सात पड़हा झालजमुरा की बैठक में शिक्षा व व्यापार को महत्व देने पर जोर

सात पड़हा झालजमुरा की बैठक में शिक्षा व व्यापार को महत्व देने पर जोर

भास्कर न्यूज|लोहरदगा

सात पड़हा झालजमुरा सेन्हा की बैठक रविवार को पिपरटोला, जतराटांड़, झालजमुरा में सात पड़हा वेल सीताराम भगत की अध्यक्षता में हुई। इस दौरान मुख्य रूप से जिला राजी पड़हा व्यवस्था लोहरदगा वेल लक्ष्मी नारायण भगत उपस्थित रहे। समाज में हो रही कुरीतियों और धर्म-संस्कृति में हो रहे बदलाव को रोकने को लेकर चर्चा हुई। लोगों ने कहा कि हमारी धरोहर अखाड़ा, झखरा, जतराटांड़, पहान-पुजार की जमीन आदि को सुरक्षित रखना है। इसके लिए सभी गांव और समाज को मिलकर काम करना होगा। कहा गया कि समाज में कई तरह के संगठन बन जाने के कारण हम बंट गए हैं। समाज खंड-खंड हो गया है। इसी कारण लोग पड़हा का महत्व नहीं समझ पा रहे हैं। लोग पड़हा के नाम पर राजनीति करने में लगे हैं। वेल लक्ष्मी नारायण भगत ने कहा कि हमें शिक्षा और व्यापार को महत्व देना होगा। इसके लिए जरूरतमंदों को जिला राजी पड़हा की ओर से आर्थिक सहयोग पूंजी के रूप में दिया जाएगा। आजादी के कई वर्ष बीत जाने के बावजूद हम पिछड़े हैं। इसका मूल कारण समाज में कई तरह की कुरीतियों का फैलाव है। उन्होंने कहा कि हमें दूसरे समुदायों से भी कुछ सीखना चाहिए। इसके लिए गांव में कम से कम महीने में एक बार सामूहिक बैठक होनी चाहिए। गांव की समस्याओं पर चर्चा हो। सामूहिक निर्णय लिया जाए। मौके पर पंकज उरांव, वार्ड तिवारी उरांव, सनी उरांव, पूसा उरांव, निर्मला, प्रमिला उरांव, तिवारी भगत, बेचना पहान, कार्तिक उरांव, सनी उरांव, राम उरांव, सुमिरन भगत, रामकेश्वर उरांव, सत्यम उरांव, जगमोहन भगत, राम भरत पहान, बंधनु उरांव, पुनीता, मुनी उरांव सहित अन्य लोग उपस्थित थे। भास्कर न्यूज|लोहरदगा

सात पड़हा झालजमुरा सेन्हा की बैठक रविवार को पिपरटोला, जतराटांड़, झालजमुरा में सात पड़हा वेल सीताराम भगत की अध्यक्षता में हुई। इस दौरान मुख्य रूप से जिला राजी पड़हा व्यवस्था लोहरदगा वेल लक्ष्मी नारायण भगत उपस्थित रहे। समाज में हो रही कुरीतियों और धर्म-संस्कृति में हो रहे बदलाव को रोकने को लेकर चर्चा हुई। लोगों ने कहा कि हमारी धरोहर अखाड़ा, झखरा, जतराटांड़, पहान-पुजार की जमीन आदि को सुरक्षित रखना है। इसके लिए सभी गांव और समाज को मिलकर काम करना होगा। कहा गया कि समाज में कई तरह के संगठन बन जाने के कारण हम बंट गए हैं। समाज खंड-खंड हो गया है। इसी कारण लोग पड़हा का महत्व नहीं समझ पा रहे हैं। लोग पड़हा के नाम पर राजनीति करने में लगे हैं। वेल लक्ष्मी नारायण भगत ने कहा कि हमें शिक्षा और व्यापार को महत्व देना होगा। इसके लिए जरूरतमंदों को जिला राजी पड़हा की ओर से आर्थिक सहयोग पूंजी के रूप में दिया जाएगा। आजादी के कई वर्ष बीत जाने के बावजूद हम पिछड़े हैं। इसका मूल कारण समाज में कई तरह की कुरीतियों का फैलाव है। उन्होंने कहा कि हमें दूसरे समुदायों से भी कुछ सीखना चाहिए। इसके लिए गांव में कम से कम महीने में एक बार सामूहिक बैठक होनी चाहिए। गांव की समस्याओं पर चर्चा हो। सामूहिक निर्णय लिया जाए। मौके पर पंकज उरांव, वार्ड तिवारी उरांव, सनी उरांव, पूसा उरांव, निर्मला, प्रमिला उरांव, तिवारी भगत, बेचना पहान, कार्तिक उरांव, सनी उरांव, राम उरांव, सुमिरन भगत, रामकेश्वर उरांव, सत्यम उरांव, जगमोहन भगत, राम भरत पहान, बंधनु उरांव, पुनीता, मुनी उरांव सहित अन्य लोग उपस्थित थे।  

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