मुंबई पुलिस ने शिवाजी पार्क में बिना इजाज़त विरोध प्रदर्शन करने के मामले में शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे, MNS नेता अमित ठाकरे और 24 अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस ने बिना इजाज़त प्रदर्शन करने और आम लोगों को परेशानी में डालने के लिए भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं (जैसे 189(2), 37(1), 37(3) और 135) के तहत मामला दर्ज किया है। जिन अन्य लोगों के नाम शामिल हैं, उनमें विधायक वरुण सरदेसाई, विधायक महेश सावंत और संदीप देशपांडे शामिल हैं। इन नेताओं को अपने बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस भेजे गए हैं।
300 प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ भी मामला दर्ज
जिन नेताओं के ख़िलाफ़ मामले दर्ज किए गए हैं, उनमें आदित्य ठाकरे, अमित ठाकरे, अनिल परब, महेश सावंत, वरुण सरदेसाई, नितिन सरदेसाई, संदीप देशपांडे, यशवंत किल्लेदार और सुनील प्रभु के साथ-साथ ठाकरे गुट और MNS के अन्य पदाधिकारी भी शामिल हैं। मुंबई पुलिस ने राजनीतिक नेताओं समेत 300 से ज़्यादा प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया है। अमित ठाकरे और आदित्य ठाकरे पर प्रदर्शनकारियों को ले जा रही पुलिस वैन को रोककर सरकारी काम में बाधा डालने का आरोप है।
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कई नेताओं के ख़िलाफ़ भी मामले दर्ज
आदित्य और अमित ठाकरे के ख़िलाफ़ गैर-कानूनी तरीके से इकट्ठा होने, सरकारी काम में बाधा डालने और बिना इजाज़त विरोध-प्रदर्शन करने के मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने ठाकरे भाइयों के साथ मौजूद सभी नेताओं और पदाधिकारियों के ख़िलाफ़ भी मामले दर्ज किए हैं।
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आदित्य ठाकरे ने दी थी आंदोलन तेज होने की चेतावनी
आदित्य ने दावा किया कि इस दौरान पार्टी की एक महिला कार्यकर्ता की साड़ी फट गई। आदित्य ने कहा। मैं पूरे मुंबई के लोगों से शिवाजी पार्क आने की अपील कर रहा हूं। अब यह विरोध प्रदर्शन नहीं रुकेगा। अगर आपने प्रदर्शनकारियों को हाथ लगाया, तो गद्दार (मुख्य निर्वाचन आयुक्त) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफा देने तक आंदोलन तेज रहेगा।

