तरनतारन जिले में पराली जलाने के मामलों में 5 किसानों पर केस दर्ज किए गए हैं। यह कार्रवाई नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) और कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (सीएक्यूएम) के निर्देशों के तहत की गई है। खडूर साहिब ब्लॉक के अलग-अलग गांवों में इन किसानों के खिलाफ संबंधित पुलिस थानों में मामले दर्ज हुए हैं। जिला प्रशासन और कृषि विभाग पराली जलाने से रोकने के लिए सख्त कदम उठा रहा है। थाना वैरोवाल के तहत गांव बिहारीपुर के अजयपाल और तख्तू चक्क के लवजीत सिंह पर केस हुआ है। गोइंदवाल साहिब थाना क्षेत्र में गांव भरोवाल के सतिंदर सिंह और सेवा सिंह, साथ ही चंबा खुर्द के सुखजिंदर सिंह पर भी मामले दर्ज किए गए हैं। डिप्टी कमिश्नर राहुल और उपमंडल मजिस्ट्रेट संजीव शर्मा के नेतृत्व में किसानों को जागरूक किया जा रहा है। मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. तेजबीर सिंह भंगू भी फसल अवशेषों के सही प्रबंधन के लिए प्रेरित कर रहे हैं। पराली का उचित प्रबंधन करें किसान डॉ. यादविंदर सिंह और डॉ. रुपिंदरजीत सिंह, क्लस्टर अधिकारी खडूर साहिब ने किसानों से अपील की कि वे पराली को आग लगाने के बजाय खेत में ही इसका उचित प्रबंधन करें या उपलब्ध अन्य तरीकों को अपनाएं। उन्होंने कहा कि पराली जलाने से जहां वायु प्रदूषण बढ़ता है, वहीं मिट्टी की उपजाऊ शक्ति, लाभदायक सूक्ष्म जीवों और पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचता है। अधिकारियों ने किसानों से अपील की कि वह पर्यावरण की रक्षा और आने वाली पीढ़ियों के स्वस्थ भविष्य को ध्यान में रखते हुए पराली न जलाएं। इसके बजाय कृषि विभाग के साथ तालमेल करके उपलब्ध कृषि मशीनरी और अन्य आधुनिक तरीकों से फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन करें।

