सुपौल जिले में अवैध हथियार बरामदगी के मामले में मंगलवार को न्यायालय ने अभियुक्त नीरज कुमार को तीन साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही न्यायालय ने उस पर 10 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। अभियुक्त नीरज कुमार, पिता उपेन्द्र राम, को त्रिवेणीगंज थाना कांड संख्या 292/2024 में दोषी करार देते हुए यह सजा सुनाई गई। मामले में वर्ष 2024 में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। न्यायालय के फैसले के बाद अब दोषी को जेल में सजा काटनी होगी। लूटकांड के आरोपी की गिरफ्तारी के लिए हुई थी छापेमारी अभियोजन के अनुसार, राघोपुर थाना कांड संख्या 254/2024 में लूट के मामले के प्राथमिक अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही थी। इसी दौरान पुलिस ने नीरज कुमार के घर पर भी छापेमारी की। तलाशी के क्रम में उसके कब्जे से अवैध हथियार बरामद किया गया। इसके बाद हथियार बरामदगी के मामले में त्रिवेणीगंज थाना कांड संख्या 292/2024 दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की गई। 5 गवाहों ने दी गवाही मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अभियोजन अधिकारी कुमारी सुष्मिता ने न्यायालय में कुल पांच गवाहों का परीक्षण कराया। सुनवाई के क्रम में बरामद अवैध हथियार को जब्ती से संबंधित गवाह के समक्ष प्रस्तुत किया गया। अभियोजन पक्ष ने मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्य के माध्यम से अभियुक्त के विरुद्ध लगाए गए आरोपों को साबित करने का प्रयास किया। साक्ष्यों के आधार पर सुनाई गई सजा मामले में प्रस्तुत गवाहों के बयान, दस्तावेजी साक्ष्य और जब्त हथियार से संबंधित प्रदर्श का न्यायालय ने सम्यक मूल्यांकन किया। इसके बाद अभियुक्त नीरज कुमार को दोषी पाते हुए तीन वर्ष के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया गया। अवैध हथियार की बरामदगी से जुड़े इस मामले में न्यायालय के फैसले को कानूनी कार्रवाई के महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में देखा जा रहा है। सुपौल जिले में अवैध हथियार बरामदगी के मामले में मंगलवार को न्यायालय ने अभियुक्त नीरज कुमार को तीन साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही न्यायालय ने उस पर 10 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। अभियुक्त नीरज कुमार, पिता उपेन्द्र राम, को त्रिवेणीगंज थाना कांड संख्या 292/2024 में दोषी करार देते हुए यह सजा सुनाई गई। मामले में वर्ष 2024 में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। न्यायालय के फैसले के बाद अब दोषी को जेल में सजा काटनी होगी। लूटकांड के आरोपी की गिरफ्तारी के लिए हुई थी छापेमारी अभियोजन के अनुसार, राघोपुर थाना कांड संख्या 254/2024 में लूट के मामले के प्राथमिक अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही थी। इसी दौरान पुलिस ने नीरज कुमार के घर पर भी छापेमारी की। तलाशी के क्रम में उसके कब्जे से अवैध हथियार बरामद किया गया। इसके बाद हथियार बरामदगी के मामले में त्रिवेणीगंज थाना कांड संख्या 292/2024 दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की गई। 5 गवाहों ने दी गवाही मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अभियोजन अधिकारी कुमारी सुष्मिता ने न्यायालय में कुल पांच गवाहों का परीक्षण कराया। सुनवाई के क्रम में बरामद अवैध हथियार को जब्ती से संबंधित गवाह के समक्ष प्रस्तुत किया गया। अभियोजन पक्ष ने मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्य के माध्यम से अभियुक्त के विरुद्ध लगाए गए आरोपों को साबित करने का प्रयास किया। साक्ष्यों के आधार पर सुनाई गई सजा मामले में प्रस्तुत गवाहों के बयान, दस्तावेजी साक्ष्य और जब्त हथियार से संबंधित प्रदर्श का न्यायालय ने सम्यक मूल्यांकन किया। इसके बाद अभियुक्त नीरज कुमार को दोषी पाते हुए तीन वर्ष के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया गया। अवैध हथियार की बरामदगी से जुड़े इस मामले में न्यायालय के फैसले को कानूनी कार्रवाई के महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में देखा जा रहा है।

