गयाजी के प्रसिद्ध मां मंगलागौरी मंदिर में नवरात्र के पहले दिन श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी है। दूर-दराज से दर्शन करने और पिंडदान के सिलसिले में पहुंचे तीर्थयात्रियों ने मंदिर प्रबंधन-स्थानीय पुलिस प्रशासन की व्यवस्थाओं सवाल उठाए। श्रद्धालुओं का सीधा आरोप है कि घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी कतारें आगे नहीं बढ़ी, जबकि प्रबंधन की ओर से पैसे लेकर लोगों को बीच लाइन में एंट्री दी गई। पैसे लेकर लोगों को घुसाया जा रहा: गिरीश चंद यूपी के गाजियाबाद से पहुंचे श्रद्धालु गिरीश चंद ने व्यवस्था पर करारा प्रहार किया। भास्कर से बातचीत में उन्होंने कहा कि यहां पिंडदान के लिए आया हूं। मुझे लाइन में लगे हुए करीब साढ़े तीन घंटे हो चुके हैं। पहले हमें एक तरफ भेजा गया, फिर वहां से नीचे भेज दिया गया। सबसे बड़ी बात यह है कि बीच में लोग पैसे दे-देकर अंदर घुस रहे हैं। पुलिस और प्रशासन की व्यवस्था पूरी तरह से बेकार है। लोग बेहद परेशान हैं, छोटे-छोटे बच्चे साथ में हैं। 2 घंटे में कुछ मीटर भी नहीं खिसकी लाइन: अरविंद पालीवाल माता के दर्शन और पिंडदान के लिए आए अरविंद पालीवाल ने कहा कि हम दिल्ली से आए हैं। सोचा था कि पिंडदान के साथ-साथ मां मंगलागौरी के दर्शन भी कर लेंगे। लेकिन यहां तो लाइन का कोई ठिकाना ही नहीं है। पहले उधर भेजा, फिर वहां से कहा गया कि नीचे जाओ। दो-ढाई घंटे से हम एक ही जगह खड़े हैं, कतार आगे बढ़ ही नहीं रही है। ‘व्यवस्था पूरी तरह ठप है’ एक अन्य बुजुर्ग श्रद्धालु ने भी मंदिर परिसर में मचे अफरा-तफरी के माहौल पर निराशा जताई। उन्होंने कहा कि यहां से पहले लाइन उधर लगाई गई, फिर कहा गया कि उधर जाकर लगो। सामान हाथ में है, उसे संभालें या धक्के खाएं। अव्यवस्था के कारण भारी दिक्कत हो रही है। ‘व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है’ मां मंगलागौरी के दर्शन करने पहुंची सुनीता कुमारी ने बताया कि हमलोग सासाराम से आए हैं। सुबह 9:30 बजे से लाइन में लगे हुए हैं। लग रहा है कि अभी और समय लगेगा। मां मंगलागौरी की बड़ी महिमा है, इसलिए दर्शन की आस में खड़े हैं, लेकिन भीड़ के बीच व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है। संरक्षण के लिए तैनात पुलिस ही करा रही अव्यवस्था: प्रेम कुमार गोस्वामी स्थानीय निवासी प्रेम कुमार गोस्वामी ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पुलिसवाले यहां लगे तो हैं, लेकिन वे लाइन का ठीक से प्रबंधन नहीं कर पा रहे हैं। अगर एक सिंगल लाइन बनाई जाती और उसी से लोगों को भेजा जाता तो इतनी अफरा-तफरी नहीं होती। जिनको सुरक्षा-व्यवस्था के लिए लगाया गया है, वे अपना काम छोड़कर बदइंतजामी को बढ़ावा दे रहे हैं। श्रद्धालु हो रहे परेशान मंदिर परिसर में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच व्यवस्था ठीक नहीं है। पुलिस-स्थानीय तंत्र की ढिलाई और कथित पक्षपात के कारण देश के कोने-कोने से आ रहे श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना करना पड़ा। सुबह 4 बजे से पहुंचे रहे हैं भक्त मंदिर के मुख्य पुजारी संजय गिरी ने बताया कि मां मंगला गौरी की पूजा-दर्शन के लिए दूर-दूर से भक्त आते हैं। सुबह 3:00 से 4:00 बजे के बीच कलश स्थापित किया गया है। इसके बाद सुबह 4:00 बजे से भीड़ शुरू हो गई है। शृंगार दिन में तीन बार होता है। सुबह 4:00 और 5:00 के बीच, दोपहर में 1:00 से 2:00 बजे के बीच और रात में 11:00 से 12:00 बजे के बीच विशेष पूजा-शृंगार किया जाता है। प्रतिदिन इसी प्रकार भक्तों की भीड़ बनी रहती है। अनुमान के तौर पर एक दिन में लगभग 1 लाख तक लोग आ जाते हैं, हालांकि इसका कोई निश्चित आंकड़ा या अंदाजा नहीं