अररिया के नरपतगंज थाना क्षेत्र में एसटीएफ टीम पर हुए हमले के मामले में पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनकी निशानदेही पर एक देसी कट्टा और पांच खोखे बरामद हुए हैं। हथियार बरामदगी को लेकर अलग से केस दर्ज किया गया है। पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार ने बताया कि 11 अक्टूबर को स्मैक तस्करी से जुड़े दो लोगों को पकड़ा गया था। उनकी जानकारी पर पुलिस टीम रंजीत शाह को गिरफ्तार करने खैरा गढ़िया पहुंची थी। मौके पर स्थानीय मुखिया के पति मोहम्मद फारूक से पुलिस की बहस हुई। आरोप है कि फारूक ने समर्थकों को उकसाकर टीम पर हमला करवाया, जिसमें कुछ जवान घायल हुए। 25 अज्ञात लोगों पर केस दर्ज पुलिस ने 29 नामजद और 20-25 अज्ञात लोगों पर केस दर्ज किया है। अब तक छह आरोपी पकड़े जा चुके हैं। बरामद हथियार का संबंध मुखिया के बेटे और दो अन्य लोगों से बताया गया है। एसपी जितेंद्र कुमार ने इस मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि घटना में शामिल सभी लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने साफ किया है कि नशा तस्करी और पुलिस टीम पर हमले जैसे मामलों में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। अब जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि हमले में कौन-कौन शामिल था और बरामद हथियार का इस्तेमाल या घटना से क्या संबंध रहा है। अररिया के नरपतगंज थाना क्षेत्र में एसटीएफ टीम पर हुए हमले के मामले में पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनकी निशानदेही पर एक देसी कट्टा और पांच खोखे बरामद हुए हैं। हथियार बरामदगी को लेकर अलग से केस दर्ज किया गया है। पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार ने बताया कि 11 अक्टूबर को स्मैक तस्करी से जुड़े दो लोगों को पकड़ा गया था। उनकी जानकारी पर पुलिस टीम रंजीत शाह को गिरफ्तार करने खैरा गढ़िया पहुंची थी। मौके पर स्थानीय मुखिया के पति मोहम्मद फारूक से पुलिस की बहस हुई। आरोप है कि फारूक ने समर्थकों को उकसाकर टीम पर हमला करवाया, जिसमें कुछ जवान घायल हुए। 25 अज्ञात लोगों पर केस दर्ज पुलिस ने 29 नामजद और 20-25 अज्ञात लोगों पर केस दर्ज किया है। अब तक छह आरोपी पकड़े जा चुके हैं। बरामद हथियार का संबंध मुखिया के बेटे और दो अन्य लोगों से बताया गया है। एसपी जितेंद्र कुमार ने इस मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि घटना में शामिल सभी लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने साफ किया है कि नशा तस्करी और पुलिस टीम पर हमले जैसे मामलों में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। अब जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि हमले में कौन-कौन शामिल था और बरामद हथियार का इस्तेमाल या घटना से क्या संबंध रहा है।

