रायबरेली पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों से बैंक लोन दिलाने वाले गिरोह के एक और आरोपी उमाशंकर को गिरफ्तार किया है। उसे कानपुर रोड से पकड़ा गया। उस पर 48 फर्जी खातों से धोखाधड़ी का आरोप है। बैंक ऑफ बड़ौदा की रायबरेली मुख्य शाखा में फर्जी सैलरी स्लिप, नियुक्ति पत्र और आधार कार्ड पर पता बदलकर 48 पर्सनल लोन खाते पास हुए थे। बैंक की जांच में फर्जीवाड़ा सामने आने पर मुख्य प्रबंधक मुकेश सिन्हा ने कोतवाली नगर थाने में केस दर्ज कराया। पुलिस टीम ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और जमीनी सबूतों से कार्रवाई की। उमाशंकर (निवासी मौला बाकीपुर, उन्नाव) को रानानगर कब्रिस्तान के पास से गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। 12 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार इस मामले में पुलिस पहले भी 12 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है: राजेश सिंह, बब्लू राठौर, गोपाल सिंह, राधिका देवी, कामिनी राठौर, अमित कन्नौजिया, सत्यम उर्फ शिवम, रामनरेश भारती, राजेन्द्र कुमार, मनोज कुमार गौतम, करन सिंह और सूरज सोनी।

