‘टीम संग बड़े मिशन पर जा रहा हूं,अपना ख्याल रखना’:फैमिली से आखिरी बात के बाद शहीद हुए सिपाही, पत्नी बोलीं-अब किसके सहारे कटेगी जिंदगी

‘टीम संग बड़े मिशन पर जा रहा हूं,अपना ख्याल रखना’:फैमिली से आखिरी बात के बाद शहीद हुए सिपाही, पत्नी बोलीं-अब किसके सहारे कटेगी जिंदगी

‘मैं बड़ी कार्रवाई के लिए टीम के साथ निकल रहा हूं। सुबह फुर्सत मिलते ही दोबारा कॉल करूंगा। तुम सब लोग अपना ख्याल रखना और पीहू को सुला देना।’ ये बातें शहीद होने से पहले सिपाही अजीत कुमार (30) ने अपनी पत्नी संगती कुमारी से वीडियो कॉल पर कही थी। पति से हुई आखिरी बातचीत के बारे में बताते हुए पत्नी संगीता रोने-बिलखने लगीं और कहा कि अब हम किसके सहारे रहेंगे। बेटी पीहू का क्या होगा। दरअसल, बुधवार की रात पुलिस की टीम ने शराब तस्करों का करीब 10 किमी तक पीछा किया था। इसी दौरान स्कॉर्पियो सवार तस्करों ने फायरिंग की थी। गोली सिपाही अजीत के सिर में लगी थी। करीब 3 घंटे तक उनकी सांसें चली थी। इसके बाद पटना के पीएमसीएच में उन्होंने दम तोड़ दिया। 15 अक्टूबर को सिपाही अजीत का राजकीय सम्मान के साथ फतुहा स्थित त्रिवेणी धाम घाट पर अंतिम संस्कार हुआ। छोटे भाई इंद्रजीत कुमार ने मुखाग्नि दी है। घटना पावापुरी-गिरियक एनएच के दौलतचक इलाके की है। घटना के बाद पुलिस क्या कर रही, पार्थिव शरीर गांव पहुंचने के बाद कैसा था माहौल, शहीद अजीत के परिवार का बैकग्राउंड कैसा है, पढ़ें रिपोर्ट… पहले कुछ तस्वीरें देखिए… अजीत ने 3 साल पहले मद्य निषेध विभाग ज्वाइन किया था अजीत मूल रूप से नालंदा जिले के नगरनौसा प्रखंड अंतर्गत नगमा गांव के रहने वाले थे। 6 साल पहले लव मैरिज की थी। उनके पिता मदन कुमार झारखंड पुलिस में दरोगा पद पर तैनात थे। 2025 में रिटायर हुए थे। तीन भाइयों में अजीत मंझले थे। बड़े भाई किसान हैं, जबकि छोटे भाई इंद्रजीत का मानसिक संतुलन ठीक नहीं है। ऐसे में पिता के रियाटरमेंट के बाद अजीत पूरे परिवार की देखरेख करते थे। अजीत ने 3 साल पहले 2023 में मद्य निषेध विभाग में सिपाही के पद पर योगदान दिया था। पटना में उनकी तैनाती थी। प्रशासन की 12 गाड़ियों ने किया एस्कॉर्ट पीएमसीएच से पोस्टमॉर्टम के बाद अजीत का पार्थिव शरीर सड़क मार्ग से नालंदा के नगरनौसा स्थित उनके पैतृक गांव नगमा लाया गया। नालंदा जिले में पार्थिव शरीर के एंट्री के बाद जिला प्रशासन की 12 गाड़ियों ने स्कॉर्ट किया। पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटा था। गांव में करीब 4000 लोगों की भीड़ शहीद अजीत के पार्थिव शरीर का इंतजार कर रहे थें। जैसे ही अजीत का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा। ग्रामीणों ने नारा लगाया अजीत कुमार अमर रहे…। पत्नी बार-बार बेहोश हो रही थी प्रशासन की गाड़ियों के साथ-साथ ग्रामीण गांव की सीमा से करीब 5 किमी दूर अजीत के घर तक गए। घर पहुंचने के बाद अजीत की पत्नी-मां सभी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पत्नी पार्थिव शरीर से लिपटकर बार-बार बेहोश हो रही थी। दूसरी तरफ 5 साल की बेटी पीहू कभी अपनी मां को