सिटी रिपोर्टर | बोकारो जिले में आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने और लंबे समय से फरार चल रहे अपराधियों की धरपकड़ के लिए बोकारो पुलिस ने विशेष अभियान चलाया। एसपी नाथू सिंह मीणा के निर्देश पर 13 अक्टूबर की रात जिले के सभी थाना क्षेत्रों में एक साथ विशेष समकालीन अभियान चलाया गया। इस व्यापक अभियान के तहत पुलिस ने अलग-अलग मामलों में वांछित और वारंटी कुल 33 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए कुल 77 पुलिस टीमें बनाई गईं, जिनमें 276 पुलिस पदाधिकारी और जवान शामिल थे। पुलिस टीमों ने पहले से चिह्नित किए गए वारंटियों और वांछित आरोपियों के संभावित 171 ठिकानों पर छापेमारी की। रात भर चली इस कार्रवाई से जिले के अपराधियों में हड़कंप मचा रहा। पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, जिले के 29 थानों और ओपी क्षेत्रों में एक साथ कार्रवाई की गई। इस दौरान पुलिस टीमों ने विभिन्न कांडों में वांछित छह मुख्य आरोपियों और 27 वारंटियों को दबोचा। अभियान के दौरान 32 मामलों में अदालत के रिकॉल (वारंट वापसी आदेश) दिखाए जाने के आधार पर एनबीडब्ल्यू का निष्पादन किया गया। काफी लंबी अवधि से पेंडिंग चल रहे तीन स्थायी वारंटों का भी निष्पादन करने में सफलता हासिल की। सिटी रिपोर्टर | बोकारो जिले में आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने और लंबे समय से फरार चल रहे अपराधियों की धरपकड़ के लिए बोकारो पुलिस ने विशेष अभियान चलाया। एसपी नाथू सिंह मीणा के निर्देश पर 13 अक्टूबर की रात जिले के सभी थाना क्षेत्रों में एक साथ विशेष समकालीन अभियान चलाया गया। इस व्यापक अभियान के तहत पुलिस ने अलग-अलग मामलों में वांछित और वारंटी कुल 33 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए कुल 77 पुलिस टीमें बनाई गईं, जिनमें 276 पुलिस पदाधिकारी और जवान शामिल थे। पुलिस टीमों ने पहले से चिह्नित किए गए वारंटियों और वांछित आरोपियों के संभावित 171 ठिकानों पर छापेमारी की। रात भर चली इस कार्रवाई से जिले के अपराधियों में हड़कंप मचा रहा। पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, जिले के 29 थानों और ओपी क्षेत्रों में एक साथ कार्रवाई की गई। इस दौरान पुलिस टीमों ने विभिन्न कांडों में वांछित छह मुख्य आरोपियों और 27 वारंटियों को दबोचा। अभियान के दौरान 32 मामलों में अदालत के रिकॉल (वारंट वापसी आदेश) दिखाए जाने के आधार पर एनबीडब्ल्यू का निष्पादन किया गया। काफी लंबी अवधि से पेंडिंग चल रहे तीन स्थायी वारंटों का भी निष्पादन करने में सफलता हासिल की।

