Election Commissioners की कानूनी सुरक्षा पर बरसे MA Baby, लामबंद हुआ INDIA गठबंधन

Election Commissioners की कानूनी सुरक्षा पर बरसे MA Baby, लामबंद हुआ INDIA गठबंधन

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (मार्क्सवादी) के जनरल सेक्रेटरी एम.ए. बेबी ने बुधवार को चुनाव अधिकारियों को दी गई कानूनी सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और चुनाव आयुक्तों को ऐसी छूट दी गई है, जो “भारत के राष्ट्रपति को भी नहीं मिलती। नई दिल्ली में हरकिशन सिंह सुरजीत भवन के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए, बेबी ने चुनाव आयोग के पैनल को दी गई कानूनी सुरक्षा को एक “असाधारण स्थिति” बताया और कहा कि इसे तुरंत कानून में बदलाव करके वापस लिया जाना चाहिए। बेबी ने कहा हमें सरकार को चुनाव कानून में संशोधन करने के लिए मजबूर करना होगा, जिसके तहत मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों को ऐसी छूट दी जा रही है—जो भारत के राष्ट्रपति को भी हासिल नहीं है। भारत के राष्ट्रपति को केवल अपने कार्यकाल के दौरान ही छूट मिल सकती है। इसलिए, यह एक असाधारण स्थिति है।

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यह अनुभवी वामपंथी नेता, सिविल सोसाइटी समूहों, बुद्धिजीवियों और जन-संगठनों द्वारा संस्थागत जवाबदेही और चुनावी ईमानदारी पर चर्चा के लिए आयोजित एक हाई-प्रोफाइल बैठक के दौरान बोल रहे थे। सुरजीत भवन में हुई इस बैठक में विकास अर्थशास्त्री ज्यां द्रेज़, राजनीतिक टिप्पणीकार पराकला प्रभाकर, अभिनेता प्रकाश राज और एक्टिविस्ट तारा राव जैसी जानी-मानी हस्तियों के साथ-साथ कई युवा और छात्र प्रतिनिधि भी शामिल हुए। इस मंच के प्रति CPI(M) का पूरा समर्थन जताते हुए, बेबी ने कहा कि जन-संगठन और विपक्षी INDIA गठबंधन जवाबदेही की मांग करने और चुनाव प्रमुख को हटाने के लिए एकजुट हो रहे हैं। बेबी ने कहा, “संवैधानिक मूल्यों और भारत के चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं की जवाबदेही की रक्षा के लिए संघर्ष एक बहुत महत्वपूर्ण लड़ाई है, जिसे हमें कई स्तरों पर लड़ना पड़ सकता है। INDIA गठबंधन इस संघर्ष में सबसे आगे है, और छात्र व युवा संगठन भी इसमें शामिल हैं।

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