मुफ्त चिकित्सा शिविर में 83500 श्रद्धालुओं का इलाज:पितृपक्ष मेले में प्रजापति समाज की पहल; सेवा देने वाले डॉक्टर हुए सम्मानित

मुफ्त चिकित्सा शिविर में 83500 श्रद्धालुओं का इलाज:पितृपक्ष मेले में प्रजापति समाज की पहल; सेवा देने वाले डॉक्टर हुए सम्मानित

गयाजी में बिहार कुम्हार प्रजापति समन्वय समिति ने 15 दिन का मुफ्त चिकित्सा शिविर लगाया। शिविर का आयोजन बाइपास स्थित दांडी बाग प्रजापति धर्मशाला में हुआ है। इसमें 83500 पिंडदानियों और श्रद्धालुओं को इलाज मिला। रविवार को शिविर का समापन हुआ और गयाजी दक्षिणी क्षेत्र के नए पदाधिकारियों ने शपथ ली। जदयू एमएलसी शीला पंडित मुख्य अतिथि थीं। शिविर में सेवा देने वाले डॉक्टरों को सम्मानित किया गया। अध्यक्षता कृष्ण कुमार अजय और विनोद कुमार जया ने की। शीला पंडित ने कहा कि पितृपक्ष मेले में श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य सुविधा देना जरूरी है। एमएलसी ने माटीकला बोर्ड के गठन पर भी पहल का भरोसा दिया। समाज ने आरक्षण और धर्मशाला के विस्तार की मांग भी उठाई। समिति के जिलाध्यक्ष कृष्ण कुमार अजय ने बताया कि पितृपक्ष मेले में प्रजापति समाज लंबे समय से सेवा दे रहा है। इस साल भी चिकित्सा प्रकोष्ठ ने श्रद्धालुओं के लिए मुफ्त शिविर चलाया। ‘समय पर इलाज मिलना जरूरी’ देश के विभिन्न हिस्सों और विदेशों से आए श्रद्धालुओं को जरूरत के समय चिकित्सा सुविधा देना समाज के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि पिंडदान करने आए श्रद्धालु कई दिनों तक गयाजी में रहते हैं। इस दौरान उनकी तबीयत खराब होने पर समय पर इलाज मिलना आवश्यक है। समाज के चिकित्सकों ने अपनी सेवाएं देकर मानवता का संदेश दिया है। उन्होंने धर्मशाला के दूसरे तल के निर्माण के लिए सहयोग देने की मांग भी उठाई और समाज के विकास से जुड़े मुद्दों पर पहल करने की अपील की। ‘कुम्हार जाति को अनुसूचित जाति में शामिल करने की मांग’ जदयू जिला सचिव विनोद कुमार जया ने कहा कि कुम्हार समाज का सामाजिक जीवन और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। पितृपक्ष मेले में श्रद्धालुओं की सेवा के लिए चिकित्सा शिविर चलाना समाज की जिम्मेदारी और सेवा भावना का उदाहरण है। उन्होंने बिहार में कुम्हार जाति को अनुसूचित जाति की सूची में शामिल करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि इस संबंध में प्रस्ताव केंद्र सरकार को दोबारा भेजने की जरूरत है, ताकि समाज की मांग पर गंभीरता से विचार हो सके। इसके साथ ही उन्होंने माटीकला बोर्ड के गठन को जल्द धरातल पर उतारने की मांग की। समारोह में चिकित्सकों के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित किया गया। आयोजन के माध्यम से प्रजापति समाज ने सामाजिक एकजुटता, जनसेवा और श्रद्धालुओं की सहायता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। ये रहे मौजूद
