105 किसानों का 70 एकड़ में चना बर्बाद, बीमा मिला सिर्फ चार को

105 किसानों का 70 एकड़ में चना बर्बाद, बीमा मिला सिर्फ चार को

डौंडीलोहारा ब्लॉक के ग्राम खैरा कुम्हालोरी में फसल खराब होने के बाद भी बीमा राशि नहीं मिलने से नाराज किसान सोमवार को कलेक्ट्रेट जनदर्शन पहुंचे। किसानों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर भुगतान में आ रही समस्या दूर करने और ग्राम सेवक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि जल्द राहत नहीं मिली तो आंदोलन करेंगे।

फसल बर्बाद, भुगतान से अधिकांश किसान वंचित

किसानों के अनुसार, गांव में 100 एकड़ से अधिक क्षेत्र में चने की फसल लगाई गई थी। प्राकृतिक आपदा और मौसम की मार से करीब 70 एकड़ की फसल बर्बाद हो गई। गांव के 105 किसानों ने फसल बीमा कराया था, लेकिन केवल चार किसानों को ही बीमा राशि मिली है। शेष 101 किसान भुगतान का इंतजार कर रहे हैं। किसानों ने प्रशासन से पूछा कि फसल प्रभावित होने के बावजूद ज्यादातर किसानों को बीमा का लाभ क्यों नहीं मिला।

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समिति से खरीदे बीज के अंकुरण पर सवाल

किसानों का आरोप है कि सेवा सहकारी समिति से खरीदा गया चने का बीज ठीक से अंकुरित नहीं हुआ। इसकी शिकायत ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी और राजस्व अधिकारियों से की गई, लेकिन कोई ठोस पहल नहीं हुई। किसानों का कहना है कि खराब बीज से नुकसान उठाने के बाद अब बीमा राशि के लिए भी भटकना पड़ रहा है।

ग्राम सेवक पर अभद्र व्यवहार का आरोप

किसानों ने आरोप लगाया कि बीमा राशि की जानकारी लेने और शिकायत करने पर स्थानीय ग्राम सेवक उनके साथ अभद्र व्यवहार करता है। उनका कहना है कि सही जानकारी देने के बजाय उन्हें वापस भेज दिया जाता है। किसानों ने ज्ञापन में मामले की जांच कर संबंधित ग्राम सेवक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

किसानों ने मांगा भुगतान का आधार

किसान धनीराम कौशिक ने बताया कि उन्होंने सेवा सहकारी समिति से बीज खरीदकर 2.45 एकड़ में चने की फसल लगाई थी, जिसमें करीब दो एकड़ की फसल खराब हो गई। बीमा कराने के बावजूद उन्हें राशि नहीं मिली। किसान सुरेश चंद्र हरदेल ने कहा कि गांव में 105 किसानों की फसल प्रभावित हुई, फिर केवल चार किसानों को ही बीमा राशि मिलने का आधार स्पष्ट किया जाना चाहिए।

किसानों की शिकायत मिली है

कृषि विभाग के उप संचालक आशीष चंद्राकर ने कहा कि खैरा कुम्हालोरी के किसानों की शिकायत मिली है। संबंधित बीमा कंपनी के अधिकारियों से चर्चा कर तकनीकी त्रुटियों को दूर कराया जाएगा। उन्होंने किसानों की समस्या का जल्द समाधान करने की बात कही।

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