अम्बेडकरनगर में महिला का अश्लील वीडियो बनाकर उसे वायरल करने की धमकी देने और दुष्कर्म करने के मामले में अदालत ने गुरूवार को दोषी मो. शाकिब को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। वहीं, आईटी एक्ट के तहत तीन वर्ष का कारावास और एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। मामला हंसवर थाना क्षेत्र के भूलेपुर गांव का है। अभियोजन के अनुसार, मो. शाकिब की पीड़िता के पति से दोस्ती थी। इसी कारण उसका महिला के घर आना-जाना था। वह घर पर महिला के बच्चों को पढ़ाने भी जाता था। आरोप है कि इसी दौरान उसने महिला का स्नान करते समय चुपके से अश्लील वीडियो बना लिया। इसके बाद वीडियो वायरल करने की धमकी देकर महिला पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाया। पीड़िता के मुताबिक, आरोपी ने वर्ष 2018 से 2022 तक अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। बाद में उसने वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिया। इससे परेशान होकर महिला ने परिजनों को जानकारी दी और पुलिस से शिकायत की। पीड़िता की तहरीर पर हंसवर थाने में मुकदमा अपराध संख्या 180/2024 दर्ज किया गया। इसमें दुष्कर्म, जबरन वसूली और आईटी एक्ट की धारा 67ए के तहत कार्रवाई की गई। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पीड़िता समेत पांच गवाह पेश किए। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने मो. शाकिब को दोषी ठहराते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 376 के तहत 10 वर्ष के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड तथा आईटी एक्ट की धारा 67ए के तहत तीन वर्ष के कारावास और एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अदालत ने कुल अर्थदंड की 50 प्रतिशत राशि पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में देने का भी आदेश दिया।

