सुपौल में पड़ोसी देश नेपाल में हो रही बारिश का असर अब सुपौल जिले में भी दिखने लगा है। मधुबनी जिले के रास्ते आने वाली बिहुल नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। नदी का पानी मरौना प्रखंड के ललमनिया सहित अन्य पंचायतों के खेतों में फैलने लगा है। सबसे अधिक असर ललमनिया में दिख रहा है, जहां खेतों के साथ बगीचों में भी पानी भर गया है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। शनिवार से बढ़ रहा नदी का जलस्तर स्थानीय लोगों के अनुसार, बिहुल नदी का जलस्तर शनिवार से ही बढ़ना शुरू हो गया था। रविवार सुबह से स्थिति में तेजी से बदलाव देखने को मिला। नदी के आसपास स्थित खेत-खलिहानों में पानी फैलने से धान की फसल प्रभावित होने लगी है। किसानों को आशंका है कि जलस्तर में लगातार वृद्धि से फसल को नुकसान पहुंच सकता है। धान में बाली आने के समय बढ़ी परेशानी स्थानीय किसान परमेश्वर गुप्ता, रामकुमार कामत, रामनारायण राय, बरुन कामत, प्रभाष कामत और राजेश सहित अन्य ने बताया कि धान की फसल में बाली आने का समय है। ऐसे में खेतों में लगातार पानी जमा होने से फसल प्रभावित हो सकती है। किसानों के मुताबिक, यदि पानी लंबे समय तक खेतों में जमा रहा, तो धान की पैदावार घटने की आशंका है। ललमनिया के खेतों और बगीचों में घुसा पानी बिहुल नदी में उफान के कारण आसपास के निचले इलाकों में पानी फैल रहा है। निर्मली नगर के वार्ड सात और मरौना प्रखंड के ललमनिया समेत अन्य पंचायतों में खेतों तक पानी पहुंचने की सूचना है। ललमनिया में कृषि भूमि और बगीचों में जलजमाव से स्थिति अधिक चिंताजनक बनी हुई है। बारिश जारी रही तो बढ़ सकता है नुकसान नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से स्थानीय लोग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। किसानों को आशंका है कि यदि बारिश जारी रही और नदी का पानी इसी तरह फैलता रहा, तो धान की फसल को भारी नुकसान हो सकता है। फिलहाल किसानों की चिंता खेतों में जमा पानी और फसल को बचाने को लेकर बढ़ गई है। सुपौल में पड़ोसी देश नेपाल में हो रही बारिश का असर अब सुपौल जिले में भी दिखने लगा है। मधुबनी जिले के रास्ते आने वाली बिहुल नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। नदी का पानी मरौना प्रखंड के ललमनिया सहित अन्य पंचायतों के खेतों में फैलने लगा है। सबसे अधिक असर ललमनिया में दिख रहा है, जहां खेतों के साथ बगीचों में भी पानी भर गया है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। शनिवार से बढ़ रहा नदी का जलस्तर स्थानीय लोगों के अनुसार, बिहुल नदी का जलस्तर शनिवार से ही बढ़ना शुरू हो गया था। रविवार सुबह से स्थिति में तेजी से बदलाव देखने को मिला। नदी के आसपास स्थित खेत-खलिहानों में पानी फैलने से धान की फसल प्रभावित होने लगी है। किसानों को आशंका है कि जलस्तर में लगातार वृद्धि से फसल को नुकसान पहुंच सकता है। धान में बाली आने के समय बढ़ी परेशानी स्थानीय किसान परमेश्वर गुप्ता, रामकुमार कामत, रामनारायण राय, बरुन कामत, प्रभाष कामत और राजेश सहित अन्य ने बताया कि धान की फसल में बाली आने का समय है। ऐसे में खेतों में लगातार पानी जमा होने से फसल प्रभावित हो सकती है। किसानों के मुताबिक, यदि पानी लंबे समय तक खेतों में जमा रहा, तो धान की पैदावार घटने की आशंका है। ललमनिया के खेतों और बगीचों में घुसा पानी बिहुल नदी में उफान के कारण आसपास के निचले इलाकों में पानी फैल रहा है। निर्मली नगर के वार्ड सात और मरौना प्रखंड के ललमनिया समेत अन्य पंचायतों में खेतों तक पानी पहुंचने की सूचना है। ललमनिया में कृषि भूमि और बगीचों में जलजमाव से स्थिति अधिक चिंताजनक बनी हुई है। बारिश जारी रही तो बढ़ सकता है नुकसान नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से स्थानीय लोग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। किसानों को आशंका है कि यदि बारिश जारी रही और नदी का पानी इसी तरह फैलता रहा, तो धान की फसल को भारी नुकसान हो सकता है। फिलहाल किसानों की चिंता खेतों में जमा पानी और फसल को बचाने को लेकर बढ़ गई है।

