भास्कर न्यूज| चाईबासा आगामी दुर्गा पूजा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित, सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने को लेकर कमिश्नर कार्यालय के आयुक्त प्रकोष्ठ में एक अहम समीक्षा बैठक आयोजित की गई। कोल्हान प्रमंडल के आयुक्त रविरंजन कुमार विक्रम की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में विधि-व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण, अग्नि सुरक्षा, खाद्य स्वच्छता जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए। प्रमंडलीय आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी पूजा समितियां पंडालों के मुख्य प्रवेश व निकास द्वार के साथ-साथ आसपास के प्रमुख स्थलों पर अनिवार्य रूप से सीसीटीवी कैमरे लगाएं। इसके साथ ही स्थानीय दुकानदारों को भी अपने प्रतिष्ठानों के सीसीटीवी सक्रिय रखने के लिए प्रेरित किया जाएगा। जिला व अनुमंडल स्तर पर बनाए जाने वाले नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) के जरिए इन सभी कैमरों की सतत निगरानी रखी जाएगी। नियमित रिपोर्टिंग भी सुनिश्चित की जाएगी। बैठक में मुख्य रूप से जिला उपायुक्त मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अमित रेणु, सहायक समाहर्ता ईरा जोरवाल, आयुक्त के सचिव दयानंद कार्जी, प्रादेशिक परिवहन प्राधिकार के उप परिवहन आयुक्त-सह-सचिव रंथू महतो सहित जिले के सभी अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी समेत अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। { सभी पूजा पंडालों का सुरक्षा ऑडिट अनिवार्य : त्योहारों के दौरान मिलावटखोरी रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा पदाधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीम बनाई गई है।सभी पूजा पंडालों का सुरक्षा ऑडिटअनिवार्य कर दिया गया है। पंडालों में अग्नि सुरक्षा, विद्युत सुरक्षा, पर्याप्त प्रकाश और साफ-सफाई के पुख्ता इंतजाम करने तथा आपातकालीन मार्गों को पूरी तरह खुला रखने के निर्देश दिए गए हैं। { धार्मिक सौहार्द और ध्वनि मानकों पर सख्ती : बैठक में डीजे और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल को लेकर प्रशासन द्वारा तय किए गए ध्वनि मानकों और समय-सीमा का कड़ाई से पालन करने को कहा गया है। आयुक्त ने निर्देश दिया कि किसी भी धर्म, भाषा, समुदाय या सामाजिक सौहार्द को आहत करने वाले गीतों और आपत्तिजनक सामग्री के प्रसारण पर पूरी तरह रोक रहेगी। { संवेदनशील इलाकों और यातायात पर विशेष नजर : चाईबासा शहरी क्षेत्र के अलावा चक्रधरपुर, जगन्नाथपुर अनुमंडल (नोवामुंडी, गुवा आदि) और अन्य संवेदनशील तथा भीड़भाड़ वाले इलाकों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं। पूजा पंडालों के आसपास दुकानों को इस तरह लगाया जाएगा कि आवागमन के रास्ते में कोई बाधा न आए। अवैध पार्किंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। महिला सुरक्षा के लिए महिला पुलिसकर्मियों और दंडाधिकारियों की तैनाती होगी। इधर जिले में विधि-व्यवस्था की आपातकालीन स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पुलिस लाइन, चाईबासा में पुलिस बल द्वारा एक एंटी-रॉयट ) मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान पुलिस को बल प्रयोग, भीड़ नियंत्रण, आंसू गैस के गोले छोड़ने और सूझबूझ के साथ कानून व्यवस्था संभालने के तरीकों के संबंध में ब्रीफ किया गया। मॉक ड्रिल के बाद चक्रधरपुर व चाईबासा में पुलिस बलों का फ्लैग मार्च निकाला गया। भास्कर न्यूज| चाईबासा आगामी दुर्गा पूजा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित, सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने को लेकर कमिश्नर कार्यालय के आयुक्त प्रकोष्ठ में एक अहम समीक्षा बैठक आयोजित की गई। कोल्हान प्रमंडल के आयुक्त रविरंजन कुमार विक्रम की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में विधि-व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण, अग्नि सुरक्षा, खाद्य स्वच्छता जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए। प्रमंडलीय आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी पूजा समितियां पंडालों के मुख्य प्रवेश व निकास द्वार के साथ-साथ आसपास के प्रमुख स्थलों पर अनिवार्य रूप से सीसीटीवी कैमरे लगाएं। इसके साथ ही स्थानीय दुकानदारों को भी अपने प्रतिष्ठानों के सीसीटीवी सक्रिय रखने के लिए प्रेरित किया जाएगा। जिला व अनुमंडल स्तर पर बनाए जाने वाले नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) के जरिए इन सभी कैमरों की सतत निगरानी रखी जाएगी। नियमित रिपोर्टिंग भी सुनिश्चित की जाएगी। बैठक में मुख्य रूप से जिला उपायुक्त मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अमित रेणु, सहायक समाहर्ता ईरा जोरवाल, आयुक्त के सचिव दयानंद कार्जी, प्रादेशिक परिवहन प्राधिकार के उप परिवहन आयुक्त-सह-सचिव रंथू महतो सहित जिले के सभी अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी समेत अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। { सभी पूजा पंडालों का सुरक्षा ऑडिट अनिवार्य : त्योहारों के दौरान मिलावटखोरी रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा पदाधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीम बनाई गई है।सभी पूजा पंडालों का सुरक्षा ऑडिटअनिवार्य कर दिया गया है। पंडालों में अग्नि सुरक्षा, विद्युत सुरक्षा, पर्याप्त प्रकाश और साफ-सफाई के पुख्ता इंतजाम करने तथा आपातकालीन मार्गों को पूरी तरह खुला रखने के निर्देश दिए गए हैं। { धार्मिक सौहार्द और ध्वनि मानकों पर सख्ती : बैठक में डीजे और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल को लेकर प्रशासन द्वारा तय किए गए ध्वनि मानकों और समय-सीमा का कड़ाई से पालन करने को कहा गया है। आयुक्त ने निर्देश दिया कि किसी भी धर्म, भाषा, समुदाय या सामाजिक सौहार्द को आहत करने वाले गीतों और आपत्तिजनक सामग्री के प्रसारण पर पूरी तरह रोक रहेगी। { संवेदनशील इलाकों और यातायात पर विशेष नजर : चाईबासा शहरी क्षेत्र के अलावा चक्रधरपुर, जगन्नाथपुर अनुमंडल (नोवामुंडी, गुवा आदि) और अन्य संवेदनशील तथा भीड़भाड़ वाले इलाकों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं। पूजा पंडालों के आसपास दुकानों को इस तरह लगाया जाएगा कि आवागमन के रास्ते में कोई बाधा न आए। अवैध पार्किंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। महिला सुरक्षा के लिए महिला पुलिसकर्मियों और दंडाधिकारियों की तैनाती होगी। इधर जिले में विधि-व्यवस्था की आपातकालीन स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पुलिस लाइन, चाईबासा में पुलिस बल द्वारा एक एंटी-रॉयट ) मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान पुलिस को बल प्रयोग, भीड़ नियंत्रण, आंसू गैस के गोले छोड़ने और सूझबूझ के साथ कानून व्यवस्था संभालने के तरीकों के संबंध में ब्रीफ किया गया। मॉक ड्रिल के बाद चक्रधरपुर व चाईबासा में पुलिस बलों का फ्लैग मार्च निकाला गया।

