन के विवाद को लेकर पति की हत्या करने का आरोप लगाया है। तीन सदस्यी टीम ने किया पोस्टमॉर्टम, आज होगा अंतिम संस्कार सिविल सर्जन डॉ. शिवेंद्र कुमार सिंह के निर्देश पर तीन सदस्यीय डॉक्टर की टीम का गठन कर रिटायर्ड अस्सिटेंट कमिश्नर सह बिहार क्षत्रिय कल्याण संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रामकुमार सिंह की लाश का पोस्टमॉर्टम किया गया। पोस्टमॉर्टम के दौरान मृतक के बॉडी से तीन बुलेट (पिलेट) बरामद किया गया। तीन सदस्य डॉक्टर की टीम में ऑन ड्यूटी चिकित्सक डॉ. अशोक कुमार, डॉ. अमन सिंह एवं डॉ.शैलेंद्र कुमार शामिल हैं। घटना को लेकर जिलाधिकारी मनीष कुमार मीणा ने बताया कि ये दुखद घटना है। निष्पक्ष इन्वेस्टिगेशन और अभिलंब गिरफ्तारी समेत अन्य बिंदुओं पर संज्ञान लिया गया है। कुछ गिरफ्तारियां इस मामले में हुई भी हैं और आगे भी इस मामले में गिरफ्तारी को लेकर छापेमारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस कांड में अगर किसी सरकारी पदाधिकारी का भी संलिप्तता होगी, तो उनको भी नहीं छोड़ा जाएगा। DM ने बताया कि परिवार के सुरक्षा के भी मांग की गई है, उसे पर भी हमलोगों की ओर से संज्ञान लिया गया है। वहीं, भोजपुर एसपी अवधेश दीक्षित ने बताया कि मृतक के परिजन की ओर से आवेदन दिया गया है, उस पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि पीड़ित परिवार का आरोप है कि जमीन विवाद में पहले भी मुफस्सिल थाना में आवेदन दिया गया था। लेकिन थानाध्यक्ष की ओर से कार्रवाई नहीं की गई थी। मुफस्सिल थानाध्यक्ष राम कल्याण यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। परिवार की ओर से बताए गए आरोपियों में से एक को हिरासत में लिया गया है।  

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