सीवान में शारदीय नवरात्र और दशहरा को लेकर शहर में बड़े वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने का सदर एसडीओ आशुतोष गुप्ता का आदेश बेअसर नजर आ रहा है। आदेश जारी होने के दो दिन बाद भी शहर की सड़कों पर ट्रकों और बसों की आवाजाही जारी है। प्रतिबंध के बावजूद रात आठ बजे से सुबह आठ बजे तक बड़े वाहन शहर से गुजर रहे हैं। इससे मंदिरों में पूजा-अर्चना के लिए आने-जाने वाले महिला, पुरुष और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। गुरुवार सुबह भी शहर की सड़कों पर भारी वाहनों की आवाजाही देखने को मिली। सड़क पार कर रही बच्चियों के बीच से ट्रक और बसें धूल उड़ाते हुए गुजरती रहीं। सुबह के समय मंदिरों में पूजा के लिए श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में भारी वाहनों के प्रवेश से दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। प्रशासन की ओर से यातायात नियंत्रण के लिए आदेश जारी किए जाने के बावजूद वाहनों का परिचालन जारी रहने से आदेश के अनुपालन पर सवाल उठ रहे हैं। 16 अक्टूबर तक बड़े वाहनों के प्रवेश पर रोक सदर एसडीओ आशुतोष गुप्ता ने शारदीय नवरात्र और दशहरा के दौरान शहर की यातायात व्यवस्था नियंत्रित करने के लिए आदेश जारी किया है। इसके तहत 16 अक्टूबर तक सुबह 5 बजे से रात 12 बजे तक बड़े वाहनों के शहर में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है। वहीं, 17 से 22 अक्टूबर तक बड़े वाहनों के साथ एंबुलेंस, पुलिस और आपातकालीन सेवाओं में इस्तेमाल होने वाले वाहनों को छोड़कर अन्य चारपहिया वाहनों के प्रवेश पर रोक निर्धारित की गई है। प्रतिबंधित वाहनों को बाईपास से गुजरने का निर्देश दिया गया है। आदेश का पालन कराने की जिम्मेदारी नगर, मुफस्सिल, सराय और महादेवा थाना प्रभारियों को सौंपी गई है। इसके बावजूद शहर में भारी वाहनों की आवाजाही जारी रहने से यातायात नियंत्रण की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। गश्ती गाड़ी भेजने की बात, फिर भी जारी रही आवाजाही इस संबंध में सराय थाना प्रभारी विकास कुमार बिट्टू और मुफस्सिल थाना प्रभारी उपेंद्र कुमार सिंह से बात की गई तो उन्होंने गश्ती गाड़ी भेजने की बात कही। हालांकि, इसके बावजूद शहर की सड़कों पर ट्रकों और भारी वाहनों का प्रवेश बंद नहीं हुआ। वहीं, सदर एसडीओ आशुतोष गुप्ता ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि आदेश का पालन नहीं हो रहा है। उन्होंने इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को निर्देश देने की बात कही। श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर उठ रहे सवाल नवरात्र के दौरान शहर के प्रमुख पूजा स्थलों और मंदिरों में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना और प्रतिबंधित वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाना जरूरी है। भारी वाहनों की आवाजाही से न केवल दुर्घटना की आशंका बढ़ती है, बल्कि बाजार और प्रमुख सड़कों पर जाम की स्थिति भी बन सकती है। प्रशासन ने त्योहार के मद्देनजर यातायात नियंत्रण के लिए आदेश जारी किया है, लेकिन इसके प्रभावी अनुपालन के लिए सड़कों पर निगरानी और जरूरी कार्रवाई की आवश्यकता है। अब देखना होगा कि संबंधित थाना पुलिस और प्रशासन प्रतिबंध को जमीन पर लागू कराने के लिए क्या कदम उठाते हैं। सीवान में शारदीय नवरात्र और दशहरा को लेकर शहर में बड़े वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने का सदर एसडीओ आशुतोष गुप्ता का आदेश बेअसर नजर आ रहा है। आदेश जारी होने के दो दिन बाद भी शहर की सड़कों पर ट्रकों और बसों की आवाजाही जारी है। प्रतिबंध के बावजूद रात आठ बजे से सुबह आठ बजे तक बड़े वाहन शहर से गुजर रहे हैं। इससे मंदिरों में पूजा-अर्चना के लिए आने-जाने वाले महिला, पुरुष और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। गुरुवार सुबह भी शहर की सड़कों पर भारी वाहनों की आवाजाही देखने को मिली। सड़क पार कर रही बच्चियों के बीच से ट्रक और बसें धूल उड़ाते हुए गुजरती रहीं। सुबह के समय मंदिरों में पूजा के लिए श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में भारी वाहनों के प्रवेश से दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। प्रशासन की ओर से यातायात नियंत्रण के लिए आदेश जारी किए जाने के बावजूद वाहनों का परिचालन जारी रहने से आदेश के अनुपालन पर सवाल उठ रहे हैं। 16 अक्टूबर तक बड़े वाहनों के प्रवेश पर रोक सदर एसडीओ आशुतोष गुप्ता ने शारदीय नवरात्र और दशहरा के दौरान शहर की यातायात व्यवस्था नियंत्रित करने के लिए आदेश जारी किया है। इसके तहत 16 अक्टूबर तक सुबह 5 बजे से रात 12 बजे तक बड़े वाहनों के शहर में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है। वहीं, 17 से 22 अक्टूबर तक बड़े वाहनों के साथ एंबुलेंस, पुलिस और आपातकालीन सेवाओं में इस्तेमाल होने वाले वाहनों को छोड़कर अन्य चारपहिया वाहनों के प्रवेश पर रोक निर्धारित की गई है। प्रतिबंधित वाहनों को बाईपास से गुजरने का निर्देश दिया गया है। आदेश का पालन कराने की जिम्मेदारी नगर, मुफस्सिल, सराय और महादेवा थाना प्रभारियों को सौंपी गई है। इसके बावजूद शहर में भारी वाहनों की आवाजाही जारी रहने से यातायात नियंत्रण की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। गश्ती गाड़ी भेजने की बात, फिर भी जारी रही आवाजाही इस संबंध में सराय थाना प्रभारी विकास कुमार बिट्टू और मुफस्सिल थाना प्रभारी उपेंद्र कुमार सिंह से बात की गई तो उन्होंने गश्ती गाड़ी भेजने की बात कही। हालांकि, इसके बावजूद शहर की सड़कों पर ट्रकों और भारी वाहनों का प्रवेश बंद नहीं हुआ। वहीं, सदर एसडीओ आशुतोष गुप्ता ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि आदेश का पालन नहीं हो रहा है। उन्होंने इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को निर्देश देने की बात कही। श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर उठ रहे सवाल नवरात्र के दौरान शहर के प्रमुख पूजा स्थलों और मंदिरों में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना और प्रतिबंधित वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाना जरूरी है। भारी वाहनों की आवाजाही से न केवल दुर्घटना की आशंका बढ़ती है, बल्कि बाजार और प्रमुख सड़कों पर जाम की स्थिति भी बन सकती है। प्रशासन ने त्योहार के मद्देनजर यातायात नियंत्रण के लिए आदेश जारी किया है, लेकिन इसके प्रभावी अनुपालन के लिए सड़कों पर निगरानी और जरूरी कार्रवाई की आवश्यकता है। अब देखना होगा कि संबंधित थाना पुलिस और प्रशासन प्रतिबंध को जमीन पर लागू कराने के लिए क्या कदम उठाते हैं।

