धार जिले में कम बारिश के कारण जल संकट गहराने लगा है। इसका असर किसानों के साथ आम लोगों पर भी पड़ रहा है। खेतों की सिंचाई और पीने के पानी की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ गई है। जिले में पिछले साल के मुकाबले इस साल अब तक 642.2 मिलीमीटर कम बारिश दर्ज की गई है। हालात को देखते हुए किसान और आम लोग जिले को सूखा घोषित करने की मांग कर रहे हैं। पिछले साल से 642.2 मिमी कम बारिश आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2025 में जिले में 1298.6 मिलीमीटर बारिश हुई थी। वहीं, वर्ष 2026 में अब तक 656.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। यह पिछले साल के मुकाबले 642.2 मिलीमीटर यानी करीब 49.45 प्रतिशत कम है। जल स्रोतों में घट रहा पानी, टैंकर सप्लाई महंगी बारिश की कमी से जल स्रोतों में पानी घट रहा है। शहर में बोरिंग का जलस्तर भी नीचे जा रहा है और कई जगह बोरिंग रुक-रुककर चल रही हैं। टैंकरों से पानी मंगाना भी महंगा पड़ रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में पेयजल संकट और गहराने की आशंका है।

