Ahmedabad. मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में जमीन विवाद को लेकर एक ही परिवार के छह लोगों की गोली मार कर की गई हत्या के मामले में फरार मुख्य आरोपी हरियाणा के गुरुग्राम से गिरफ्तार किया गया। अहमदाबाद शहर क्राइम ब्रांच ने 30 हजार रुपए का इनामी मुख्य आरोपी रामू सिंह तोमर (37) को पकड़ा जो मध्यप्रदेश के मुरैना जिले की अंबाह तहसील के लेपा भिडोसा गांव का निवासी है।
क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) अजीत राज्यान ने सोमवार को संवाददाताओं को बताया कि हत्याकांड के आरोपी के गुरुग्राम स्थित गोपालपुर जीआइडीसी क्षेत्र के एक वेयरहाउस में काम करने की पुख्ता सूचना मिली थी। इसके लिए एक विशेष टीम भेजी गई जिसने इलाके में लगातार निगरानी रखी और आरोपी के यहां होने की पुष्टि मिलने पर उसे पकड़ लिया गया। उसे मुरैना जिले की सिहोनिया पुलिस को सौंपने की प्रक्रिया जारी है। आरोपी मध्य प्रदेश की एसआइटी को लंबे समय से चकमा दे रहा था। वह पिछले काफी समय से पहचान बदलकर अलग-अलग राज्यों में छिपकर रह रहा था।
जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों में हुआ था खूनी संघर्ष
राज्यान ने बताया कि मई 2023 में मुरैना जिले के लेपा गांव में जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष हुआ था। इस दौरान आरोपी रामू और उसके परिजनों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर तीन महिलाओं समेत 6 लोगों की हत्या कर दी थी। मृतकों में गजेंद्र सिंह तोमर,सत्यप्रकाश सिंह तोमर, संजू सिंह तोमर, मधूदेवी, बबली देवी और केशकली देवी शामिल हैं। इससे पहले 2013 में रामू के चाचा वीरभान सिंह तोमर और शोभरण सिंह तोमर की हत्या कर दी गई थी। हत्या रणजीत सिंह तोमर और उनके परिजनों की ओर से की गई थी।
ऐसे में दो परिजनों की हत्या का बदला लेने के लिए रामू और उसके परिजन इंतजार कर रहे थे। ऐसे में रणजीत सिंह के परिवार में पुत्री का विवाह को लेकर मई 2023 में रणजीत सिंह के परिजन इकट्ठे हुए थे। इसी दौरान आरोपी रामू और उसके परिजनों ने फायरिंग कर 6 लोगों की हत्या कर दी। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस घटना के बाद आरोपी फरार था। इस मामले में मुरैना जिले के सिहोनिया थाने में 9 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज है। चंबल जोन के पुलिस महानिरीक्षक ने आरोपी पर 30,000 रुपए का इनाम घोषित किया था। इस मामले में आरोपियों की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआइटी) भी गठित की गई।
सिक्युरिटी गार्ड, मजदूर बनकर रहा
आरोपी ने खुलासा किया कि हत्याकांड के बाद वह लगातार पहचान छिपाकर महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और हरियाणा के विभिन्न इलाकों में रहा। कभी सिक्युरिटी गार्ड तो कभी मजदूरी का काम किया। एक साल से गुरुग्राम के इस एक वेयरहाउस में नौकरी कर रहा था। इसके विरुद्ध मध्य प्रदेश के भिंड जिले के गोरमी थाने में हत्या की कोशिश के तहत मामला दर्ज है।

