Ahmedabad. गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) की टीम ने पंजाब के अमृतसर में हुए बहुचर्चित मधुसूदन सिंह उर्फ ‘मेड संधू’ हत्याकांड मामले में फरार तीन आरोपियों को वापी से गिरफ्तार किया। वलसाड के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की टीम के साथ संयुक्त ऑपरेशन में इन पकड़े गए आरोपियों में हरसिमरनजीत उर्फ सिमु सिंग्गा, फतेह सिंह और अरमान सिंह शामिल हैं। ये तीनों पंजाब के तरन तारन जिले के संगे गांव के रहने वाले हैं। इनमें हरसिमरनजीत और फतेह दोनों शार्पशूटर हैं।
गुजरात एटीएस ने रविवार को बताया कि गत 3 अक्टूबर को पंजाब के अमृतसर में लोराहका रोड पर एक कार वॉशिंग सेंटर के पास दो अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर मेड संधू की हत्या कर दी थी। इस सिलसिले में अमृतसर शहर के कैंटोनमेंट पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था। इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस के आरोपियों के संबंध में पंजाब क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारियों ने गुजरात एटीएस के अधिकारियों के साथ अहम खुफिया इनपुट साझा किए थे।
वापी में छिपे होने की मिली थी खबर
एटीएस को इनपुट के आधार पर तकनीकी सर्विलांस और खुफिया जानकारी जुटाने पर पता चला कि इस हत्याकांड के तीन आरोपी वलसाड जिले के वापी में छिपे हैं, जहां से वे भागने की फिराक में हैं। वलसाड एसओजी टीम से लोकेशन, जानकारी साझा की गई। इसके बाद टीम ने तीनों संदिग्धों को हिरासत में ले लिया। एटीएस गुजरात की टीम तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर अहमदाबाद लेकर आई जहां एटीएस मुख्यालय में उनसे पूछताछ की गई।
पूछताछ में रेकी और साजिश का हुआ खुलासा
एटीएस कार्यालय में जब तीनों आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उन्होंने हत्याकांड में अपनी सक्रिय भूमिका, वारदात से पहले की गई रेकी और अन्य साक्ष्यों का खुलासा किया। एटीएस ने आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी पंजाब पुलिस के साथ साझा की। पंजाब पुलिस अहमदाबाद आकर तीनों आरोपियों को शनिवार को हिरासत में लेकर पंजाब रवाना हो गई।
हत्याकांड में चार लोग थे लिप्त
एटीएस के अधिकारी ने बताया कि संधू पर फायरिंग करने की घटना में चार लोग शामिल थे। वापी से पकड़े गए इन तीनों आरोपियों से पहले अहमदाबाद शहर क्राइम ब्रांच ने शहर के वाडज क्षेत्र से कुछ दिन पहले परमिंदर को पकड़ा था। यह चारों आरोपी संधू की रैकी करने और गोली मारकर उसकी हत्या करने में शामिल थे। घटना के बाद चारों भागकर गुजरात आ गए थे।