है। गयाजी के प्रसिद्ध मां मंगलागौरी मंदिर में नवरात्र के पहले दिन श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी है। दूर-दराज से दर्शन करने और पिंडदान के सिलसिले में पहुंचे तीर्थयात्रियों ने मंदिर प्रबंधन-स्थानीय पुलिस प्रशासन की व्यवस्थाओं सवाल उठाए। श्रद्धालुओं का सीधा आरोप है कि घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी कतारें आगे नहीं बढ़ी, जबकि प्रबंधन की ओर से पैसे लेकर लोगों को बीच लाइन में एंट्री दी गई। पैसे लेकर लोगों को घुसाया जा रहा: गिरीश चंद यूपी के गाजियाबाद से पहुंचे श्रद्धालु गिरीश चंद ने व्यवस्था पर करारा प्रहार किया। भास्कर से बातचीत में उन्होंने कहा कि यहां पिंडदान के लिए आया हूं। मुझे लाइन में लगे हुए करीब साढ़े तीन घंटे हो चुके हैं। पहले हमें एक तरफ भेजा गया, फिर वहां से नीचे भेज दिया गया। सबसे बड़ी बात यह है कि बीच में लोग पैसे दे-देकर अंदर घुस रहे हैं। पुलिस और प्रशासन की व्यवस्था पूरी तरह से बेकार है। लोग बेहद परेशान हैं, छोटे-छोटे बच्चे साथ में हैं। 2 घंटे में कुछ मीटर भी नहीं खिसकी लाइन: अरविंद पालीवाल माता के दर्शन और पिंडदान के लिए आए अरविंद पालीवाल ने कहा कि हम दिल्ली से आए हैं। सोचा था कि पिंडदान के साथ-साथ मां मंगलागौरी के दर्शन भी कर लेंगे। लेकिन यहां तो लाइन का कोई ठिकाना ही नहीं है। पहले उधर भेजा, फिर वहां से कहा गया कि नीचे जाओ। दो-ढाई घंटे से हम एक ही जगह खड़े हैं, कतार आगे बढ़ ही नहीं रही है। ‘व्यवस्था पूरी तरह ठप है’ एक अन्य बुजुर्ग श्रद्धालु ने भी मंदिर परिसर में मचे अफरा-तफरी के माहौल पर निराशा जताई। उन्होंने कहा कि यहां से पहले लाइन उधर लगाई गई, फिर कहा गया कि उधर जाकर लगो। सामान हाथ में है, उसे संभालें या धक्के खाएं। अव्यवस्था के कारण भारी दिक्कत हो रही है। ‘व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है’ मां मंगलागौरी के दर्शन करने पहुंची सुनीता कुमारी ने बताया कि हमलोग सासाराम से आए हैं। सुबह 9:30 बजे से लाइन में लगे हुए हैं। लग रहा है कि अभी और समय लगेगा। मां मंगलागौरी की बड़ी महिमा है, इसलिए दर्शन की आस में खड़े हैं, लेकिन भीड़ के बीच व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है। संरक्षण के लिए तैनात पुलिस ही करा रही अव्यवस्था: प्रेम कुमार गोस्वामी स्थानीय निवासी प्रेम कुमार गोस्वामी ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पुलिसवाले यहां लगे तो हैं, लेकिन वे लाइन का ठीक से प्रबंधन नहीं कर पा रहे हैं। अगर एक सिंगल लाइन बनाई जाती और उसी से लोगों को भेजा जाता तो इतनी अफरा-तफरी नहीं होती। जिनको सुरक्षा-व्यवस्था के लिए लगाया गया है, वे अपना काम छोड़कर बदइंतजामी को बढ़ावा दे रहे हैं। श्रद्धालु हो रहे परेशान मंदिर परिसर में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच व्यवस्था ठीक नहीं है। पुलिस-स्थानीय तंत्र की ढिलाई और कथित पक्षपात के कारण देश के कोने-कोने से आ रहे श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना करना पड़ा। सुबह 4 बजे से पहुंचे रहे हैं भक्त मंदिर के मुख्य पुजारी संजय गिरी ने बताया कि मां मंगला गौरी की पूजा-दर्शन के लिए दूर-दूर से भक्त आते हैं। सुबह 3:00 से 4:00 बजे के बीच कलश स्थापित किया गया है। इसके बाद सुबह 4:00 बजे से भीड़ शुरू हो गई है। शृंगार दिन में तीन बार होता है। सुबह 4:00 और 5:00 के बीच, दोपहर में 1:00 से 2:00 बजे के बीच और रात में 11:00 से 12:00 बजे के बीच विशेष पूजा-शृंगार किया जाता है। प्रतिदिन इसी प्रकार भक्तों की भीड़ बनी रहती है। अनुमान के तौर पर एक दिन में लगभग 1 लाख तक लोग आ जाते हैं, हालांकि इसका कोई निश्चित आंकड़ा या अंदाजा नहीं है।

