मध्यप्रदेश में एक अक्टूबर से अब तक मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए फॉर्म-6 के 4,06,338 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग के लोगों के 1,92,851 आवेदन शामिल हैं। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव कुमार झा ने सोमवार को यह जानकारी दी।
झा ने यहां जारी एक बयान में कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार, बूथ स्तर के अधिकारी (बीएलओ) प्रदेशभर में आवेदन एकत्र कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल कराने की सुविधा के लिए मध्यप्रदेश के विभिन्न स्थानों पर शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। फॉर्म-6 भारतीय नागरिकों के लिए मतदाता सूची में नए मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने का निर्धारित आवेदन पत्र है।
निर्वाचन आयोग के अनुसार, आवेदक की आयु निर्धारित अर्हता तिथि पर कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए और वह संबंधित निर्वाचन क्षेत्र का सामान्य निवासी होना चाहिए। आयोग के मुताबिक, फॉर्म-6 ऑनलाइन मतदाता सेवा पोर्टल के माध्यम से या ऑफलाइन संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी अथवा बूथ स्तर के अधिकारी के पास जमा किया जा सकता है। इस बीच, उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को कहा कि उसने नए फॉर्म-6 को न तो मंजूरी दी है और न ही खारिज किया है।
बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से संबंधित मामले की सुनवाई के दौरान इस मुद्दे पर फैसला नहीं किया गया था। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने एसआईआर से संबंधित याचिका पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की। निर्वाचन आयोग ने 26 सितंबर को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में संकेत दिया था कि उच्चतम न्यायालय ने बिहार में एसआईआर से संबंधित मई 2026 के फैसले में फॉर्म-6 के घोषणा पत्र को बरकरार रखा है।

