Amit Shah और PM मोदी पर बरसी शिवसेना UBT, सामना में लगाया तानाशाही का आरोप

Amit Shah और PM मोदी पर बरसी शिवसेना UBT, सामना में लगाया तानाशाही का आरोप

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने केंद्र और राज्य प्रशासन पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ तानाशाही वाले तरीके अपनाने का आरोप लगाया। पार्टी ने कहा कि दिल्ली और मुंबई में छात्रों, महिलाओं और पत्रकारों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई से पूरे देश में अशांति का माहौल बन गया है।  उद्धव ठाकरे की पार्टी ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ में छपे एक संपादकीय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की आलोचना की। पार्टी ने पुलिस की कथित ज्यादतियों पर उनकी चुप्पी को लेकर यह आलोचना की। संपादकीय में दावा किया गया कि विरोध प्रदर्शनों से निपटने के तरीके ने गृह युद्ध जैसे हालात पैदा कर दिए हैं, साथ ही अधिकारियों पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग करने का आरोप भी लगाया गया। 

इसे भी पढ़ें: Shiv Sena UBT नेता प्रदीप पूर्णेकर हत्याकांड में UP से पकड़े दो आरोपी पुलिस रिमांड पर
सामना ने प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ लगाया पुलिस की ज़्यादती का आरोप 

अखबार के संपादकीय में आरोप लगाया गया है कि दिल्ली और मुंबई में पुलिसकर्मियों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों – जिनमें छात्र, महिलाएं और पत्रकार शामिल थे – के ख़िलाफ़ बल प्रयोग किया। इसमें सुप्रीम कोर्ट के उन निर्देशों का भी ज़िक्र किया गया है जो बिना दंगे-फसाद की स्थिति में प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज करने से संबंधित हैं। अखबार के संपादकीय के अनुसार, दिल्ली में महिला प्रदर्शनकारियों और पत्रकारों के साथ बुरा बर्ताव किया गया। वहीं, एक सत्याग्रह के दौरान सांसद जॉन ब्रिटास, CPI के जनरल सेक्रेटरी एम.ए. बेबी और केरल में विपक्ष के नेता पी. विजयन समेत कई नेताओं को कथित तौर पर घसीटा गया, पीटा गया और पुलिस वैन में ले जाया गया। अखबार ने दावा किया कि मुंबई में भी ऐसे ही हालात देखने को मिले, जहां शिवाजी पार्क के पास विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों और कॉलेज की छात्राओं को कथित तौर पर घसीटकर पुलिस की गाड़ियों में डाला गया। पार्टी ने अपने संपादकीय में प्रदर्शनों से निपटने के तरीके की आलोचना करते हुए ये आरोप लगाए।

इसे भी पढ़ें: Mundeshwari Temple में होती है बिना खून बहाए सात्विक बलि, बदलता है शिवलिंग का रंग

उद्धव ठाकरे गुट ने मोदी और अमित शाह पर निशाना साधा

संपादकीय में शाह पर कोर्ट के निर्देशों को नजरअंदाज करने और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग करने का आरोप लगाया गया। साथ ही कहा गया कि इस कार्रवाई से प्रधानमंत्री के प्रति जनता का गुस्सा बढ़ रहा है। इसमें मोदी की भी आलोचना की गई कि वे चेन्नई जाकर मेट्रो से जुड़ी प्रेजेंटेशन देख रहे थे और विकास की बातें कर रहे थे, जबकि संपादकीय के अनुसार, वे कथित अशांति पर चुप रहे। अखबार ने शाह पर यह भी आरोप लगाया कि वे हथियारों से लैस सुरक्षाकर्मियों के पीछे छिपे रहे और विरोध प्रदर्शनों पर ध्यान देने के बजाय पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी जैसे राज्यों में बीजेपी की उपचुनाव जीतों पर ध्यान केंद्रित करते रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *