धौलपुर. सुप्रीम कोर्ट से प्रतिबंधित चंबल बजरी निकासी और परिवहन के मामले में सीडब्ल्यूसी और पीसीसीएफ (प्रशासनिक) समेत अन्य अधिकारी धौलपुर दौरे पर पहुंचे। टीम ने यहां चंबल नदी किनारे घाटों की स्थिति का बारीकी से जायजा लिया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद यहां चंबल घाटों की तरफ जाने वाले रास्तों पर लगाई आरएसी चौकी और नीचे निगरानी के लिए लगाए सीसीटीवी कैमरे समेत अन्य प्रबंधों की जानकार ली।
ज्ञात रहे कि मुख्य सचिव की ओर से इलाके की जमीनी हकीकत जानने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए थे। जिस पर टीम ने यहां धौलपुर में प्रतिबंधित चंबल बजरी की स्थिति और प्रशासन की ओर से किए उपायों की जानकारी ली। साथ ही नदी क्षेत्र के करीब डेढ़ किलोमीटर क्षेत्र को वन विभाग में स्थानांतरण करने के मामले पर भी विचार विमर्श हुआ। उधर, पुलिस प्रशासन की ओर से सोमवार को चंबल नदी के इलाके का सघन आकस्मिक जायजा लिया। इसमें सीओ प्रदीप मेहरा, कोतवाली थाना प्रभारी रामकिशन यादव समेत अन्य अधिकारी शामिल रहे। हालांकि बता दें कि प्रभावी नियंत्रण के बाद से प्रतिबंधित चम्बल बजरी खनन व परिवहन में भारी गिरावट आई है। इस साल मई में 4, जून माह में 3, जुलाई में शून्य, अगस्त में 1 एवं सितम्बर में शून्य तो अक्टूबर माह में अभी तक अवैध चंबल बजरी का एक भी मामला सामने नहीं आया है। उधर, शहर में अब सिंध की रेत और डस्ट की सप्लाई आ रही है। यह एमपी से धौलपुर आ रही है। साथ ही कुछ रेता यूपी से भी पहुंच रहा है।
इस साल 600 टन बजरी की जब्त
जिले में वर्ष 2026 में भी धौलपुर पुलिस ने अवैध खनन एवं परिवहन के विरुद्ध कार्रवाई सख्त की है। इस साल जनवरी से 11 अक्टूबर तक जिले में अवैध रेता-बजरी में खनन तथा परिवहन के विरुद्ध कुल 109 प्रकरण दर्ज कर 150 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। कार्रवाई के दौरान 129 वाहन जब्त किए गए तथा कुल 600 टन बजरी को जब्त किया है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद से मई से अक्टूबर माह तक गिने-चुने ही प्रकरण सामने आए हैं।
बीते साल दर्ज हुए थे 246 प्रकरण
इससे पहले बीते साल अवैध चंबल बजरी में रेकॉर्ड मामले सामने आए थे। वर्ष 2025 के दौरान जिले में अवैध रेता-बजरी एवं पत्थर खनन तथा परिवहन के विरुद्ध कुल 246 प्रकरण दर्ज किए गए तथा 275 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई के दौरान 260 अवैध खनन में प्रयुक्त वाहनों को जब्त किया गया था। साथ ही 10040 टन प्रतिबंधित बजरी को जब्त किया गया था।
वहीं, चम्बल नदी के घाटों एवं उनसे जुड़े संवेदनशील मार्गों पर पुलिस टीमों की ओर से लगातार निगरानी की जा रही है। इसका नतीजा ये है हुआ कि अप्रेल के बाद से लगातार अवैध बजरी के मामलों में कमी आई है। प्रतिबंधित चम्बल बजरी खनन से प्रभावित जिले के 10 थाना इलाकों में चम्बल निकासी के प्रमुख घाटों पर आरएसी पोस्ट तैनात की गई है। इसके अलावा प्रमुख मार्गों पर अभय कमांड के कैमरे लगवाए गए हैं। बता दें कि मई माह में 4 प्रकरणों से घटकर जून में 3, जुलाई में शून्य, अगस्त में 1 और सितंबर में शून्य एफआइआर सामने आई हैं।
बजरी के माहवार दर्ज आंकडे
माह एफआइआर
मई 04जून 03
जुलाई शून्यअगस्त01
सितंबर शून्यअक्टूबर शून्य
(नोट: अक्टूबर में 11 तक आंकड़े शामिल)

