शिवहर में शारदीय नवरात्र के पहले दिन रविवार को शिवहर में भक्ति और आस्था का माहौल देखने को मिला। शहर और आसपास की विभिन्न पूजा समितियों की ओर से कलश शोभायात्रा निकाली गई। श्रद्धालु पवित्र जल से भरे कलश लेकर देवी के जयकारे लगाते हुए यात्रा में शामिल हुए। मंत्रोच्चार और जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। शहर की कई पूजा समितियों ने निकाली शोभायात्रा शिवहर शहर में श्री कालीगंज महावीर बाजार दुर्गा पूजा समिति, जय मां अंबे दुर्गा पूजा समिति गौरी शंकर मंदिर रसीदपुर, नवयुवक पूजा समिति लक्ष्मीपुर जीरोमाइल चौक, पटेल दुर्गा पूजा समिति सहबाजा चौक और नवयुवक पूजा समिति ब्लॉक रोड वार्ड नंबर 12 बिजली ऑफिस के समीप शोभायात्रा निकाली गई। न्यू मार्केट दुर्गा पूजा समिति पेट्रोल पंप सहित अन्य समितियों की ओर से भी आयोजन किया गया। कलश स्थापना के साथ शुरू हुई नवरात्र साधना धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कलश में देवी-देवताओं और तीर्थों का वास माना जाता है। नवरात्र की शुरुआत में कलश स्थापना को शुभ माना जाता है। शोभायात्रा के बाद विधि-विधान से घटस्थापना कर श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा की आराधना शुरू की। पूर्णता और समृद्धि का प्रतीक है कलश पंडित वेद प्रकाश शास्त्री के अनुसार, कलश पूर्णता, आरोग्य, सुख और समृद्धि का प्रतीक है। कलश यात्रा और घटस्थापना के साथ नवरात्र की साधना आरंभ होती है। इस दौरान श्रद्धालु मां दुर्गा की पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-शांति और खुशहाली की कामना करते हैं। शिवहर में शारदीय नवरात्र के पहले दिन रविवार को शिवहर में भक्ति और आस्था का माहौल देखने को मिला। शहर और आसपास की विभिन्न पूजा समितियों की ओर से कलश शोभायात्रा निकाली गई। श्रद्धालु पवित्र जल से भरे कलश लेकर देवी के जयकारे लगाते हुए यात्रा में शामिल हुए। मंत्रोच्चार और जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। शहर की कई पूजा समितियों ने निकाली शोभायात्रा शिवहर शहर में श्री कालीगंज महावीर बाजार दुर्गा पूजा समिति, जय मां अंबे दुर्गा पूजा समिति गौरी शंकर मंदिर रसीदपुर, नवयुवक पूजा समिति लक्ष्मीपुर जीरोमाइल चौक, पटेल दुर्गा पूजा समिति सहबाजा चौक और नवयुवक पूजा समिति ब्लॉक रोड वार्ड नंबर 12 बिजली ऑफिस के समीप शोभायात्रा निकाली गई। न्यू मार्केट दुर्गा पूजा समिति पेट्रोल पंप सहित अन्य समितियों की ओर से भी आयोजन किया गया। कलश स्थापना के साथ शुरू हुई नवरात्र साधना धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कलश में देवी-देवताओं और तीर्थों का वास माना जाता है। नवरात्र की शुरुआत में कलश स्थापना को शुभ माना जाता है। शोभायात्रा के बाद विधि-विधान से घटस्थापना कर श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा की आराधना शुरू की। पूर्णता और समृद्धि का प्रतीक है कलश पंडित वेद प्रकाश शास्त्री के अनुसार, कलश पूर्णता, आरोग्य, सुख और समृद्धि का प्रतीक है। कलश यात्रा और घटस्थापना के साथ नवरात्र की साधना आरंभ होती है। इस दौरान श्रद्धालु मां दुर्गा की पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-शांति और खुशहाली की कामना करते हैं।

