Sidhi News : मध्य प्रदेश के सीधी में बिना अनुमति लिए कॉलोनी विकसित कर भूखंड बेचने वालों पर अब प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। कलेक्टर विकास मिश्रा के न्यायालय ने ग्राम सीधी खुर्द के अंतर्गत आने वाली 3 अलग-अलग भूमियों पर विकसित की जा रही कॉलोनियों को अवैध घोषित कर दिया है। साथ ही, संबंधित जमीनों पर भू-प्रवेश की कार्रवाई कर कब्जा प्राप्त करने और जिम्मेदारों के किलाफ उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
आदेश के बाद अब नगर पालिका और राजस्व अमले की भूमिका अहम हो गई है। प्रशासनिक कार्रवाई का उद्देश्य अवैध कॉलोनी विकास पर अंकुश लगाने के साथ नियम के हिसाब से नागरिक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
इन तीन जमीनों पर बनी कॉलोनियां अवैध
कलेक्टर न्यायालय द्वारा दिए आदेश में ग्राम सीधी खुर्द में खसरा नंबर 303 की 0.2430 हेक्टेयर, खसरा नंबर 157/5/1/1 की 0.0854 हेक्टेयर और खसरा नंबर 156/2/1/1 की 0.2799 हेक्टेयर भूमि पर विकसित की जा रही कॉलोनियों को अवैध घोषित किया गया है। आदेशों में इन तीनों भूमियों पर क्रमश: 9, 2 और 6 भूखंडों के विक्रय का उल्लेख है। इस तरह तीनों मामलों में कुल 17 भूखंडों की बिक्री का जिक्र किया गया है।
नगर पालिका को दी कब्जा लेने की जिम्मेदारी
कलेक्टर न्यायालय ने संबंधित भूमियों को नगर पालिका परिषद सीधी से संबद्ध करते हुए मुख्य नगर पालिका अधिकारी को भू-प्रवेश की कार्रवाई कर जमीनों का कब्जा वापस लेने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, कॉलोनी विकास और नागरिक अधोसंरचना से जुड़े कामों के लिए प्राक्कलन तैयार करने को भी कहा गया है। आदेशों के क्रियान्वयन से ये तय होगा कि, संबंधित इलाकों में आगे किस तरह की कार्रवाई होती है और लोगों की सुविधाओं के विकास की प्रक्रिया कैसे आगे बढ़ती है?
नियमों के उल्लंघन करने वालों पर केस दर्ज होंगे
आदेशों में मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियमए 1961 की धारा 339-क एवं 339-ख और कॉलोनाइजर पंजीयन नियम-1998 के प्रावधानों के उल्लंघन का उल्लेख है। संबंधित मामलों में अनावेदकों के खिलाफ सक्षम न्यायालय में केस दर्ज कराने के लिए तहसीलदार गोपदबनास को अधिकृत किया गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई को अवैध प्लॉटिंग के मामलों में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब संबंधित विभागों को न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई करनी होगी। वहीं, बिना वैध अनुमति विकसित की जा रही कॉलोनियों में भूखंड खरीदने वाले लोगों के हितों और नागरिक सुविधाओं का सवाल भी महत्वपूर्ण होगा।

