गांधीनगर नगर निगम चुनाव के प्रचार के दौरान पेथापुर पुलिस थाने के भीतर हंगामा करने, एक पुलिस निरीक्षक के काम में बाधा डालने और समुदायों के बीच तनाव भड़काने के प्रयास के आरोप में कांग्रेस विधायक जिग्नेश मेवाणी तथा सात अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। प्राथमिकी से यह जानकारी मिली है। प्राथमिकी के अनुसार, यह घटना कथित तौर पर आठ अक्टूबर को उस समय हुई जब वार्ड नंबर चार से कांग्रेस उम्मीदवार यूनुस परमार को पुलिस स्टेशन में पूछताछ के लिए बुलाया गया था।
उन पर और उनके सहयोगियों पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक प्रचारक को धमकाने का आरोप था। पेथापुर के पुलिस थाना अधिकारी (पीएसओ) ने पुष्टि की कि रविवार रात मेवाणी और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
पेथापुर पुलिस थाने में तैनात पुलिस निरीक्षक ए. एम. देसाई द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक, आठ अक्टूबर को रात करीब 10 बजे पेथापुर के संजरी पार्क में भाजपा उम्मीदवार के प्रचारक भावेश भावसार को कथित तौर पर परमार और उनके सहयोगियों ने धमकी दी थी। आरोप है कि उन्होंने भावसार को उस इलाके में चुनाव प्रचार करने या प्रवेश करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी थी। प्राथमिकी के अनुसार, इसके बाद परमार और अन्य अज्ञात सहयोगियों के खिलाफ पेथापुर पुलिस स्टेशन में एक लिखित शिकायत सौंपी गई थी।

