दरभंगा शहर के चुनाभट्टी में इस बार दुर्गा पूजा के अवसर पर मिथिला की कला, संस्कृति और पारंपरिक विरासत की अनूठी झलक देखने को मिलेगी। यहां दुर्गा पूजा पंडाल को ‘मिथिला धाम’ का स्वरूप दिया जा रहा है। मिथिला पेंटिंग से सजे इस पंडाल को आकर्षक और भव्य बनाने में करीब 60 कारीगर जुटे हैं। पंडाल निर्माण और सजावट पर 20 लाख रुपये तक खर्च होने का अनुमान है। खास बात यह है कि सजावट में इस्तेमाल होने वाली मिथिला पेंटिंग स्थानीय कलाकार तैयार कर रहे हैं। पूजा समिति का उद्देश्य पंडाल के माध्यम से मिथिलांचल की सांस्कृतिक पहचान और पारंपरिक कला को प्रदर्शित करना है। स्थानीय कलाकारों की भागीदारी से इस आयोजन के जरिए क्षेत्रीय कला को बढ़ावा देने की भी कोशिश की जा रही है। पूजा के दौरान पंडाल श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनने की उम्मीद है। अग्नि सुरक्षा को लेकर अग्निशमन विभाग सतर्क दुर्गा पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अग्निशमन विभाग ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में जिला अग्निशमन पदाधिकारी प्रिया कुमारी ने चुना भट्टी स्थित पूजा पंडाल का निरीक्षण किया। उनके साथ फायर ऑफिसर चंद्र किशोर पासवान सहित विभाग के अन्य कर्मी मौजूद थे। अधिकारियों ने पंडाल में अग्नि सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लिया और पूजा समिति के पदाधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान समिति के अध्यक्ष संजय बड़ी उर्फ गोप जी, उपाध्यक्ष अशोक साहनी, कोषाध्यक्ष बिल्टू सनी, उपकोषाध्यक्ष सत्यपाल मलिक और सचिव अमरजीत साहनी को सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया। हैलोजन लाइट और सिंथेटिक कपड़े के इस्तेमाल पर रोक जिला अग्निशमन पदाधिकारी प्रिया कुमारी ने स्पष्ट किया कि पूजा पंडालों को अग्नि सुरक्षित रखना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने मुख्यालय के निर्देश और डीजी प्रीता वर्मा तथा आईजी सुनील कुमार नायक के दिशा-निर्देशों के तहत अग्नि सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही। साथ ही जिले की सभी पूजा समितियों और आम लोगों से सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने पूजा पंडालों में हैलोजन लाइट का इस्तेमाल नहीं करने और निर्माण में सिंथेटिक कपड़े से बचने का निर्देश दिया। बिजली की वायरिंग, एलईडी लाइट और पंखों को कपड़े या थर्माकोल से कम से कम 15 सेंटीमीटर की दूरी पर लगाने को कहा गया। इसके अलावा प्रत्येक 50 वर्ग मीटर क्षेत्र में दो बाल्टी पानी रखने और प्रत्येक 100 वर्ग मीटर क्षेत्र में वाटर टाइप फायर सॉकेट की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले पंडालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए संबंधित एसडीएम को पत्र लिखा जाएगा। हर पंडाल में दो प्रशिक्षित वालंटियर रहेंगे तैनात अग्निशमन विभाग पूजा पंडालों में आपात स्थिति से निपटने के लिए दो-दो वालंटियर को प्रशिक्षित करेगा। विभाग के प्रशिक्षित कर्मी उन्हें आग से बचाव और शुरुआती स्तर पर आग बुझाने के तरीके बताएंगे। प्रशिक्षण के दौरान बिजली का मेन स्विच बंद करने, जल स्रोतों का उपयोग करने और बाल्टी सहित उपलब्ध संसाधनों से आग पर काबू पाने की जानकारी दी जाएगी। प्रिया कुमारी ने महिला श्रद्धालुओं से संध्या के समय दीप, अगरबत्ती और मोमबत्ती जलाते वक्त विशेष सावधानी बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि निर्धारित स्थान पर ही दीप जलाएं और साड़ी, दुपट्टे सहित अपने कपड़ों का ध्यान रखें। थोड़ी सी लापरवाही भी आग लगने का कारण बन सकती है। पूजा के दौरान 24 घंटे तैनात रहेंगे अग्निशमन कर्मी जिला अग्निशमन पदाधिकारी ने बताया कि दुर्गा पूजा के दौरान विभाग के अधिकारी और कर्मी 24 घंटे सतर्क रहेंगे। संवेदनशील स्थानों को चिह्नित कर वहां अग्निशमन वाहन और कर्मियों की तैनाती की व्यवस्था की जा रही है। जरूरत के अनुसार विभिन्न स्थानों पर अतिरिक्त कर्मियों को भी प्रतिनियुक्त किया जाएगा, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके। चुना भट्टी में जहां ‘मिथिला धाम’ के रूप में पंडाल को भव्य बनाने की तैयारी चल रही है, वहीं अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है। मिथिला पेंटिंग और स्थानीय कारीगरों की मेहनत से सजा यह पंडाल इस बार दुर्गा पूजा में कला, संस्कृति और आस्था का संगम पेश करेगा। दरभंगा