किशनगंज। परीक्षा केंद्र दूर बनाए जाने से नाराज छात्र-छात्राओं ने किशनगंज मारवाड़ी कॉलेज में प्रदर्शन कर गृह जिले में ही परीक्षा केंद्र देने की मांग उठाई। छात्रों का कहना है कि किशनगंज से करीब 45 किलोमीटर दूर बायसी डिग्री कॉलेज में परीक्षा केंद्र बनाए जाने के कारण उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। परीक्षा देने के लिए लंबी दूरी तय करने के साथ-साथ केंद्र तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त सफर और पैदल चलने की मजबूरी भी बनी हुई है। छात्रों ने संबंधित विश्वविद्यालय और शिक्षा विभाग से परीक्षा केंद्र की व्यवस्था में बदलाव करने की मांग की है। शारीरिक और मानसिक परेशानी झेलनी पड़ती प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं ने बताया कि किशनगंज से बायसी डिग्री कॉलेज की दूरी करीब 45 किलोमीटर है। इतनी दूर परीक्षा केंद्र होने के कारण समय पर पहुंचना उनके लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। छात्रों के अनुसार, बायसी पहुंचने के बाद भी परीक्षा केंद्र तक जाने के लिए पर्याप्त परिवहन सुविधा नहीं मिलती है। टेंपो मिलने के बाद भी उन्हें करीब 5 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ता है। इससे परीक्षा देने जाने वाले विद्यार्थियों को शारीरिक और मानसिक परेशानी झेलनी पड़ती है। परीक्षा देने पहुंचे छात्र-छात्राओं पर अतिरिक्त दबाव छात्रों ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि परीक्षा केंद्र दूर होने के कारण उन्हें सुबह से ही सफर की तैयारी करनी पड़ती है। रास्ते में परिवहन की समस्या और समय पर वाहन नहीं मिलने के कारण कई बार परीक्षा केंद्र पहुंचने में देर हो जाती है। छात्रों का आरोप है कि देरी से केंद्र पहुंचने पर उन्हें परीक्षा कक्ष में प्रवेश करने से रोक दिया जाता है। उन्होंने बताया कि ऐसी स्थिति में परीक्षा केंद्र के कर्मचारियों से काफी अनुरोध करना पड़ता है। कई बार आग्रह करने के बाद ही उन्हें परीक्षा में शामिल होने की अनुमति मिल पाती है। इससे परीक्षा देने पहुंचे छात्र-छात्राओं पर अतिरिक्त दबाव बना रहता है। छात्रों का कहना है कि परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों का ध्यान पढ़ाई और प्रश्नपत्र हल करने पर होना चाहिए, लेकिन दूर परीक्षा केंद्र बनाए जाने के कारण उनका काफी समय आने-जाने में ही खर्च हो जाता है। स्थानीय स्तर पर परीक्षा केंद्र बनाने की मांग रास्ते की परेशानी के चलते परीक्षा से पहले ही उन्हें मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है। प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं ने बताया कि इससे पहले किशनगंज के महिला कॉलेज में भी विद्यार्थियों की परीक्षा आयोजित की जाती थी। स्थानीय स्तर पर परीक्षा केंद्र होने से जिले के छात्र-छात्राओं को काफी सुविधा मिलती थी। उन्हें परीक्षा देने के लिए दूसरे जिले या दूर के स्थानों तक जाने की जरूरत नहीं पड़ती थी। छात्रों का सवाल है कि जब पहले किशनगंज में ही परीक्षा केंद्र की व्यवस्था उपलब्ध थी, तो अब उन्हें इतनी दूर क्यों भेजा जा रहा है? उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर परीक्षा केंद्र बनाए जाने से विद्यार्थियों के साथ-साथ उनके अभिभावकों को भी राहत मिलेगी। छात्रों के अनुसार, दूर परीक्षा केंद्र होने से विशेष रूप से उन विद्यार्थियों को परेशानी होती है, जिनके पास निजी वाहन की सुविधा नहीं है। उन्हें सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर रहना पड़ता है। जिले में ही एग्जाम आयोजित करने की मांग वाहन की अनुपलब्धता और रास्ते में लगने वाले समय के कारण परीक्षा केंद्र तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है छात्र-छात्राओं ने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि किशनगंज जिले के विद्यार्थियों के लिए गृह जिले में ही परीक्षा केंद्र बनाया जाए। उनका कहना है कि स्थानीय स्तर पर परीक्षा केंद्र उपलब्ध होने से समय और पैसे की बचत होगी। साथ ही, विद्यार्थियों को परीक्षा में शामिल होने के लिए अनावश्यक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों ने कहा कि परीक्षा केंद्र का निर्धारण करते समय छात्रों की सुविधा, परिवहन व्यवस्था और दूरी का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। केवल परीक्षा आयोजित करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को समय पर और सुरक्षित तरीके से परीक्षा केंद्र तक पहुंचने की सुविधा मिलनी चाहिए। उन्होंने संबंधित विश्वविद्यालय और शिक्षा विभाग से इस मामले में जल्द पहल करने की अपील की है, ताकि आगामी परीक्षाओं में विद्यार्थियों को इस तरह की समस्याओं का सामना नहीं करना पड़े। छात्रों की प्रमुख मांग है कि किशनगंज के विद्यार्थियों की परीक्षा जिले में ही आयोजित कराई जाए, जिससे उन्हें 45 किलोमीटर की दूरी तय करने और परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए कई किलोमीटर पैदल चलने की परेशानी से राहत मिल सके। हालांकि इस मामले में कॉलेज प्रशासन की ओर से अभी तक कोई बयान नहीं आया