कोरबा शहर के सीएसईबी चौकी क्षेत्र में बोरी में बंद सिर कटी महिला की लाश मिलने की खबर अफवाह निकली है। पुलिस और डॉक्टरों की जांच में पुष्टि हुई है कि बरामद शव किसी इंसान का नहीं, बल्कि एक पशु का है। इसके बाद इलाके में महिला की हत्या कर शव फेंके जाने की आशंका को लेकर फैल रही चर्चाओं पर विराम लग गया है। बदबू आने पर लोगों ने पुलिस को दी थी सूचना घटना मंगलवार की है। सीएसईबी और डीपी नगर चौक के बीच बालको जाने वाले रेलवे ट्रैक के किनारे झाड़ियों में एक बोरी में सड़ी-गली लाश पड़ी होने की सूचना मिली थी। जैन मंदिर के पीछे बसी बस्ती के लोगों ने बदबू आने पर पुलिस को इसकी जानकारी दी। कुछ ही देर में यह खबर फैल गई कि बोरी में महिला की सिर कटी लाश है और हत्या के बाद शव के टुकड़े कर फेंके गए हैं। सूचना मिलने पर पुलिस अधिकारी और जवान मौके पर पहुंचे। मामला गंभीर मानते हुए पुलिस ने शव को जब्त कर शवगृह में रखवाया और जांच के लिए डॉक्टरों व फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम को बुलाया। डॉक्टरों की जांच में पशु का शव होने की पुष्टि कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि सीएसईबी और डीपी नगर चौक के बीच बालको जाने वाले रेलवे ट्रैक पर काम चल रहा था। इसी दौरान मजदूरों को झाड़ियों में शव दिखाई दिया। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। शुरुआत से ही शव की स्थिति को लेकर संदेह था, इसलिए उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। सीएसपी के मुताबिक, डॉक्टरों ने जांच के बाद लिखित रूप में बताया कि बरामद शव किसी इंसान का नहीं, बल्कि पशु का है। ऐसे में महिला की सिर कटी लाश मिलने और हत्या किए जाने की खबर गलत साबित हुई। मालगाड़ी की चपेट में आने से मौत की आशंका पुलिस का अनुमान है कि करीब पखवाड़े भर पहले कोई पशु मालगाड़ी की चपेट में आ गया होगा। उसकी मौत के बाद शव रेलवे ट्रैक के किनारे झाड़ियों में पड़ा रहा। समय बीतने के साथ शव सड़ने लगा और उसमें कीड़े पड़ गए। इसी वजह से लोगों को वह इंसानी शव होने का संदेह हुआ। फिलहाल पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच में किसी महिला का शव नहीं मिला है और इस मामले में हत्या की पुष्टि नहीं हुई है।

