अंबिकापुर। कायाकल्प योजना के तहत कभी प्रदेश में अपनी पहचान बनाने वाला अंबिकापुर स्थित नवापारा का शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अब बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा में है। 2 दिन पूर्व जिला स्तरीय टीम ने अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान बायो मेडिकल वेस्ट के पृथक्करण एवं प्रबंधन के अलावा कई खामियां मिलीं। इन कमियों के होने से यहां भर्ती मरीजों व उनके परिजनों को भी लगातार परेशानी होने की बात सामने आई। शहर के अस्पताल में इस तरह का गंभीर मामला सामने आने के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) (Surguja CMHO) ने प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। सीएमएचओ ने 7 दिन के भीतर जवाब मांगा है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई की भी चेतावनी दी गई है।
सीएमएचओ कार्यालय से जारी पत्र के अनुसार 13 अक्टूबर को जिला स्तरीय टीम ने अस्पताल का कायाकल्प असेसमेंट किया था। इस दौरान निर्धारित चेकलिस्ट के अनुरूप आवश्यक तैयारियों का अभाव पाया गया। अस्पताल में बायोमेडिकल वेस्ट का पृथक्करण एवं प्रबंधन, संक्रमण नियंत्रण तथा साफ-सफाई की व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिली। नोटिस (Notice to Medical Officer) में इन कमियों को स्वास्थ्य संस्था के निर्धारित गुणवत्ता मानकों और कायाकल्प कार्यक्रम के उद्देश्यों के विपरीत बताया गया है। सीएमएचओ ने इसे संस्था स्तर पर गंभीरता की कमी माना है।
Navapara hospital: सात दिन में मांगा जवाब
प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को नोटिस प्राप्त होने के 7 दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सभी कमियों को दूर कर सुधारात्मक कार्रवाई का पालन प्रतिवेदन अभिलेखों और फोटोग्राफ सहित प्रस्तुत करने को कहा गया है, ताकि अस्पताल का दोबारा असेसमेंट कराया जा सके। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई (Action agains Medical Officer) के लिए प्रस्ताव भेजने की चेतावनी भी दी गई है।
व्यवस्था सुधार पर नजर
स्थानीय स्तर पर अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कभी प्रदेश (Chhattisgarh State) में अपनी पहचान बनाने वाले इस स्वास्थ्य केंद्र में मौजूदा अव्यवस्थाओं से मरीजों को परेशानी होने की बात कही जा रही है। अब दोबारा असेसमेंट से पहले अस्पताल की व्यवस्थाओं (Health facility) में कितना सुधार होता है, इस पर नजर रहेगी।

