MPSC Chairman छुट्टी पर भेजे गए, IAS Tukaram Mundhe को मिली जांच पैनल में जिम्मेदारी

MPSC Chairman छुट्टी पर भेजे गए, IAS Tukaram Mundhe को मिली जांच पैनल में जिम्मेदारी

पुणे में MPSC की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच के लिए बनाए गए जांच आयोग के सचिव के तौर पर सीनियर IAS अधिकारी तुकाराम मुंडे की नियुक्ति पर महाराष्ट्र सरकार के सहमत होने के बाद, वहां विरोध कर रहे MPSC उम्मीदवारों ने अपना 10 दिन का आंदोलन खत्म कर दिया है। यह नियुक्ति उन मुख्य मांगों में से एक थी जो प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने उठाई थीं। महाराष्ट्र के मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले ने देर रात आंदोलन कर रहे उम्मीदवारों और विधायक रोहित पवार से मुलाकात की। बैठक के दौरान कांग्रेस विधायक विश्वजीत कदम भी मौजूद थे। बातचीत के दौरान, भोसले ने छात्रों और उनके प्रतिनिधियों को बताया कि MPSC के चेयरमैन विवेक भीमन्वार जांच पूरी होने तक छुट्टी पर रहेंगे। हालांकि, राज्य सरकार ने भीमन्वार को उनके पद से नहीं हटाया है।

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MPSC चेयरमैन विवेक भीमन्वार छुट्टी पर गए

यह फैसला MPSC भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और गड़बड़ियों के आरोपों के बीच लिया गया है। उम्मीदवार जवाबदेही और चेयरमैन के इस्तीफे की मांग को लेकर पुणे में करीब 11 दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे थे राज्य सरकार मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय उच्च-स्तरीय जांच आयोग गठित करने पर सहमत हो गई है। पूर्व जज दिलीप भोसले आयोग के प्रमुख होंगे, जबकि वर्तमान में खाद्य और औषधि प्रशासन (FDA) के कमिश्नर के तौर पर काम कर रहे मुंधे इसके सचिव की जिम्मेदारियां संभालेंगे। अन्य सदस्यों में IPS अधिकारी लक्ष्मी गौतम, पूर्व IAS अधिकारी गणेश पाटिल और रिटायर्ड जज पी डी नाइक शामिल हैं। दिलीप भोसले ने प्रदर्शनकारियों को यह भरोसा भी दिलाया कि उनकी अन्य मांगों पर भी ध्यान दिया जाएगा। इनमें कुछ प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लेना, तीन साल में 70,000 लोगों की भर्ती करना, जनवरी में होने वाली ग्रुप C परीक्षा के लिए रिक्तियों की संख्या बढ़ाना और MPSC चेयरमैन व सचिव की नियुक्ति से पहले उम्मीदवारों के पिछले रिकॉर्ड की जांच करना शामिल है।

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जांच आयोग 60 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपेगा

पांच सदस्यीय आयोग से कहा गया है कि वह 60 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपे। इस मामले में आगे क्या कदम उठाए जाएं, यह तय करने में आयोग के निष्कर्ष महत्वपूर्ण हो सकते हैं। MPSC के चेयरमैन का पद एक संवैधानिक पद है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि न तो राज्य सरकार और न ही राज्यपाल सीधे तौर पर चेयरमैन को हटा सकते हैं। संविधान का अनुच्छेद 317 लोक सेवा आयोग के चेयरमैन और सदस्यों को हटाने की प्रक्रिया निर्धारित करता है। इसलिए, भीमन्वार के खिलाफ कोई भी कार्रवाई निर्धारित संवैधानिक प्रक्रिया के अनुसार ही की जानी होगी। फिलहाल, जांच पूरी होने तक चेयरमैन को छुट्टी पर भेजने और आयोग में मुंधे की नियुक्ति के फैसले ने प्रदर्शन कर रहे उम्मीदवारों के लिए अपना आंदोलन वापस लेने का रास्ता साफ कर दिया है।

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