अंबिकापुर के प्लेस ऑफ सेफ्टी से बीती रात 6 अपचारी बालक फरार हो गये। अपचारी बालकों ने रसोइया पर गर्म खाना फेंक दिया और गार्ड को एक कमरे में बंद कर भाग निकले। भागने के दौरान दो अपचारी बालक घायल हो गए, जो पकड़ लिए गए हैं। अन्य चार फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम जुटी है। फरार आरोपी 16 से 18 वर्ष के बीच की उम्र के हैं। आरोपियों पर मर्डर, चोरी के मामले दर्ज हैं। मामला गांधीनगर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, बीती रात करीब 8.30 बजे से 9 बजे के बीच प्लेस ऑफ सेफ्टी में अपचारी बच्चों को खाना खाने के लिए बैरक से बाहर निकाला गया था। इस दौरान छह अपचारी बालकों ने रसोइये पर गर्म खाना फेंककर हंगामा कर दिया और ड्यूटी पर तैनात गार्ड को कमरे में बंद कर छह अपचारी बालक फरार हो गये। दो अपचारी बालक घायल, एक लौटा, दूसरा पकड़ा गया प्लेस ऑफ सेफ्टी से छह बच्चों के फरार होने की सूचना पर हड़कंप मच गया। तत्काल गांधीनगर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। भागे अपचारी बच्चों की तलाश शुरू की गई। भागने के दौरान दो अपचारी बालक घायल हो गये। एक के पैरों में गंभीर चोटें आईं तो वह स्वयं लंगड़ाते हुए वापस आ गया। एक अन्य अपचारी बालक के गिरने से उसके सिर में चोटें आईं और वह ज्यादा दूर नहीं भाग सका। पुलिस ने उसे पकड़कर प्रबंधन के हवाले कर दिया है। चार फरार अपचारी बालकों की तलाश पुलिस टीम कर रही है। रात को पुलिस टीम ने रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड एवं भागने के संभावित स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। हालांकि चारों का पता नहीं चला है। जो अपरचारी बालक फरार हुए हैं, उनके खिलाफ गंभीर अपराध दर्ज हैं। पहले भी फरार हो चुके हैं अपचारी बालक अंबिकापुर के कन्या परिसर मार्ग में बाल संप्रेक्षण गृह और प्लेस ऑफ सेफ्टी संचालित हैं। इसके पूर्व अपचारी बालकों के भागने की कई घटनाएं हो चुकी हैं। प्लेस ऑफ सेफ्टी से फरवरी माह में 15 अपचारी बालक गार्ड पर हमला करके फरार हुए थे, जिनमें पांच को पकड़ा गया था। जून में भी बाल संप्रेक्षण गृह से 11 अपचारी बालक खिड़की उखाड़कर फरार हुए थे, जिनमें से दो को बाद में वापस लाया गया था। जुलाई में भी 13 अपचारी बालक पुराना दरवाजा तोड़कर फरार हुए थे, जिनमें दो को पकड़ा गया था। इसके बाद प्लेस ऑफ सेफ्टी से तीन अपचारी बालक बालक टॉयलेट का रोशनदान तोड़कर फरार हो गये थे। अपचारी बालकों के फरार होने के बाद संस्था के अधीक्षक को सस्पेंड कर दिया गया है। वर्तमान में प्लेस ऑफ सेफ्टी आरक्षकों के भरोसे संचालित है। सरगुजा कलेक्टर ने भी प्लेस ऑफ सेफ्टी और बाल संप्रेक्षण गृह को ज्यादा सुरक्षित बनाने का निर्देश दिया था, जिसके बाद कई फेरबदल किए गए हैं।