है। किशनगंज। परीक्षा केंद्र दूर बनाए जाने से नाराज छात्र-छात्राओं ने किशनगंज मारवाड़ी कॉलेज में प्रदर्शन कर गृह जिले में ही परीक्षा केंद्र देने की मांग उठाई। छात्रों का कहना है कि किशनगंज से करीब 45 किलोमीटर दूर बायसी डिग्री कॉलेज में परीक्षा केंद्र बनाए जाने के कारण उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। परीक्षा देने के लिए लंबी दूरी तय करने के साथ-साथ केंद्र तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त सफर और पैदल चलने की मजबूरी भी बनी हुई है। छात्रों ने संबंधित विश्वविद्यालय और शिक्षा विभाग से परीक्षा केंद्र की व्यवस्था में बदलाव करने की मांग की है। शारीरिक और मानसिक परेशानी झेलनी पड़ती प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं ने बताया कि किशनगंज से बायसी डिग्री कॉलेज की दूरी करीब 45 किलोमीटर है। इतनी दूर परीक्षा केंद्र होने के कारण समय पर पहुंचना उनके लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। छात्रों के अनुसार, बायसी पहुंचने के बाद भी परीक्षा केंद्र तक जाने के लिए पर्याप्त परिवहन सुविधा नहीं मिलती है। टेंपो मिलने के बाद भी उन्हें करीब 5 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ता है। इससे परीक्षा देने जाने वाले विद्यार्थियों को शारीरिक और मानसिक परेशानी झेलनी पड़ती है। परीक्षा देने पहुंचे छात्र-छात्राओं पर अतिरिक्त दबाव छात्रों ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि परीक्षा केंद्र दूर होने के कारण उन्हें सुबह से ही सफर की तैयारी करनी पड़ती है। रास्ते में परिवहन की समस्या और समय पर वाहन नहीं मिलने के कारण कई बार परीक्षा केंद्र पहुंचने में देर हो जाती है। छात्रों का आरोप है कि देरी से केंद्र पहुंचने पर उन्हें परीक्षा कक्ष में प्रवेश करने से रोक दिया जाता है। उन्होंने बताया कि ऐसी स्थिति में परीक्षा केंद्र के कर्मचारियों से काफी अनुरोध करना पड़ता है। कई बार आग्रह करने के बाद ही उन्हें परीक्षा में शामिल होने की अनुमति मिल पाती है। इससे परीक्षा देने पहुंचे छात्र-छात्राओं पर अतिरिक्त दबाव बना रहता है। छात्रों का कहना है कि परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों का ध्यान पढ़ाई और प्रश्नपत्र हल करने पर होना चाहिए, लेकिन दूर परीक्षा केंद्र बनाए जाने के कारण उनका काफी समय आने-जाने में ही खर्च हो जाता है। स्थानीय स्तर पर परीक्षा केंद्र बनाने की मांग रास्ते की परेशानी के चलते परीक्षा से पहले ही उन्हें मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है। प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं ने बताया कि इससे पहले किशनगंज के महिला कॉलेज में भी विद्यार्थियों की परीक्षा आयोजित की जाती थी। स्थानीय स्तर पर परीक्षा केंद्र होने से जिले के छात्र-छात्राओं को काफी सुविधा मिलती थी। उन्हें परीक्षा देने के लिए दूसरे जिले या दूर के स्थानों तक जाने की जरूरत नहीं पड़ती थी। छात्रों का सवाल है कि जब पहले किशनगंज में ही परीक्षा केंद्र की व्यवस्था उपलब्ध थी, तो अब उन्हें इतनी दूर क्यों भेजा जा रहा है? उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर परीक्षा केंद्र बनाए जाने से विद्यार्थियों के साथ-साथ उनके अभिभावकों को भी राहत मिलेगी। छात्रों के अनुसार, दूर परीक्षा केंद्र होने से विशेष रूप से उन विद्यार्थियों को परेशानी होती है, जिनके पास निजी वाहन की सुविधा नहीं है। उन्हें सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर रहना पड़ता है। जिले में ही एग्जाम आयोजित करने की मांग वाहन की अनुपलब्धता और रास्ते में लगने वाले समय के कारण परीक्षा केंद्र तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है छात्र-छात्राओं ने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि किशनगंज जिले के विद्यार्थियों के लिए गृह जिले में ही परीक्षा केंद्र बनाया जाए। उनका कहना है कि स्थानीय स्तर पर परीक्षा केंद्र उपलब्ध होने से समय और पैसे की बचत होगी। साथ ही, विद्यार्थियों को परीक्षा में शामिल होने के लिए अनावश्यक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों ने कहा कि परीक्षा केंद्र का निर्धारण करते समय छात्रों की सुविधा, परिवहन व्यवस्था और दूरी का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। केवल परीक्षा आयोजित करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को समय पर और सुरक्षित तरीके से परीक्षा केंद्र तक पहुंचने की सुविधा मिलनी चाहिए। उन्होंने संबंधित विश्वविद्यालय और शिक्षा विभाग से इस मामले में जल्द पहल करने की अपील की है, ताकि आगामी परीक्षाओं में विद्यार्थियों को इस तरह की समस्याओं का सामना नहीं करना पड़े। छात्रों की प्रमुख मांग है कि किशनगंज के विद्यार्थियों की परीक्षा जिले में ही आयोजित कराई जाए, जिससे उन्हें 45 किलोमीटर की दूरी तय करने और परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए कई किलोमीटर पैदल चलने की परेशानी से राहत मिल सके। हालांकि इस मामले में कॉलेज प्रशासन की ओर से अभी तक कोई बयान नहीं आया है।