इस मौके पर पूर्व प्राचार्य सत्येंद्र प्रजापति, डॉक्टर राजाराम, उदय प्रजापति, विकास प्रजापति, विनोद कुमार, ज्ञान दत्त प्रजापति, नंदू प्रजापति, अशोक प्रजापति, गोलू कुमार, अटल प्रजापति, सूरज पंडित, दीपक कुमार, जयराम प्रजापति, सुमन कुमार, पिंटू प्रजापति समेत कई लोग मौजूद रहे। गयाजी में बिहार कुम्हार प्रजापति समन्वय समिति ने 15 दिन का मुफ्त चिकित्सा शिविर लगाया। शिविर का आयोजन बाइपास स्थित दांडी बाग प्रजापति धर्मशाला में हुआ है। इसमें 83500 पिंडदानियों और श्रद्धालुओं को इलाज मिला। रविवार को शिविर का समापन हुआ और गयाजी दक्षिणी क्षेत्र के नए पदाधिकारियों ने शपथ ली। जदयू एमएलसी शीला पंडित मुख्य अतिथि थीं। शिविर में सेवा देने वाले डॉक्टरों को सम्मानित किया गया। अध्यक्षता कृष्ण कुमार अजय और विनोद कुमार जया ने की। शीला पंडित ने कहा कि पितृपक्ष मेले में श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य सुविधा देना जरूरी है। एमएलसी ने माटीकला बोर्ड के गठन पर भी पहल का भरोसा दिया। समाज ने आरक्षण और धर्मशाला के विस्तार की मांग भी उठाई। समिति के जिलाध्यक्ष कृष्ण कुमार अजय ने बताया कि पितृपक्ष मेले में प्रजापति समाज लंबे समय से सेवा दे रहा है। इस साल भी चिकित्सा प्रकोष्ठ ने श्रद्धालुओं के लिए मुफ्त शिविर चलाया। ‘समय पर इलाज मिलना जरूरी’ देश के विभिन्न हिस्सों और विदेशों से आए श्रद्धालुओं को जरूरत के समय चिकित्सा सुविधा देना समाज के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि पिंडदान करने आए श्रद्धालु कई दिनों तक गयाजी में रहते हैं। इस दौरान उनकी तबीयत खराब होने पर समय पर इलाज मिलना आवश्यक है। समाज के चिकित्सकों ने अपनी सेवाएं देकर मानवता का संदेश दिया है। उन्होंने धर्मशाला के दूसरे तल के निर्माण के लिए सहयोग देने की मांग भी उठाई और समाज के विकास से जुड़े मुद्दों पर पहल करने की अपील की। ‘कुम्हार जाति को अनुसूचित जाति में शामिल करने की मांग’ जदयू जिला सचिव विनोद कुमार जया ने कहा कि कुम्हार समाज का सामाजिक जीवन और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। पितृपक्ष मेले में श्रद्धालुओं की सेवा के लिए चिकित्सा शिविर चलाना समाज की जिम्मेदारी और सेवा भावना का उदाहरण है। उन्होंने बिहार में कुम्हार जाति को अनुसूचित जाति की सूची में शामिल करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि इस संबंध में प्रस्ताव केंद्र सरकार को दोबारा भेजने की जरूरत है, ताकि समाज की मांग पर गंभीरता से विचार हो सके। इसके साथ ही उन्होंने माटीकला बोर्ड के गठन को जल्द धरातल पर उतारने की मांग की। समारोह में चिकित्सकों के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित किया गया। आयोजन के माध्यम से प्रजापति समाज ने सामाजिक एकजुटता, जनसेवा और श्रद्धालुओं की सहायता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। ये रहे मौजूद
इस मौके पर पूर्व प्राचार्य सत्येंद्र प्रजापति, डॉक्टर राजाराम, उदय प्रजापति, विकास प्रजापति, विनोद कुमार, ज्ञान दत्त प्रजापति, नंदू प्रजापति, अशोक प्रजापति, गोलू कुमार, अटल प्रजापति, सूरज पंडित, दीपक कुमार, जयराम प्रजापति, सुमन कुमार, पिंटू प्रजापति समेत कई लोग मौजूद रहे।  

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