गोरखपुर में त्योहारों के दौरान होने वाले डांडिया और गरबा कार्यक्रमों की सुरक्षा को लेकर हिंदू जागरण मंच ने पुलिस प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है। मंच के जिला संयोजक प्रभात वर्मा ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को ज्ञापन सौंपकर आयोजनों में आने वाले लोगों की पहचान जांचने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का अनुरोध किया। ज्ञापन में गैर-हिंदुओं और मुस्लिम समुदाय के लोगों के प्रवेश पर रोक लगाने, आधार कार्ड की जांच करने और आयोजकों की अनुमति रद्द करने जैसी मांगें भी रखी गई हैं। मंच ने हर कार्यक्रम स्थल पर दो पुलिसकर्मी तैनात करने और अपने पांच सदस्यों के जरिए निगरानी कराने का सुझाव दिया है। महिलाओं की सुरक्षा का दिया हवाला हिंदू जागरण मंच ने ज्ञापन में कहा कि डांडिया और गरबा कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में महिलाएं, युवतियां और लड़कियां शामिल होती हैं। इसलिए आयोजनों के दौरान सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाने चाहिए। मंच ने पुलिस से किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पहले से जरूरी कदम उठाने और शांति व्यवस्था बनाए रखने का अनुरोध किया है। प्रवेश पर रोक लगाने की मांग मंच ने डांडिया और गरबा को सनातन संस्कृति से जुड़ा धार्मिक उत्सव बताते हुए गैर-हिंदुओं और मुस्लिम समुदाय के लोगों को कार्यक्रमों में प्रवेश नहीं देने की मांग की है। साथ ही, यदि कोई गैर-हिंदू व्यक्ति ऐसा आयोजन करता है, तो उसकी अनुमति तत्काल रद्द करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है। आधार कार्ड जांचने और पुलिस तैनाती का सुझाव ज्ञापन में कार्यक्रम स्थल पर प्रवेश से पहले लोगों के आधार कार्ड की जांच करने का सुझाव दिया गया है। मंच चाहता है कि पहचान की जांच के बाद ही लोगों को अंदर जाने दिया जाए। इसके अलावा, प्रत्येक आयोजन स्थल पर दो पुलिसकर्मियों की तैनाती की मांग की गई है। मंच के मुताबिक, इससे कार्यक्रमों पर नजर रखने और किसी परेशानी की स्थिति में समय पर कार्रवाई करने में मदद मिल सकती है। निगरानी में मंच के पांच सदस्य भी शामिल करने की मांग हिंदू जागरण मंच ने प्रत्येक कार्यक्रम स्थल पर अपने पांच सदस्यों को भी निगरानी के लिए रखने का सुझाव दिया है। मंच ने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा और शांति व्यवस्था के मद्देनजर इन मांगों पर विचार करने की अपील की है। ज्ञापन की प्रतिलिपि जिलाधिकारी गोरखपुर और संबंधित क्षेत्राधिकारी को भी भेजी गई है। मंच ने ज्ञापन के जरिए अपनी मांगें पुलिस प्रशासन के सामने रखी हैं। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में पुलिस की ओर से इन मांगों को स्वीकार करने या कोई आदेश जारी किए जाने की पुष्टि नहीं है।