देखती तो कभी पिता को। घर के साथ पूरे गांव में मातम का माहौल रहा। हर किसी की आंखें नम दिखी। घर में चिख-पुकार मचती रही। झारखंड से शराब की खेप आने की सूचना मिली थी नालंदा मद्य निषेध विभाग के अधीक्षक संजय कुमार चौधरी ने बताया कि पटना मुख्यालय स्थित एक्साइज इंटेलिजेंस ब्यूरो (ईआईबी) को गुप्त सूचना मिली थी कि झारखंड की ओर से शराब की एक बड़ी खेप पिकअप में लोड करके नालंदा की तरफ भेजी जा रही है। पटना ईआईबी की टीम अलर्ट हुई। राजगीर उत्पाद विभाग की सब-इंस्पेक्टर पुष्पा कुमारी के नेतृत्व में स्थानीय पुलिस और मद्य निषेध टीम के साथ संयुक्त रणनीति बनाई गई। शराब लदी संदिग्ध पिकअप नवादा जिले के खराट मोड़ से जैसे ही आगे बढ़ी, टीम ने उसका पीछा करना शुरू कर दिया। स्कॉर्पियो शराब से लगी पिकअप को कर रही थी लाइनअप पुलिस पिकअप का पीछा कर रही थी। आगे फ्लाईओवर था, पर तस्करों ने पिकअप को सर्विस लेन में मोड़ दिया। इसके बाद शराब लदी पिकअप को काली रंग की स्कॉर्पियो लाइनअप करने लगी। जिससे पुलिस की टीम अनजान थी। पुलिस कुछ समझ पाती इससे पहले कार सवारों ने फायरिंग कर दी। एक गोली अजीत को लग गई। इसके बाद टीम ने सिपाही को बचाने का फैसला किया। इसी का फायदा उठाकर तस्कर फरार हो गए। उस वक्त रात के करीब 10 बज रहे थे। बाइपास पर ज्यादा गाड़ियां नहीं थी। इस कारण तस्कर तेजी से फरार हो गए। इसके बाद घायल अजीत को सब-इंस्पेक्टर पुष्पा कुमारी और अन्य साथी जवानों ने पावापुरी स्थित भगवान महावीर आयुर्विज्ञान संस्थान (विम्स) पहुंचाया। विम्स के इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टरों ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन गोली सिर के संवेदनशील हिस्से में धंसी होने के कारण अजीत की हालत लगातार नाजुक बनी रही। विम्स के चिकित्सकों ने उन्हें तत्काल बेहतर इलाज के लिए पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया। पुलिस एस्कॉर्ट के जरिए उन्हें पीएमसीएच पटना ले जाया गया। जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। सब-इंस्पेक्टर पुष्पा कुमारी के बयान पर पावापुरी थाने में अज्ञात शराब तस्करों और हमलावरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। प्राथमिकी में सरकारी कार्य में बाधा डालने, जानलेवा हमला करने और पुलिसकर्मी की हत्या से संबंधित धाराएं लगाई गई हैं। एसपी ने बनाई SIT, खंगाले जा रहे हैं हाईवे के सीसीटीवी फुटेज घटना के बाद नालंदा एसपी ह्रदयकांत के निर्देश पर राजगीर डीएसपी संजीत कुमार गुप्ता के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। एसआईटी में जिला आसूचना इकाई (डीआईयू), तकनीकी शाखा और स्थानीय थानों के तेजतर्रार पुलिस पदाधिकारियों को शामिल किया गया है। पुलिस की अलग-अलग टीमें नवादा सीमा से लेकर गिरियक, पावापुरी और बिहारशरीफ बाइपास, हाईवे पर स्थित सभी टोल प्लाजा, पेट्रोल पंपों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है। काली रंग की स्कॉर्पियो और शराब लदी पिकअप के भागने की दिशा का तकनीकी सर्विलांस के जरिए पता लगाया जा रहा है। अधिकारियों का दावा है कि अपराधियों की पहचान कर ली गई है। संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। ‘मैं बड़ी कार्रवाई के लिए टीम के साथ निकल रहा हूं। सुबह फुर्सत मिलते ही दोबारा कॉल करूंगा। तुम सब लोग अपना ख्याल रखना और पीहू को सुला देना।’ ये बातें शहीद होने से पहले सिपाही अजीत कुमार (30) ने अपनी पत्नी संगती कुमारी से वीडियो कॉल पर कही थी। पति से हुई आखिरी बातचीत के बारे में बताते हुए पत्नी संगीता रोने-बिलखने लगीं और कहा कि अब हम किसके सहारे रहेंगे। बेटी पीहू का क्या होगा। दरअसल, बुधवार की रात पुलिस की टीम ने शराब तस्करों का करीब 10 किमी तक पीछा किया था। इसी दौरान स्कॉर्पियो सवार तस्करों ने फायरिंग की थी। गोली सिपाही अजीत के सिर में लगी थी। करीब 3 घंटे तक उनकी सांसें चली थी। इसके बाद पटना के पीएमसीएच में उन्होंने दम तोड़ दिया। 15 अक्टूबर को सिपाही अजीत का राजकीय सम्मान के साथ फतुहा स्थित त्रिवेणी धाम घाट पर अंतिम संस्कार हुआ। छोटे भाई इंद्रजीत कुमार ने मुखाग्नि दी है। घटना पावापुरी-गिरियक एनएच के दौलतचक इलाके की है। घटना के बाद पुलिस क्या कर रही, पार्थिव शरीर गांव पहुंचने के बाद कैसा था माहौल, शहीद अजीत के परिवार का बैकग्राउंड कैसा है, पढ़ें रिपोर्ट… पहले कुछ तस्वीरें देखिए… अजीत ने 3 साल पहले मद्य निषेध विभाग ज्वाइन किया था अजीत मूल रूप से नालंदा जिले के नगरनौसा प्रखंड अंतर्गत नगमा गांव के रहने वाले थे। 6 साल पहले लव मैरिज की थी। उनके पिता मदन कुमार झारखंड पुलिस में दरोगा पद पर तैनात थे। 2025 में रिटायर हुए थे। तीन भाइयों में अजीत मंझले थे। बड़े भाई किसान हैं, जबकि छोटे भाई इंद्रजीत का मानसिक संतुलन ठीक नहीं है। ऐसे में पिता के रियाटरमेंट के बाद अजीत पूरे परिवार की देखरेख करते थे। अजीत ने 3 साल पहले 2023 में मद्य निषेध विभाग में सिपाही के पद पर योगदान दिया था। पटना में उनकी तैनाती थी। प्रशासन की 12 गाड़ियों ने किया एस्कॉर्ट पीएमसीएच से पोस्टमॉर्टम के बाद अजीत का पार्थिव शरीर सड़क मार्ग से नालंदा के नगरनौसा स्थित उनके पैतृक गांव नगमा लाया गया। नालंदा जिले में पार्थिव शरीर के एंट्री के बाद जिला प्रशासन की 12 गाड़ियों ने स्कॉर्ट किया। पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटा था। गांव में करीब 4000 लोगों की भीड़ शहीद अजीत के पार्थिव शरीर का इंतजार कर रहे थें। जैसे ही अजीत का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा। ग्रामीणों ने नारा लगाया अजीत कुमार अमर रहे…। पत्नी बार-बार बेहोश हो रही थी प्रशासन की गाड़ियों के साथ-साथ ग्रामीण गांव की सीमा से करीब 5 किमी दूर अजीत के घर तक गए। घर पहुंचने के बाद अजीत की पत्नी-मां सभी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पत्नी पार्थिव शरीर से लिपटकर बार-बार बेहोश हो रही थी। दूसरी तरफ 5 साल की बेटी पीहू कभी अपनी मां को देखती तो कभी पिता को। घर के साथ पूरे गांव में मातम का माहौल रहा। हर किसी की आंखें नम दिखी। घर में चिख-पुकार मचती रही। झारखंड से शराब की खेप आने की सूचना मिली थी