दुर्गापूजा के पावन अवसर पर नालंदा जिले में विधि-व्यवस्था बनाए रखने और शराबबंदी कानून का सख्ती से पालन कराने के लिए मद्य निषेध विभाग पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। जिलाधिकारी के विशेष निर्देश के बाद शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक शराबियों और शराब माफियाओं के खिलाफ सघन जांच अभियान शुरू कर दिया गया है। ब्रेथ एनालाइजर से संदिग्धों की जांच मद्य निषेध अधीक्षक संजय कुमार चौधरी ने बताया कि डीएम के निर्देशानुसार पूजा के दौरान जगह-जगह ब्रेथ एनालाइजर मशीन से संदिग्धों की जांच की जा रही है। जांच में शराब की पुष्टि होते ही संबंधित व्यक्ति के खिलाफ विधिवत कानूनी कार्रवाई कर उसे सीधे न्यायालय भेजा जाएगा। दो टीमें गठित, जल्द सक्रिय होंगी चार टीमें अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में उपलब्ध ब्रेथ एनालाइजर मशीनों के आधार पर दो विशेष टीमों का गठन कर शहर में जांच कार्य शुरू कर दिया गया है। इसके अलावा अतिरिक्त मशीनों के लिए मुख्यालय से पत्राचार किया गया है, जिनकी आपूर्ति जल्द होने की उम्मीद है। अतिरिक्त संसाधन मिलते ही कुल चार टीमें सक्रिय हो जाएंगी। विभाग का मुख्य लक्ष्य सप्तमी से लेकर विजयादशमी और प्रतिमा विसर्जन तक शहर के चौक-चौराहों पर कड़ा पहरा रखना है, ताकि कोई भी असामाजिक तत्व शराब पीकर खुलेआम न घूम सके। हाईवे और टोल प्लाजा पर विशेष पेट्रोलिंग शराब की अंतर जिला या अंतरराज्यीय तस्करी रोकने के लिए राष्ट्रीय और राजकीय राजमार्गों पर भी विशेष निगरानी की व्यवस्था की गई है। विभाग को मिल रहे गोपनीय इनपुट्स और खुफिया सूचनाओं के आधार पर तीन प्रमुख संवेदनशील क्षेत्रों टोल प्लाजा, सरमेरा और एकंगरसराय में पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है। इन मार्गों से गुजरने वाले हर संदिग्ध वाहन की बारीकी से तलाशी ली जा रही है। पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई, ड्रोन से निगरानी अवैध शराब निर्माण के ठिकानों को नष्ट करने के लिए उत्पाद विभाग और जिला पुलिस मिलकर संयुक्त अभियान चला रहे हैं। इसी क्रम में नूरसराय थाना क्षेत्र के आत्मलचक और उसके आसपास के इलाकों में ड्रोन कैमरे की मदद से हवाई निगरानी कर छापेमारी की गई। विभाग एक-एक कर सभी थानों से संपर्क साधकर संवेदनशील इलाकों में दबिश दे रहा है, ताकि धंधेबाजों और असामाजिक तत्वों को कड़ा संदेश दिया जा सके। दुर्गापूजा के पावन अवसर पर नालंदा जिले में विधि-व्यवस्था बनाए रखने और शराबबंदी कानून का सख्ती से पालन कराने के लिए मद्य निषेध विभाग पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। जिलाधिकारी के विशेष निर्देश के बाद शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक शराबियों और शराब माफियाओं के खिलाफ सघन जांच अभियान शुरू कर दिया गया है। ब्रेथ एनालाइजर से संदिग्धों की जांच मद्य निषेध अधीक्षक संजय कुमार चौधरी ने बताया कि डीएम के निर्देशानुसार पूजा के दौरान जगह-जगह ब्रेथ एनालाइजर मशीन से संदिग्धों की जांच की जा रही है। जांच में शराब की पुष्टि होते ही संबंधित व्यक्ति के खिलाफ विधिवत कानूनी कार्रवाई कर उसे सीधे न्यायालय भेजा जाएगा। दो टीमें गठित, जल्द सक्रिय होंगी चार टीमें अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में उपलब्ध ब्रेथ एनालाइजर मशीनों के आधार पर दो विशेष टीमों का गठन कर शहर में जांच कार्य शुरू कर दिया गया है। इसके अलावा अतिरिक्त मशीनों के लिए मुख्यालय से पत्राचार किया गया है, जिनकी आपूर्ति जल्द होने की उम्मीद है। अतिरिक्त संसाधन मिलते ही कुल चार टीमें सक्रिय हो जाएंगी। विभाग का मुख्य लक्ष्य सप्तमी से लेकर विजयादशमी और प्रतिमा विसर्जन तक शहर के चौक-चौराहों पर कड़ा पहरा रखना है, ताकि कोई भी असामाजिक तत्व शराब पीकर खुलेआम न घूम सके। हाईवे और टोल प्लाजा पर विशेष पेट्रोलिंग शराब की अंतर जिला या अंतरराज्यीय तस्करी रोकने के लिए राष्ट्रीय और राजकीय राजमार्गों पर भी विशेष निगरानी की व्यवस्था की गई है। विभाग को मिल रहे गोपनीय इनपुट्स और खुफिया सूचनाओं के आधार पर तीन प्रमुख संवेदनशील क्षेत्रों टोल प्लाजा, सरमेरा और एकंगरसराय में पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है। इन मार्गों से गुजरने वाले हर संदिग्ध वाहन की बारीकी से तलाशी ली जा रही है। पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई, ड्रोन से निगरानी अवैध शराब निर्माण के ठिकानों को नष्ट करने के लिए उत्पाद विभाग और जिला पुलिस मिलकर संयुक्त अभियान चला रहे हैं। इसी क्रम में नूरसराय थाना क्षेत्र के आत्मलचक और उसके आसपास के इलाकों में ड्रोन कैमरे की मदद से हवाई निगरानी कर छापेमारी की गई। विभाग एक-एक कर सभी थानों से संपर्क साधकर संवेदनशील इलाकों में दबिश दे रहा है, ताकि धंधेबाजों और असामाजिक तत्वों को कड़ा संदेश दिया जा सके।

