जयपुर निवासी और राजस्थान सरकार के अधिकारी डॉ. मदन यादव ने 18 सितंबर को खुद पर हुए हमले की जांच की मांग की है। बता दें कि उनके घर के पास हुए गंभीर हमले में उनके सिर पर गंभीर चोट आई थी। वहीं 24 टांके लगाने पड़े थे। इस संबंध में नारायण विहार पुलिस थाना में एफआईआर दर्ज है। डॉ. यादव ने कहा- हमले में छह आरोपी शामिल थे। वहीं हमला किसके निर्देश पर किया और इसके पीछे साजिशकर्ता कौन था, इसकी भी जांच होनी चाहिए। डॉ. यादव ने बताया कि इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, अरुण यादव, पूर्व केंद्रीय मंत्री व राज्यसभा में उपनेता प्रतिपक्ष प्रमोद तिवारी के पत्रों के माध्यम से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। वहीं राज्यसभा सांसद व सचेतक नीरज डांगी, पूर्व सांसद डॉ. करण सिंह यादव और एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद झाखड़ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ट्वीट कर मामले में न्याय की मांग की। अप्रैल में भी हुआ था हमला डॉ. यादव ने 1 अप्रैल 2026 को हुई एक घटना की जांच कराने की भी मांग की है। उनके अनुसार- उस दिन रास्ता रोकने का प्रयास किया था और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा था। उन्होंने आग्रह किया कि दोनों घटनाओं के बीच किसी संभावित संबंध की जांच की जाए। पूर्व घटना से जुड़े व्यक्तियों, वाहनों और उपलब्ध रिकॉर्ड का सत्यापन किया जाए। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की कि पूरे मामले की जांच वरिष्ठ अधिकारी की निगरानी में समयबद्ध तरीके से की जाए।

