बोकारो… सियालजोरी में जहरीली गैस से हुआ हादसा:ईएसएल वेदांता प्लांट में गैस का रिसाव, दो कर्मियों की गई जान

बोकारो… सियालजोरी में जहरीली गैस से हुआ हादसा:ईएसएल वेदांता प्लांट में गैस का रिसाव, दो कर्मियों की गई जान

बोकारो के सियालजोरी स्थित ईएसएल वेदांता प्लांट में रविवार को जहरीली गैस की चपेट में आने से दो कर्मियों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान हजारीबाग निवासी सोहन महतो (32) और धनबाद के डिगवाडीह इस्लामपुर बस्ती निवासी समीर अंसारी (26) के रूप में हुई है। समीर परिवार का इकलौता पुत्र था और अविवाहित था। करीब तीन वर्ष दो माह पहले उसे वेदांता स्टील प्लांट में नौकरी मिली थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ये दोनों ए शिफ्ट में काम करने पहुंचे थे। इसी दौरान गैस का वॉल्व खोलते समय रिसाव होने लगा। इसकी चपेट में आने से दोनों बेहोश होकर गिर पड़े। अन्य कर्मचारियों ने तत्काल अधिकारियों को सूचना दी। दोनों को तलगड़िया मोड़ स्थित हिल कैंडी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद मजदूर संगठनों ने प्रबंधन पर सुरक्षा मानकों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। इधर, प्लांट पहुंचे फैक्ट्री इंस्पेक्टर शिवेंद्र कुमार ने कहा कि अभी जांच चल रही है। जांच के बाद ही हादसे के कारणों का पता चल पाएगा। इसी बीच ईएसएल प्रबंधन ने बयान जारी कर दो कर्मियों के निधन पर शोक जताया। उन्होंने कहा कि फैक्ट्री इंस्पेक्टर और कार्यपालक दंडाधिकारी ने जांच की। प्लांट परिसर में गैस के संपर्क में आने से कंपनी के एक एक्जीक्यूटिव और बिजनेस पार्टनर के एक इंजीनियर की मौत हुई है। घटना की स्वतंत्र जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर अगला कदम उठाया जाएगा। जूनियर इंजीनियर, एसोसिएट हरिओम कुमार से सीधी बात
काफी खतरनाक है कार्बन मोनो ऑक्साइड गैस
ब्लास्ट फर्नेस में उपयोग होने वाली बीएफजी गैस में मौजूद कार्बन मोनो ऑक्साइड बेहद जहरीला होता है। इसका कोई रंग या गंध नहीं होता, इसलिए यदि लीक हो जाए तो इसका अंदाजा बिल्कुल नहीं होता। कार्बन मोनो ऑक्साइड शरीर में जाने से हीमोग्लोबिन में ऑक्सीजन की मात्रा काफी कम हो जाती है। इससे इंसान बेहोश हो जाता है और कई बार मौत भी हो जाती है। ब्लास्ट फर्नेस में उपयोग के बाद इसका धुआं भी हवा में छोड़ नहीं सकते, इसका धुआं बर्नर के माध्यम से डिस्पोज किया जाता है। उपायुक्त ने गठित की जांच कमेटी
ईएसएल स्टील प्लांट गैस रिसाव मामले को उपायुक्त अजय नाथ झा ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने घटना की जांच के लिए चास की अनुमंडल पदाधिकारी प्रांजल ढांडा के नेतृत्व में कमेटी गठित की है। कमेटी को 72 घंटे के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि जांच में घटना से जुड़े सभी पहलुओं और तथ्यों की पड़ताल की जाएगी। रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी। बोकारो के सियालजोरी स्थित ईएसएल वेदांता प्लांट में रविवार को जहरीली गैस की चपेट में आने से दो कर्मियों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान हजारीबाग निवासी सोहन महतो (32) और धनबाद के डिगवाडीह इस्लामपुर बस्ती निवासी समीर अंसारी (26) के रूप में हुई है। समीर परिवार का इकलौता पुत्र था और अविवाहित था। करीब तीन वर्ष दो माह पहले उसे वेदांता स्टील प्लांट में नौकरी मिली थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ये दोनों ए शिफ्ट में काम करने पहुंचे थे। इसी दौरान गैस का वॉल्व खोलते समय रिसाव होने लगा। इसकी चपेट में आने से दोनों बेहोश होकर गिर पड़े। अन्य कर्मचारियों ने तत्काल अधिकारियों को सूचना दी। दोनों को तलगड़िया मोड़ स्थित हिल कैंडी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद मजदूर संगठनों ने प्रबंधन पर सुरक्षा मानकों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। इधर, प्लांट पहुंचे फैक्ट्री इंस्पेक्टर शिवेंद्र कुमार ने कहा कि अभी जांच चल रही है। जांच के बाद ही हादसे के कारणों का पता चल पाएगा। इसी बीच ईएसएल प्रबंधन ने बयान जारी कर दो कर्मियों के निधन पर शोक जताया। उन्होंने कहा कि फैक्ट्री इंस्पेक्टर और कार्यपालक दंडाधिकारी ने जांच की। प्लांट परिसर में गैस के संपर्क में आने से कंपनी के एक एक्जीक्यूटिव और बिजनेस पार्टनर के एक इंजीनियर की मौत हुई है। घटना की स्वतंत्र जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर अगला कदम उठाया जाएगा। जूनियर इंजीनियर, एसोसिएट हरिओम कुमार से सीधी बात
काफी खतरनाक है कार्बन मोनो ऑक्साइड गैस
ब्लास्ट फर्नेस में उपयोग होने वाली बीएफजी गैस में मौजूद कार्बन मोनो ऑक्साइड बेहद जहरीला होता है। इसका कोई रंग या गंध नहीं होता, इसलिए यदि लीक हो जाए तो इसका अंदाजा बिल्कुल नहीं होता। कार्बन मोनो ऑक्साइड शरीर में जाने से हीमोग्लोबिन में ऑक्सीजन की मात्रा काफी कम हो जाती है। इससे इंसान बेहोश हो जाता है और कई बार मौत भी हो जाती है। ब्लास्ट फर्नेस में उपयोग के बाद इसका धुआं भी हवा में छोड़ नहीं सकते, इसका धुआं बर्नर के माध्यम से डिस्पोज किया जाता है। उपायुक्त ने गठित की जांच कमेटी
ईएसएल स्टील प्लांट गैस रिसाव मामले को उपायुक्त अजय नाथ झा ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने घटना की जांच के लिए चास की अनुमंडल पदाधिकारी प्रांजल ढांडा के नेतृत्व में कमेटी गठित की है। कमेटी को 72 घंटे के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि जांच में घटना से जुड़े सभी पहलुओं और तथ्यों की पड़ताल की जाएगी। रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी।  

​

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *