IND vs WI 4th T20I: वेस्टइंडीज के खिलाफ चौथे टी20 में भारत को 24 रन से हार का सामना करना पड़ा है। भारतीय टीम से आखिर कहां चूक हुई? इसके लिए कप्तान श्रेयस अय्यर ने सीधे तौर पर अपने गेंदबाजों को दोषी ठहराया है।
India vs West Indies 4th T20I: कप्तान शाई होप की 50 गेंदों में 102 रन और शेरफेन रदरफोर्ड की 26 गेंदों में 49 रन के दम पर हैदराबाद में वेस्टइंडीज ने पांच मैचों टी20 सीरीज के चौथे मैच में 24 से शानदार जीत दर्ज की है। भारत की इस हार के साथ ही सीरीज अब 2-2 की बराबरी पर पहुंच गई है। भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने माना कि गेंदबाजों की खराब लाइन और लेंथ की वजह से इतना बड़ा स्कोर खड़ा हो गया। उन्होंने इस हार के लिए पूरी तरह से गेंदबाजों को दोषी ठहराया और अपने बल्लेबाजों के तरीके का समर्थन किया।
इंडिया की परफॉर्मेंस और चेज में वे कहां पीछे रह गए?
यह सब गेंदबाजी से शुरू हुआ। हमने अपनी लाइन और लेंथ को ठीक से एग्जीक्यूट नहीं किया और आखिर में देखिए, 250 रन का चेज करते समय आपको एक खास पैटर्न में चलना होता है। इसलिए जब हम चेज कर रहे थे, तो मुझे अप्रोच पसंद आया, लेकिन हम बदकिस्मत थे कि हम बॉलिंग में अपने प्लान को एग्जीक्यूट नहीं कर पाए और यहीं हम थोड़े पीछे रह गए।
क्या अभिषेक शर्मा के शुरू में ऑफ स्ट्राइक होने से इंडिया की शुरुआत पर असर पड़ा?
इस सवाल पर उन्होंने कहा कि नहीं, हम उस समय भी 12 रन प्रति ओवर पर चल रहे थे। बस बात यह है कि उन्होंने अपने प्लान को एग्जीक्यूट किया और बॉल विकेट से थोड़ी ज़्यादा ऑफ भी थी। बॉल थोड़ी किक कर रही थी और उन्होंने फील्ड का काफी अच्छा इस्तेमाल किया। इसलिए क्रेडिट वहीं मिला जहां मिलना चाहिए था और उनका एग्जीक्यूशन एकदम सही था।
पिच के धीमे होने और बीच के ओवरों में एक्स्ट्रा बाउंस होने पर क्या कहेंगे?
इस पर उन्होंने कहा कि हां, गेंद थोड़ी रुक कर रही थी और कुछ ज़्यादा बाउंस भी हो रही थी। लेकिन, मुझे लगता है कि बॉलर्स को भी यह एहसास हुआ। जिस तरह से उन्होंने फील्ड के हिसाब से बॉलिंग की, वही जरूरी था, खासकर उन बीच के ओवर्स में। भले ही मोमेंटम हमारी तरफ शिफ्ट हो गया था, फिर भी वापसी करने की काबिलियत टॉप लेवल की थी और मुझे यकीन है कि पांचवां मैच दिलचस्प होगा।
अगले मैच में टीम इंडिया का क्या अप्रोच रहेगा?
इस पर उन्होंने कहा कि 220 रन बनाना, खासकर जब हम चेज कर रहे थे और फिर 250 रन बना रहे थे, आप हर किसी का अप्रोच और एटीट्यूड देख सकते हैं। अप्रोच वही रहने वाला है और मुझे लगता है कि आगे हमें अपनी बॉलिंग के बारे में ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं है। लेकिन, यह सब एग्जिक्यूशन और उस फ्रेश माइंडसेट के बारे में है। जहां आप उस दिन आते हैं और देखते हैं कि क्या करते हैं, फिर आप उस पल को पकड़ लेते हैं।
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