राष्ट्रीय हितों की रक्षा और प्रतिबंधों से मुकाबले के लिए कूटनीति का रास्ता अपनाएगा ईरान, विदेश मंत्री की दो-टूक

राष्ट्रीय हितों की रक्षा और प्रतिबंधों से मुकाबले के लिए कूटनीति का रास्ता अपनाएगा ईरान, विदेश मंत्री की दो-टूक

अमेरिका (United States of America) के खिलाफ युद्ध में ईरान (Iran) को अब तक काफी नुकसान झेलना पड़ा है। ईरान के राष्ट्रीय हितों को नुकसान पहुंचा है और साथ ही उस पर कई प्रतिबंध भी लगाए गए हैं। हालांकि इन सबके बावजूद ईरान ने अमेरिका के आगे घुटने नहीं टेके। इसी बीच ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) ने इस पूरे मामले पर दो-टूक बात कह दी है।

कूटनीति का रास्ता अपनाएगा ईरान

अराघची ने सोमवार को ईरानी संसद में तेहरान प्रांत के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के दौरान कहा कि ईरान अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपने अधिकारों और हितों का बचाव करने के लिए गंभीरता से कूटनीति का रास्ता अपनाएगा। अराघची ने कहा कि ईरान पर लगाए प्रतिबंधों का मुकाबला करने के लिए भी उनका देश ऐसा ही करेगा। यह बैठक ईरान की विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर विधायिका और विदेश मंत्रालय के बीच चल रही बातचीत का हिस्सा थी।

क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय घटनाओं पर विस्तार से हुई चर्चा

इस बैठक के दौरान ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने हाल की क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय घटनाओं के बारे में तेहरान प्रांत के प्रतिनिधियों को बताया और इस बारे में विस्तार से चर्चा की। इन प्रतिनिधियों को ईरान के राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए मंत्रालय के मुख्य कदमों और पहलों के बारे में भी जानकारी दी गई। नैतक के दौरान अराघची ने देश की विदेश नीति की प्राथमिकताओं के बारे में भी विस्तार से बताया और पड़ोसी व क्षेत्रीय देशों के साथ संबंध बढ़ाने और विभिन्न देशों के साथ आर्थिक सहयोग का दायरा बढ़ाने पर जोर दिया।

जन-संपर्क और मीडिया कूटनीति को मज़बूत करने की ज़रूरत

अराघची ने ईरान पर लगाए प्रतिबंधों का असर कम करने के लिए आर्थिक कूटनीति की क्षमता का पूरा इस्तेमाल करने और साथ ही ईरान के रुख और नज़रिए को समझाने के लिए जन-संपर्क और मीडिया कूटनीति को मज़बूत करने की ज़रूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने सरकार के विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाने और खतरों का सामना करने के साथ ही ईरान के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए देश की सभी क्षमताओं को जुटाने के महत्व पर भी जोर दिया।

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