शहर के चुनाभट्टी में इस बार दुर्गा पूजा के अवसर पर मिथिला की कला, संस्कृति और पारंपरिक विरासत की अनूठी झलक देखने को मिलेगी। यहां दुर्गा पूजा पंडाल को ‘मिथिला धाम’ का स्वरूप दिया जा रहा है। मिथिला पेंटिंग से सजे इस पंडाल को आकर्षक और भव्य बनाने में करीब 60 कारीगर जुटे हैं। पंडाल निर्माण और सजावट पर 20 लाख रुपये तक खर्च होने का अनुमान है। खास बात यह है कि सजावट में इस्तेमाल होने वाली मिथिला पेंटिंग स्थानीय कलाकार तैयार कर रहे हैं। पूजा समिति का उद्देश्य पंडाल के माध्यम से मिथिलांचल की सांस्कृतिक पहचान और पारंपरिक कला को प्रदर्शित करना है। स्थानीय कलाकारों की भागीदारी से इस आयोजन के जरिए क्षेत्रीय कला को बढ़ावा देने की भी कोशिश की जा रही है। पूजा के दौरान पंडाल श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनने की उम्मीद है। अग्नि सुरक्षा को लेकर अग्निशमन विभाग सतर्क दुर्गा पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अग्निशमन विभाग ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में जिला अग्निशमन पदाधिकारी प्रिया कुमारी ने चुना भट्टी स्थित पूजा पंडाल का निरीक्षण किया। उनके साथ फायर ऑफिसर चंद्र किशोर पासवान सहित विभाग के अन्य कर्मी मौजूद थे। अधिकारियों ने पंडाल में अग्नि सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लिया और पूजा समिति के पदाधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान समिति के अध्यक्ष संजय बड़ी उर्फ गोप जी, उपाध्यक्ष अशोक साहनी, कोषाध्यक्ष बिल्टू सनी, उपकोषाध्यक्ष सत्यपाल मलिक और सचिव अमरजीत साहनी को सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया। हैलोजन लाइट और सिंथेटिक कपड़े के इस्तेमाल पर रोक जिला अग्निशमन पदाधिकारी प्रिया कुमारी ने स्पष्ट किया कि पूजा पंडालों को अग्नि सुरक्षित रखना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने मुख्यालय के निर्देश और डीजी प्रीता वर्मा तथा आईजी सुनील कुमार नायक के दिशा-निर्देशों के तहत अग्नि सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही। साथ ही जिले की सभी पूजा समितियों और आम लोगों से सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने पूजा पंडालों में हैलोजन लाइट का इस्तेमाल नहीं करने और निर्माण में सिंथेटिक कपड़े से बचने का निर्देश दिया। बिजली की वायरिंग, एलईडी लाइट और पंखों को कपड़े या थर्माकोल से कम से कम 15 सेंटीमीटर की दूरी पर लगाने को कहा गया। इसके अलावा प्रत्येक 50 वर्ग मीटर क्षेत्र में दो बाल्टी पानी रखने और प्रत्येक 100 वर्ग मीटर क्षेत्र में वाटर टाइप फायर सॉकेट की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले पंडालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए संबंधित एसडीएम को पत्र लिखा जाएगा। हर पंडाल में दो प्रशिक्षित वालंटियर रहेंगे तैनात अग्निशमन विभाग पूजा पंडालों में आपात स्थिति से निपटने के लिए दो-दो वालंटियर को प्रशिक्षित करेगा। विभाग के प्रशिक्षित कर्मी उन्हें आग से बचाव और शुरुआती स्तर पर आग बुझाने के तरीके बताएंगे। प्रशिक्षण के दौरान बिजली का मेन स्विच बंद करने, जल स्रोतों का उपयोग करने और बाल्टी सहित उपलब्ध संसाधनों से आग पर काबू पाने की जानकारी दी जाएगी। प्रिया कुमारी ने महिला श्रद्धालुओं से संध्या के समय दीप, अगरबत्ती और मोमबत्ती जलाते वक्त विशेष सावधानी बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि निर्धारित स्थान पर ही दीप जलाएं और साड़ी, दुपट्टे सहित अपने कपड़ों का ध्यान रखें। थोड़ी सी लापरवाही भी आग लगने का कारण बन सकती है। पूजा के दौरान 24 घंटे तैनात रहेंगे अग्निशमन कर्मी जिला अग्निशमन पदाधिकारी ने बताया कि दुर्गा पूजा के दौरान विभाग के अधिकारी और कर्मी 24 घंटे सतर्क रहेंगे। संवेदनशील स्थानों को चिह्नित कर वहां अग्निशमन वाहन और कर्मियों की तैनाती की व्यवस्था की जा रही है। जरूरत के अनुसार विभिन्न स्थानों पर अतिरिक्त कर्मियों को भी प्रतिनियुक्त किया जाएगा, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके। चुना भट्टी में जहां ‘मिथिला धाम’ के रूप में पंडाल को भव्य बनाने की तैयारी चल रही है, वहीं अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है। मिथिला पेंटिंग और स्थानीय कारीगरों की मेहनत से सजा यह पंडाल इस बार दुर्गा पूजा में कला, संस्कृति और आस्था का संगम पेश करेगा।

