पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के कार्यालय ने राज्य के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों के लिए अंतिम मतदाता सूची जारी करते हुए ‘विशेष गहन संशोधन’ (SIR) 2026 के पूरा होने की घोषणा की। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, राज्य भर में 7,97,263 नए मतदाता पंजीकृत किए गए हैं, जिससे कुल मतदाताओं की संख्या बढ़कर 2,01,00,727 हो गई है; यह अगस्त में प्रकाशित ड्राफ्ट सूची की तुलना में 3.64 प्रतिशत की वृद्धि है। अंतिम सूची में 1,03,76,026 पुरुष मतदाता, 97,24,195 महिला मतदाता और 506 थर्ड-जेंडर (अन्य लिंग) मतदाता शामिल हैं। 1 अक्टूबर, 2026 को अर्हता तिथि (qualifying date) मानते हुए सर्विस वोटर्स (सेवा मतदाताओं) के लिए भी अंतिम सूची जारी की गई।
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पंजाब की मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनिंदिता मित्रा ने बताया कि अंतिम मतदाता सूची की फिजिकल और डिजिटल प्रतियां मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को बांटी गईं। मतदाता CEO पंजाब पोर्टल (www.ceopunjab.gov.in) या नागरिक सेवा पोर्टल (www.voters.eci.gov.in) से इन सूचियों को देख और डाउनलोड कर सकते हैं, या फिर ज़िला निर्वाचन अधिकारियों (DEOs), निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (EROs) और बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) के कार्यालयों में इनकी जांच कर सकते हैं।
मित्रा ने पंजाब के मतदाताओं, BLOs और राजनीतिक दलों का आभार व्यक्त किया और विशेष रूप से 89,395 बूथ लेवल एजेंटों (BLAs) की सराहना की, जिन्होंने इस संशोधन प्रक्रिया के दौरान सहयोग दिया। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर तीसरे चरण के दौरान पंजाब में विशेष गहन संशोधन प्रक्रिया 25 जून, 2026 को शुरू हुई थी। घर-घर जाकर गिनती करने के बाद, 13 अगस्त को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की गई, जिसमें 1,93,94,435 मतदाताओं के नाम शामिल थे।
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दावों और आपत्तियों के चरण के दौरान, 19 रोल ऑब्ज़र्वर, DEO और CEO ने बड़े पैमाने पर फ़ील्ड निरीक्षण और सुपर-चेकिंग की। बिना मैप किए गए रिकॉर्ड या गड़बड़ियों के संबंध में 3,549,036 मतदाताओं को नोटिस भेजे गए। गाँव के स्तर पर सुनवाई और सत्यापन के बाद, स्पष्ट आदेशों (speaking orders) के ज़रिए 86,038 मतदाताओं को अयोग्य घोषित किया गया। पहुँच को बेहतर बनाने के लिए सभी ज़िलों में मतदान केंद्रों को तर्कसंगत (rationalisation) बनाने का काम भी किया गया, जिससे मतदान केंद्रों की संख्या 24,453 से बढ़कर 25,332 हो गई।