नालंदा मद्य निषेध विभाग के अधीक्षक संजय कुमार चौधरी ने बताया कि पटना मुख्यालय स्थित एक्साइज इंटेलिजेंस ब्यूरो (ईआईबी) को गुप्त सूचना मिली थी कि झारखंड की ओर से शराब की एक बड़ी खेप पिकअप में लोड करके नालंदा की तरफ भेजी जा रही है। पटना ईआईबी की टीम अलर्ट हुई। राजगीर उत्पाद विभाग की सब-इंस्पेक्टर पुष्पा कुमारी के नेतृत्व में स्थानीय पुलिस और मद्य निषेध टीम के साथ संयुक्त रणनीति बनाई गई। शराब लदी संदिग्ध पिकअप नवादा जिले के खराट मोड़ से जैसे ही आगे बढ़ी, टीम ने उसका पीछा करना शुरू कर दिया। स्कॉर्पियो शराब से लगी पिकअप को कर रही थी लाइनअप पुलिस पिकअप का पीछा कर रही थी। आगे फ्लाईओवर था, पर तस्करों ने पिकअप को सर्विस लेन में मोड़ दिया। इसके बाद शराब लदी पिकअप को काली रंग की स्कॉर्पियो लाइनअप करने लगी। जिससे पुलिस की टीम अनजान थी। पुलिस कुछ समझ पाती इससे पहले कार सवारों ने फायरिंग कर दी। एक गोली अजीत को लग गई। इसके बाद टीम ने सिपाही को बचाने का फैसला किया। इसी का फायदा उठाकर तस्कर फरार हो गए। उस वक्त रात के करीब 10 बज रहे थे। बाइपास पर ज्यादा गाड़ियां नहीं थी। इस कारण तस्कर तेजी से फरार हो गए। इसके बाद घायल अजीत को सब-इंस्पेक्टर पुष्पा कुमारी और अन्य साथी जवानों ने पावापुरी स्थित भगवान महावीर आयुर्विज्ञान संस्थान (विम्स) पहुंचाया। विम्स के इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टरों ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन गोली सिर के संवेदनशील हिस्से में धंसी होने के कारण अजीत की हालत लगातार नाजुक बनी रही। विम्स के चिकित्सकों ने उन्हें तत्काल बेहतर इलाज के लिए पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया। पुलिस एस्कॉर्ट के जरिए उन्हें पीएमसीएच पटना ले जाया गया। जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। सब-इंस्पेक्टर पुष्पा कुमारी के बयान पर पावापुरी थाने में अज्ञात शराब तस्करों और हमलावरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। प्राथमिकी में सरकारी कार्य में बाधा डालने, जानलेवा हमला करने और पुलिसकर्मी की हत्या से संबंधित धाराएं लगाई गई हैं। एसपी ने बनाई SIT, खंगाले जा रहे हैं हाईवे के सीसीटीवी फुटेज घटना के बाद नालंदा एसपी ह्रदयकांत के निर्देश पर राजगीर डीएसपी संजीत कुमार गुप्ता के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। एसआईटी में जिला आसूचना इकाई (डीआईयू), तकनीकी शाखा और स्थानीय थानों के तेजतर्रार पुलिस पदाधिकारियों को शामिल किया गया है। पुलिस की अलग-अलग टीमें नवादा सीमा से लेकर गिरियक, पावापुरी और बिहारशरीफ बाइपास, हाईवे पर स्थित सभी टोल प्लाजा, पेट्रोल पंपों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है। काली रंग की स्कॉर्पियो और शराब लदी पिकअप के भागने की दिशा का तकनीकी सर्विलांस के जरिए पता लगाया जा रहा है। अधिकारियों का दावा है कि अपराधियों की पहचान कर ली गई है। संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।  

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